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LAC विवाद के बीच भारत के क़ब्ज़े में चीन का सैनिक, सेना बोली- PLA जवान को लौटा देंगे

सीमा पर टकराव को लेकर दोनों पक्षों के बीच अब तक उच्च स्तरीय सैन्य वार्ता के सात दौर हो चुके हैं। सातवें दौर की वार्ता 12 अक्टूबर को हुई थी।

संपादकीय: चीन का रुख

चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियां उसकी युद्ध की मानसिकता और तैयारियों का संकेत हैं। इससे यह जाहिर होता है कि वह किसी न किसी बहाने भारत को उकसा कर लड़ाई छेड़ने की फिराक में है। इस साल मई से लेकर अब तक के घटनाक्रम से भी इसकी पुष्टि होती है।

बोले BJP सांसद- चीन के शी जिनपिंग ने PLA से कहा कि जंग को रहें तैयार, हैरान हूं कि हमारी सरकार से कोई ना दे रहा जवाब

स्वामी ने ट्वीट किया, ‘यह हैरान करने वाला है कि हमारी सरकार ने इस पर जवाब नहीं दिया कि ‘हां, हम भी आपको घर भेजने के लिए तैयार हैं। सीधे तरीके या टेढ़ा तरीके से- जैसी आपकी इच्छा हो?’

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सीमा पर तैनात हमारे हेलीकॉप्टर और लड़ाकू विमानों के बारे में भी वायुसेना प्रमुख ने जानकारी दी और कहा की पूर्व में हासिल किये गए सी-17 ग्लोबमास्टर, चिनूक और अपाचे हेलीकॉप्टरों के साथ हाल में वायुसेना में शामिल राफेल लड़ाकू विमानों ने वायुसेना की सामरिक और रणनीतिक क्षमता में पर्याप्त बढ़ोतरी की है।

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India-China Border News, India-China LAC Standoff Live Updates: पैंगोंग और रेजांग ला इलाकों में तनातनी के बाद अब देपसांग, गोगरा, हाट स्प्रिंग इलाकों में भी चीनी सेना अपना दबदबा बनाने का प्रयास कर रही है, जिससे तनाव और ज्यादा बढ़ रहा है।

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लोकसभा में पूर्वी लद्दाख की स्थिति पर दिये गये एक बयान में रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि इस सदन को प्रस्ताव पारित करना चाहिए कि यह सदन और सारा देश सशस्त्र बलों के साथ है जो देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए डटकर खड़े हैं।

चीनी सैनिकों ने हमारी चौकियों के करीब आने की कोशिश की, उन्होंने ही की थी फायरिंग- LAC पर तनाव के बीच भारत का बयान

सेना ने बयान में ये भी कहा है कि चीनी सेना की पश्चिमी कमांड द्वारा अपने देशवासियों और अन्तरराष्ट्रीय बिरादरी को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।

LAC पर फिर माहौल गर्म: चीन बौखलाया, बोला- भारतीय सैनिकों ने हमारे इलाके में घुसकर फायरिंग की

चीनी सैन्य प्रवक्ता झांग ने आगे कहा कि वह भारतीय पक्ष से मांग करते हैं कि खतरनाक कदमों को तुरंत रोका जाए। हालांकि, चीन के इस दावे पर फिलहाल भारत की ओर से कोई बयान नहीं आया है।

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राजनाथ सिंह और चीनी रक्षा मंत्री वेई फेंग शंघाई कॉ-ऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (SCO) की बैठक में हिस्सा लेने गए हुए हैं। दोनों नेताओं के बीच 2 घंटे 20 मिनट तक बात हुई।

भारत और चीन की सीमा निर्धारित नहीं, वहां हमेशा समस्याएं रहेंगी- बोले चीनी विदेश मंत्री

वांग ने कहा कि इसके साथ ही द्विपक्षीय सबंधों में इन मुद्दों को उनके सही स्थान पर रखना चाहिए। चीनी विदेशमंत्री ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार मुलाकात की है और कई अहम सहमति पर पहुंचे हैं।

भारत-चीन तनाव: जानें क्यों सामरिक रूप से अहम है पैगॉन्ग साउथ बैंक

कराकोरम पर्वत श्रृंख्ला, जो कि तजाकिस्तान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, चीन और भारत तक फैली हुई हैं। इनकी ऊंचाई 6000 मीटर है, जिसकी K2 पीक दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची चोटी है और पैंगोंग झील के उत्तरी तट तक फैली हुई है।

पूर्व लद्दाख में दादागिरी पर अड़ा चीन, भारत को फिर ‘उकसाया’; दोष मढ़ बोला- PLA ने नही लांघी LAC

भारतीय सेना के हवाले से बताया कि जवानों ने पैंगोंग सो क्षेत्र में ‘‘एकतरफा’’ यथास्थिति बदलने के लिए चीन की पीएलए की चलाई गई ‘‘उकसावेपूर्ण सैन्य गतिविधि’’ विफल कर दी।

LAC पर सेना पूरी तरह हटाने के बजाय बढ़ाने लगा चीन, कमांडर लेवल की बातचीत में फिंगर एरिया पर रहा फोकस

चाइनीज आर्मी बातचीत के बावजूद लद्दाख के पैंगोंग त्सो और देपसांग इलाकों से पीछे नहीं हट रही है। इतना ही नहीं चीन अरुणाचल प्रदेश में एलएसी के नजदीक भी अपनी सेना की तैनाती बढ़ा रहा है।

गलवान घाटी के फिंगर 4 में अभी भी डटी हुई है चीनी सेना, 10 जुलाई की लैटेस्ट सैटेलाइट इमेजरी से हुआ खुलासा

दोनों सेनाओं के बीच अगले हफ्ते कोर्प्स कमांडर लेवल की बातचीत हो सकती है। दोनों पक्षों ने विवाद वाली तीन जगहों गलवान घाटी, गोगरा और हॉट स्प्रिंग्स में 3 किलोमीटर का बफर जोन बना लिया है।

‘पूरी इंटेलिजेंस की नाकामी है गलवान में चीनी घुसपैठ और खूनी झड़प, तुरंत बदलें खुफिया तंत्र’, 140 मिलिट्री वेटरन्स ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी

चिट्ठी में 15 जून को गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के लिए राजनैतिक, सामाजिक और सैन्य स्तर की नाकामी को जिम्मेदार ठहराया गया है।

1962 की जंगः जब चीन के खिलाफ भारत नहीं था तैयार, सैनिकों के पास नहीं थे जूते और हथियार, पढ़ें रोचक बातें

किताब इसके अलावा यह भी बताती है कि आखिर 600 चीनी सैनिक कैसे तब भारत में घुसे थे। साथ ही इसमें दिल्ली से जारी आदेशों का ब्यौरा भी दिया गया और केंद्रीय मंत्रालयों के बीच भ्रम की स्थिति को भी उजागर किया गया।

गलवान घाटी में भारतीय सेना ने तैनात किए टी-90 टैंक, चीन को मुंहतोड़ जवाब देने की तैयारी

सेना ने सीमा पर होवित्जर तोपों के अलावा दो टैंक रेजीमेंट भी चुसुल सेक्टर में तैनात कर दी है। चीनी सेना द्वारा भारत के साथ डील करने की कोशिश की जा रही है लेकिन भारतीय सेना यथास्थिति बहाल करने की मांग पर अड़ी है।

गलवान घाटी में जिस जगह हुई थी हिंसक झड़प, वहां चीनी सेना ने किया निर्माण, अब भारतीय सेना पर नजर रख सकती है PLA

गलवान घाटी में पीपी-14 पॉइंट के पास के तटबंधीय इलाके में निर्माण कार्य इसलिए भी अहम है क्योंकि चीनी सेना यहां से नीचे नदी के तट पर भारतीय सेना की गतिविधियों पर नजर रख सकती है।

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