privatisation in india

प्राइवेट होने वाले सरकारी बैंकों में केंद्र सरकार का नहीं होगा कोई दखल, आरबीआई बदल सकता है नियम

सार्वजनिक बैंकों के निजीकरण की राह पर आगे बढ़ने की तैयारी कर केंद्र सरकार ऐसे बैंकों से पूरी तरह बाहर हो सकती है। दरअसल बैंकों के निजीकरण की प्रक्रिया को आकर्षक बनाने और बोलियां आमंत्रित करने के मकसद से सरकार यह फैसला लेना चाहती है।

इन कंपनियों के 70,000 कर्मचारी करने जा रहे हैं हड़ताल, मोदी सरकार के इस फैसले के हैं खिलाफ

बीते साल भी कर्मचारियों ने 23 अगस्त को हड़ताल का ऐलान किया था, लेकिन रक्षा मंत्रालय की ओर से यह कहा गया था कि अभी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड के कॉरपोरेटाइजेशन का फैसला नहीं लिया गया है।

LIC का आईपीओ आने में हो सकती है देरी, बड़ी रकम जुटाने के सरकार के प्लान को लग सकता है झटका

सरकार ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में 2.1 लाख करोड़ रुपये की रकम विनिवेश से जुटाने का लक्ष्य रखा है। लेकिन एलआईसी का आईपीओ न आने के चलते यह आंकड़ा 1 लाख करोड़ रुपये पर ही अटक सकता है।

एलआईसी में 25 पर्सेंट हिस्सेदारी बेचने के लिए कानून बदलने की तैयारी में मोदी सरकार, जानें- क्या है पूरा प्लान

विनिवेश और सरकारी संपत्तियों को बेचने का भी सरकार ने 2.1 लाख करोड़ रुपये का जो लक्ष्य रखा है, वह भी पूरा होता नहीं दिख रहा है। अब तक सरकार 5,700 करोड़ रुपये की ही एसेट्स की बिक्री कर पाई है।

इन 26 कंपनियों को प्राइवेट हाथों में सौंपने की तैयारी में मोदी सरकार, भारत पेट्रोलियम से पवन हंस तक देखें पूरी लिस्ट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी पिछले दिनों 23 पीएसयू के निजीकरण का ऐलान किया था, लेकिन आरटीआई में 26 कंपनियों के प्राइवेटाइजेशन का खुलासा हुआ है।

निजीकरण के खिलाफ BPCL कर्मचारियों की हड़ताल, कंपनी के प्राइवेट होने पर सेवानिवृत्ति लाभ न मिलने का डर

कर्मचारियों की आरोप है कि सरकार ने जून 2020 के बाद कंपनी मैनेजमेंट को 10 साल के कॉन्ट्रैक्ट सेवा की समीक्षा करने का अधिकार दिया है। इसकी मदद से जो भी प्राइवेट मैनेजमेंट कंपनी को अपने अधिकार में लेगा, वह श्रमिकों के सेवा की शर्तों में संशोधन करेगा।

एलआईसी में 25 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर खजाना भरेगी केंद्र सरकार, IPO लाने की तैयारी हुई पूरी

मोदी सरकार को कोरोना काल में एलआईसी के आईपीओ से बड़ी रकम जुटने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इस दौर में कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च बढ़ने और टैक्स में कमी होने के अंतर की भरपाई एलआईसी की हिस्सेदारी को बेचने से पूरी हो जाएगी।

SBI समेत सिर्फ ये 4 बैंक रह जाएंगे सरकारी, इन बैंकों के निजीकरण की राह पर बढ़ेगी मोदी सरकार

बैंकों के निजीकरण के लिए मोदी सरकार 1970 में बैंकों के राष्ट्रीयकरण के लिए बने कानून बैंकिंग कंपनीज ऐक्ट को निरस्त कर सकती है। ऐसा करना सरकार के लिए मुश्किल भी नहीं होगा क्योंकि संसद के दोनों सदनों से वह बिल को पारित कराने में सक्षम है।

मुंबई एयरपोर्ट में 74% हिस्सेदारी ख़रीद दुनिया के ‘इन्फ़्रा किंग’ बने गौतम अडानी, जानिए कितना फैला है साम्राज्य

यही नहीं हाल ही में कंपनी को दुनिया का सबसे बड़ा सोलर ठेका भी मिला है। केंद्र सरकार के सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की ओर से अडानी समूह को इसी साल 8 गीगावॉट के पावर प्लांट का ठेका दिया गया था।

उड्डयन मंत्री ने दिए बड़े पैमाने पर निजीकरण के संकेत, कहा- सरकार को न एयरपोर्ट चलाने चाहिए और न एयरलाइंस

एयर इंडिया पर 50 हज़ार करोड़ से अधिक का क़र्ज़ है, जिसके बाद सरकार ने इसे बेचने का फैसला लिया था। एयर इंडिया की हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया 27 जनवरी को शुरू की गई थी।

सरकारी डिफेंस कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स की 15 फीसदी हिस्सेदारी बेच रही मोदी सरकार, मिलेंगे 5,000 करोड़ रुपये

केंद्र सरकार ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल्स लिमिटेड की 15 फीसदी हिस्सेदारी को बेचने का फैसला लिया है। ऑफर फॉर सेल के जरिए कंपनी की यह हिस्सेदारी बेची जाएगी, इससे सरकार को 5,000 करोड़ रुपये मिलने की संभावना है।

अगले साल मार्च तक निजी हाथों में होंगे ये 4 सरकारी बैंक, मोदी सरकार ने तेज की हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया

Privatisation of public sector banks: सरकार पंजाब ऐंड सिंध बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, यूको बैंक और आईडीबीआई बैंक में बड़ी हिस्सेदारी रखती है और अब इसे बेचना चाहती है। सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार की योजना कई सरकारी बैंकों का निजीकरण करने और कुछ बैंकों में हिस्सेदारी बेचकर बड़ा बजट फंड की है।

बीमा सेक्टर में भी बड़े पैमाने पर निजीकरण की तैयारी? रेलवे और बैंकिंग समेत इन अहम क्षेत्रों पर सरकार का फोकस

बैंकिंग सेक्टर में भी सरकार निजीकरण की राह पर आगे बढ़ने की योजना बना रही है। अपने कार्यकाल में अब तक बैंकों के विलय को अंजाम देती रही मोदी सरकार अब सरकारी बैंकों में हिस्सेदारी बेचेगी।

बड़े पैमाने पर निजीकरण की तैयारी में मोदी सरकार, नीति आयोग तैयार कर रहा सरकारी संपत्तियां बेचने का ‘मास्टर प्लान’

वित्त मंत्रालय ने कहा कि हमने नीति आयोग से अगले 5 साल के लिए प्लान तैयार करने को कहा है। उन्होंने कहा कि प्लान तैयार करने से मार्केट को यह संकेत दिया जा सकेगा कि आने वाले वक्त में किन सेक्टर्स में सरकार अपनी हिस्सेदारी बेच सकती है।

राशिफल
X