Pollution

चुनौती बनता जल प्रदूषण

विगत कुछ सालों में मौसम परिवर्तन के कारण वर्षा की अनियमित स्थिति, कम वर्षा आदि को देखते हुए उद्योगों को अपनी जल खपत पर नियंत्रण करना सीखना चाहिए। साथ ही दूषित जल का समुचित उपचार कर इसे फिर से उपयोगी बनाया जाना चाहिए, ताकि जलस्रोतों के अत्यधिक दोहन की स्थिति से बचा जा सके।

राजनीति: अर्थव्यवस्था बनाम प्रदूषण

पर्यावरण को हो रहे नुकसान के कारण ही जलवायु परिवर्तन का खतरा बढ़ता जा रहा है। इससे वर्षाचक्र गड़बड़ा रहा है। दुनिया की बहुत बड़ी आबादी के सिर पर पीने का पानी और पर्याप्त कृषि उपज का संकट मंडराने लगा है। अगर इसी तरह पर्यावरण तबाह होता रहा तो आगे चल कर एक आर्थिक दुर्घटना को टालना मुश्किल नजर आ रहा है।

संपादकीय: प्रदूषण के उद्योग

दिल्ली सहित समूचे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर का सवाल है, यहां किसी न किसी वजह से पूरे साल प्रदूषण की स्थिति सुर्खियों में रहती है। लेकिन कभी समस्या की जड़ पर बात करने और उसे दूर करने के लिए ठोस पहल नहीं होती है।

वायु प्रदूषण से गई 17 लाख भारतीयों की जान, जीडीपी को हुआ 1.4 फीसदी का नुकसान; स्टडी में हुआ खुलासा

“द इंडिया स्टेट लेवल डिजीज बर्डन इनिशिएटिव” नाम की ताजी लैंसेट रिपोर्ट में भीतरी (इनडोर) और बाहरी (आउटडोर) स्रोतों से होने वाले वायु प्रदूषण के स्वास्थ्य और आर्थिक प्रभावों का आकलन किया गया है।

दिन ब दिन बढ़ रहा है राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार दिल्ली के आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण कारक कण पीएम 2.5 और पीएम 10 की मात्रा भी अधिक दर्ज की गई।

यूपीः प्रदूषण पर नहीं लगाया अंकुश तो डीएम ने रोक दी पॉल्यूशन बोर्ड प्रमुख की सैलरी

अधिकारी को फील्ड विजिट कर प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए उपाय भी बताने को कहा गया था। हालांकि प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी द्वारा इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया, जिससे नाराज होकर जिलाधिकारी ने उक्त कार्रवाई की है।

राजनीति: दम तोड़ती नदियां

नदियों के जल प्रवाह और उनके जीवन की रक्षा के लिए समाज से लेकर सरकारों के स्तर पर जो उपेक्षा होती आई है, उसी का परिणाम है कि आज नदियों का जीवन समाप्त हो रहा है। देश की लगभग साढ़े चार हजार नदियां गायब हो चुकी हैं और उनकी अनुगामी बन कर अन्य नदियां अपना अस्तित्व समाप्त होने की बाट जोह रही हैं।

‘सफर’ ने दी चेतावनी: अगले दो दिन तक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हवा रहेगी जहरीली: पराली के कारण बिगड़ेगी हालत

दिल्ली में सोमवार सुबह के समय वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) 232 दर्ज किया गया। इस दिन शाम तक चांदनी चौक में हवा बहुत (342) खराब दर्ज की गई। नोएडा का भी यही हाल था, जहां एक्यूआइ 300 के पार रहा।

World Environment Day 2020: लॉकडाउन से दिखी पर्यावरण सुधार की राह, क्या सबक लेंगे हम?

World Environment Day 2020 Date, History: डॉ.संजीव मिश्र बता रहे हैं कि किस तरह लॉकडाउन ने हमें पर्यावरण सुधार की राह दिखाई है और इससे सबक लेकर हमें पर्यावरण सुधार की कार्य योजना बनाने की जरूरत है…

VIDEO: असम में नदी में लगी आग, तेल पाइपलाइन में विस्फोट के बाद हुआ हादसा

ग्रामीणों ने तीन दिन पहले नदी में आग लगने की स्थानीय प्रशासन को सूचना दी थी, लेकिन अधिकारियों ने अभी तक आग की लपटों को कम करने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कुछ भी नहीं किया है।

भारत के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में 6 यूपी के, ग्रीनपीस इंडिया ने जारी की रिपोर्ट, नोएडा और गाजियाबाद में सबसे अधिक प्रदूषण

भारत के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में 6 शहर सिर्फ यूपी के हैं। ग्रीनपीस इंडिया की ताजा रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।

पॉल्यूशन पर संसद की बहस में नहीं पहुंचे अधिकारी, स्टाफ तो स्पीकर ने लगायी झाड़, नोटिस जारी कर मांगा जवाब

बीते दिनों प्रदूषण के मुद्दे पर ही संसद भवन में संसदीय स्थायी समिति की बैठक होनी थी। इस बैठक में भी एमसीडी के तीन कमिश्नर, डीडीए के उपाध्यक्ष और पर्यावरण विभाग के संयुक्त सचिव जैसे अहम अधिकारी शामिल नहीं हुए थे।

संसद में प्रदूषण पर बोले कांग्रेस नेता- क्यों खटखटाना पड़ता है SC का गेट, जब चीन हवा साफ कर सकता है तो हम क्यों नहीं?

प्रवेश साहिब वर्मा ने कहा कि दिल्ली के सीएम प्रदूषण के लिए किसानों के पराली जलाने को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं और यह बताने के लिए वह अखबारों में करोड़ों रुपए के विज्ञापन छपवा रहे हैं!

प्रदूषण पर नीतीश सरकार की आपात बैठक, 15 साल पुरानी गाड़ियों पर लगाया बैन, इन सरकारी गाड़ियों पर भी गाज

चीफ सेक्रेट्री के मुताबिक, “बैन कल से अमल में आएगा और तभी अधिसूचना भी जारी कर दी जाएगी। यह व्यवस्था अगले आदेश तक जारी रहेगी।”

दुनिया मेरे आगेः प्रदूषण की थाली

रोजमर्रा के इस्तेमाल में आने वाले पॉलीथिन की तो बात ही दूर है, जिसे हम आमतौर पर इस्तेमाल के बाद फेंक देते हैं। इसके अलावा, कुर्सियां, टेबल, खिलौने, बर्तन, डिब्बे, पाइप, टंकी, बाल्टी, खाट आदि सब टिकाऊ प्लास्टिक के रूप में हमारी जिंदगी में शामिल हो चुके हैं।

चौंकाने वाली रिपोर्ट, भारत में मां का दूध भी हो गया अशुद्ध!

रिपोर्ट के अनुसार, मिट्टी प्रदूषण के लिए बेतहाशा औद्योगिकीकरण, युद्ध, खनन और कृषि के लिए इस्तेमाल हो रहे कीटनाशक और रसायनों का बहुत बड़ा हाथ है।

…अगर ऐसा नहीं होगा तो कुछ सालों में दिल्ली बीमारी और आपदाओं का शहर बन जाएगी

डीडीए अगर प्रधानमंत्री की अपील पर ध्यान देकर जल संरक्षण में सहयोग करे तो इलाके में 50 से 100 तालाब पुनर्जीवित किए जा सकते हैं, जो करीब 30 लाख लोगों की पानी की जरूरत पूरी कर सकते हैं।

राहत के बावजूद

बीस सर्वाधिक वायु प्रदूषण वाले शहरों में आधी हिस्सेदारी अकेले भारत की है। दो साल पहले आई रिपोर्ट में बीस शहरों की इस तरह की सूची में भारत के तेरह शहरों के नाम थे।

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