Osho

मेडिटेशन यानी कुछ न करना… पर क्या ये संभव है, जानिए ओशो वाणी

Osho meditation: ध्यान करते समय तुम परमात्मा का स्मरण कर रहे हो न या संसार का, क्योंकि वो सभी विचार है..न तुम भीतर दोहरा रहे हो कि अहं ब्रह्मास्मि..मैं आत्मा हूं मैं ब्रह्म हू..ये सब बकवास है…इसे दोहराने से कुछ न होगा

Osho Art of Listening: आंख से ज्यादा चौकन्ने हैं कान, इसलिए सुनने की कला ही बनाती है सफल

Osho Quotes for love : आंख का कंट्रोल तुम्हारे हाथ में है लेकिन कान परमात्मा के हाथ में…तुम्हारी गहरी नींद में भी कान खुला है लेकिन आंख बंद है..मूर्छित हो आंख बंद है लेकिन कान तब भी खुला है…नींद में पड़े आदमी के पास जागा आदमी खड़ा हो जाए तो शायद वह नहीं देख पाएगा लेकिन अगर वह उसे आवाज दे तो वह जाग जाएगा।

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