phoolan devi

बैंडिट क्वीन का वो न्यूड सीन जिसे शूट कर रोने लगी थीं ‘फूलन’

सीमा के पिता ने उन्हें बेहद मुश्किलों से एनएसडी पढ़ने के लिए भेजा था। उस दौरान उन्हें सरकार से प्रति माह 750 रूपए का गवर्नमेंट अलाउंस मिलता था। कई बार तो ऐसी स्थितियां भी आती थीं कि सीमा को दिनभर में महज एक सेब खाकर गुज़ारा करना पड़ता था।

फूलन देवी की बहन बोलीं- शेर सिंह राणा नहीं, पति ने की बैंडिट क्वीन की हत्या

अब फूलन देवी की छोटी बहन और इस मामले की चश्मदीद गवाह मुन्नी देवी ने नया खुलासा कर दिया है। मुन्नी देवी का कहना है कि फूलन देवी की हत्या शेर सिंह राणा ने नहीं की है, उसे फंसाया गया है। फूलन देवी का असली कातिल उसका पति उम्मेद सिंह है।

‘सर, ये सीन हुआ तो गांव में गोलियां चल जाएंगी’ शेखर कपूर ने कुछ यूं फ़िल्माया था बैंडिट क्वीन का विवादित न्यूड सीन

शेखर कपूर की बैंडिट क्वीन को कई फ़िल्मकार भारतीय सिनेमा की एक महत्वपूर्ण फ़िल्म के रूप में शुमार करते हैं। बैंडिट क्वीन क्रूरता की हदें दिखाती है, कई दर्शकों को पोलाराइज़ करती हैं। ये एक ऐसी फ़िल्म है जिसे आप देखना भी चाहेंगे और शायद नहीं भी। इसी फ़िल्म के एक विवादास्पद सीन से जुड़ा एक किस्सा।

बेहमई हत्‍याकांड: 34 साल बाद नाबालिग करार दिया गया फूलन देवी गैंग का सदस्‍य

बेहमई गांव में फूलन देवी और उसकी गैंग ने बदले की कार्रवाई करते हुए 1981 में 21 राजपूतों की हत्‍या कर दी। थी। अपने साथ हुए रेप का बदला लेने के लिए उसने इस घटना को अंजाम दिया था।

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