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ऐसी दिखती है मंगल की लाल धरती, NASA ने जारी किया पहला ऑडियो और लैंडिंग VIDEO

नासा का रोवर ‘पर्सवियरन्स’ शुक्रवार तड़के मंगल की सतह पर उतरा था। यह जेजोरो क्रेटर (महाखड्ड) में उतरा है। यह नासा द्वारा अब तक भेजा गया सबसे बड़ा और सर्वाधिक उन्नत रोवर है।

लाल ग्रह से आया पहला संदेश…यहां सब कुछ ठीक

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के पर्सीवरेंस मंगल ग्रह रोवर ने मंगल ग्रह से दुनिया के लिए पहली रंगीन फोटो और खुद की सेल्फी भेजी है।

मंगल पर पहुंचा NASA का रोवर, ऑपरेशन को लीड कर रही है भारतीय मूल की इंजीनियर, जानिए- कौन हैं डॉ स्वाति मोहन?

डॉ. स्वाति मोहन एक भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिक हैं, जो विकास प्रक्रिया के दौरान प्रमुख सिस्टम इंजीनियर होने के अलावा, टीम की देखभाल भी करती हैं और गाइडेंस, नेविगेशन और कंट्रोल के लिए मिशन कंट्रोल स्टाफिंग का शेड्यूल करती हैं।

भारतीय मूल की भाव्या लाल बनी NASA की कार्यकारी प्रमुख, जानिए कौन हैं

भव्या लाल ने विश्व प्रसिद्ध मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से न्यूक्लियर इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके अलावा भव्या ने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से ही टेक्नोलॉजी और पॉलिसी में मास्टर ऑफ साइंस भी किया है।

व्यक्तित्व,राजा जॉन : नासा के चंद्र अभियान में शामिल भारतवंशी

राजा चारी समेत अंतिम रूप से चांद पर जाने के लिए चुने गए सभी 18 अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्र अभियान से जुड़े कई प्रशिक्षण पहले मिल चुके हैं। चारी स्पेसवॉकिंग (अंतरिक्ष में चहलकदमी), रोबोटिक्स इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन प्रणाली, टी-38 जेट प्रोफिशिएंसी और रूसी भाषा का प्रशिक्षण पहले ही ले चुके हैं।

शोध: अंतरिक्ष में उगाई गई मूली की फसल

नासा काफी लंबे समय से स्पेस स्टेशन में फसलों को उगाने के लिए शोध जारी रखे हुए है। ताजा शोध अभियान के तहत अंतरिक्ष यात्री केट रूबिंस ने प्रयोग में यह समझने की कोशिश की है कि कम गुरुत्वाकर्षण में पौधे कैसे बढ़ते हैं। यह पहली बार है, जब वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में मूली के पौधों की खेती करने में कामयाबी हासिल की है।

चौपाल: अंतरिक्ष में प्रदूषण

सन् 1957 में तत्कालीन सोवियत संघ द्वारा निर्मित कृत्रिम उपग्रह स्पुतनिक-1 को छोड़े जाने के बाद अब तक एक अनुमान के अनुसार लगभग तेईस हजार से भी ज्यादा उपग्रहों को अंतरिक्ष में दुनिया के विभिन्न देशों द्वारा छोड़ा जा चुका है।

राजनीति: अंतरिक्ष पर्यटन और चुनौतियां

जैसे-जैसे सरकारी एजेंसियां खर्चीले अभियानों से अपने हाथ खींच रही हैं, वैसे-वैसे निजी एजेंसियां मौके को भुनाने की कोशिशें कर रही हैं। उन्हें लग रहा है कि अंतरिक्ष को अब पर्यटन का केंद्र बनाया जा सकता है और दुनिया भर के अमीरों को इस रोमांचक यात्रा पर ले जाकर पैसे कमाए जा सकते हैं।

चांद पर मिला पानी! चंद्रयान-1 की खोज के 11 साल बाद NASA के वैज्ञानिकों को मिले अहम सबूत

वैज्ञानिकों का अनुमान है कि चांद के लूनर क्षेत्र में करीब 40 हजार स्कवायर किलोमीटर इलाके में पानी हो सकता है। स्टडी में पता चला है कि चांद के लूनर इलाके का तापमान माइनस 184 डिग्री सेल्सियस तक है।

विशाल क्षुद्र ग्रह सेरेस पर मिला पानी का सबसे बड़ा स्त्रोत, सतह के नीचे छिपा हुआ है विशाल समुद्र

आंकड़ों के आधार पर एक शोध पत्र जारी हुआ है जो नेचर एस्ट्रोनॉमी, नेचर जियोसाइंस और नेचर कम्युनिकेशंस नामक विज्ञान पत्रिकाओं में प्रकाशित हुआ है।

नौ साल बाद नासा ने फिर रचा इतिहास, निजी कंपनी SpaceX के रॉकेट से दो अंतरिक्ष यात्रियों को ISS पर भेजा

नासा के डग हार्ले और बॉब बेनकेन ने स्पेस एक्स कंपनी के रॉकेट Falcon 9 के आगे लगे कैप्सूल में बैठकर शनिवार शाम 3.22 बजे आसमान के लिए उड़ान भरी।

CHANDRAYAN 2: भारतीय वैज्ञानिक ने ढूंढा विक्रम लैंडर के अवशेष! जानें क्या बोले चेन्नई के इंजीनियर सुब्रमण्यम

33 साल के शनमुगा सुब्रमण्यम ने चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम के मलबे का पता लगाया और नासा ने इसकी औपचारिक घोषणा की है। लैंडर ‘विक्रम’ का चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग के दौरान चंद्रयान-2 से संपर्क टूट गया था।

Chandrayaan-2 के ऑर्बिटर ने चांद पर ढूंढ़े सोडियम, कैल्सियम, अल्म्यूनियम; ISRO ने दी जानकारी

Chandrayaan 2: इसरो ने जानकारी दी कि पेलोड अपना काम बेहतरीन तरीके से कर रहे हैं और चंद्रमा की सतह पर मौजूद चार्ज पार्टिकल्स का पता लगा रहे हैं।

Chandrayaan 2 Vikram Lander Updates: NASA का दावा विक्रम की हुई थी हार्ड लैंडिंग,जारी की तस्वीरें

Chandrayaan 2 Vikram Lander Latest News Updates, NASA ISRO Chandrayaan 2 Vikram Lander Images Latest News Update: एलआरओ जब अक्टूबर में चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव के पास से गुजरेगा तो उस समय उपयुक्त रोशनी रहने का अनुमान है। नासा एक बार फिर उस समय लैंडर का पता लगाने और उसकी तस्वीर लेने का प्रयास करेगा।

Chandrayaan 2: नासा ने चंद्रयान-2 के लैंडिंग स्थल की तस्वीरें खींची, लेकिन अबतक नहीं हुआ कोई संपर्क

Chandrayaan 2 Vikram Lander: नासा के लूनर रिकॉनिसंस ऑर्बिटर (एलआरओ) अंतरिक्षयान ने 17 सितंबर को चंद्रमा के अनछुए दक्षिणी ध्रुव के पास से गुजरने के दौरान वहां की कई तस्वीरें ली, जहां विक्रम ने उतरने का प्रयास किया था।

चंद्रयान-2: NASA ने खींची के लैंडिंग स्थल की लेटेस्ट तस्वीरें, 21 सितंबर को Vikram Lander से संपर्क की होगी कोशिश

Chandrayaan-2, Vikram Lander, NASA, ISRO: नासा के लूनर रिकॉनिसंस ऑर्बिटर (एलआरओ) अंतरिक्षयान ने 17 सितंबर को चंद्रमा के अनछुए दक्षिणी ध्रुव के पास से गुजरने के दौरान वहां की कई तस्वीरें ली, जहां विक्रम ने उतरने का प्रयास किया था ।

Chandrayaan 2: ‘विक्रम’ की ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ अंतिम क्षणों में कैसे बदल गई ‘हार्ड लैंडिंग’ में? जानिए क्या कहता है डेटा

Chandrayaan 2: विक्रम लैंडर से संपर्क करने के लिए अब अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) भी इसरो की मदद कर रही है। नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी विक्रम को रेडियो सिग्नल भेज रही है।

पृथ्वी से बाहर अंतरिक्ष में पहली बार हुआ अपराध! शक के घेरे में यह महिला

गौरतलब है कि मैकक्लेन की 2014 में वायुसेना के पूर्व खुफिया अधिकारी समर वॉर्डन से शादी हुई थी। शादी के चार साल बाद 2018 में दोनों का तलाक हो गया।

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