Modi to farmers

किसानों की इनकम बढ़ाने के लिए मोदी सरकार का नया प्लान, बांस की खेती पर होगा फोकस

कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा कि सरकार बांस क्षेत्र के विकास के लिए जांच-परख कर रही है। इससे किसानों की आय दोगुना करने में मदद मिल सकती है।

PM-KMY: किसानों के बुढ़ापे का सहारा है मोदी सरकार की ये स्कीम, हर महीने मिलती है 3000 रुपये की रकम

प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना की शुरुआत (पीएम-केएमवाई)। इस योजना में 60 वर्ष की उम्र पर पात्र लघु और सीमांत किसानों को प्रति माह न्यूनतम रु 3,000 रुपये का भुगतान करने का प्रावधान है।

किसान आंदोलन: ट्रैक्टर रैली में हिंसा पर राकेश टिकैत ने पूछा- कोई वहां झंडा फहरा गया, गोली क्यों नहीं चलाई? पुलिस कहां थी?

राकेश टिकैत का कहना है कि ट्रैक्टर परेड के दौरान जिस व्यक्ति ने लाल किले पर अपना झंडा फहराया, उसे पुलिस ने गोली क्यों नहीं मारी। पुलिस कहां थी। झंडा फहराने के बाद भी उस व्यक्ति को जाने दिया गया।

कृषि कानूनों पर रार, बजट सत्र से पहले राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार करेगा विपक्ष

कांग्रेस नेता गुलामनबी आजाद ने कहा है कि 16 राजनीतिक पार्टियां बजट सत्र से पहले राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार करेंगी। उनका कहना है कि इसकी प्रमुख वजह तीन कृषि कानूनों को संसद से जबरन पास कराया जाना है।

ट्रैक्टर परेड के लिए किसान तैयार,आज सड़क पर, एक फरवरी को संसद कूच

किसानों ने गणतंत्र दिवस के मौके पर मंगलवार को ट्रैक्टर परेड के लिए बड़े स्तर पर तैयारी की है। ट्रैक्टर परेड को लेकर दिल्ली में बहुस्तरीय सुरक्षा के जबरदस्त इंतजाम किए गए हैं।

PM किसान योजना से 20 लाख अयोग्य लाभार्थियों को 1,364 करोड़ रुपए का भुगतान- RTI

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की शुरुआत केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में की थी और इसके तहत सीमांत या छोटे किसानों या जिनके पास दो हेक्टेयर से कम कृषि भूमि है, उन्हें साल में तीन बराबर-बराबर किस्तों में कुल छह हजार रुपये की राशि दी जाती है।

वार्ता के लिए सरकार ने किसानों को कल बुलाया

सरकार ने आंदोलन कर रहे 40 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों को अगले दौर की वार्ता के लिए 30 दिसंबर को बुलाया है। कृषि सचिव संजय अग्रवाल ने अपने पत्र में उन्हें राष्ट्रीय राजधानी के विज्ञान भवन में 30 दिसंबर को दोपहर दो बजे वार्ता करने के लिए न्योता दिया है।

संपादकीय: संवाद की जरूरत

नए कृषि कानून वापस लेने की मांग को लेकर पिछले बत्तीस दिनों से देशभर के किसान जिस ताकत के साथ मोर्चे पर डटे हैं, उससे लगता नहीं है कि जल्द ही इस समस्या का कोई समाधान निकलने वाला है। सरकार और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच अब तक वार्ताओं के जितने भी दौर हुए, सब बेनतीजा रहे। बुधवार को एक बार फिर वार्ता होगी।

संबित पात्रा ने री-ट्वीट कर कार्टून के जरिए समझाया कृषि बिल पर क्या है भ्रम! तो सोशल मीडिया पर पूछे जाने लगे ये सवाल

इस वीडियो में किसान पीएम मोदी से सवाल करते दिखते हैं कि इस बिल से उन्हें नुकसान होगा? ऐसे में पीएम का कार्टून इस बात से साफ इनकार करता है और साथ ही बताता है कि वह …

चौपाल: संवाद ही रास्ता

जनसत्ता का संपादकीय- आंदोलन और अड़चन पढ़ा। केंद्र सरकार का यह कदम स्वागत योग्य है कि किसान सम्मान निधि से अठारह हजार करोड़ रुपए से भी ज्यादा की राशि किसानों के खाते में पहुंचाई जा रही है। लेकिन किसान आंदोलन पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा।

PM ने किया ‘Mann ki Baat’, विरोध में ताली-थाली और बर्तन बजा बोले आंदोलनरत किसान- बहुत हुई मन की बात, अब करो वतन की बात

केंद्र के लाए तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों ने पीएम के रेडियो कार्यक्रम का पुरजोर विरोध किया। युवा, महिला और बुजुर्ग किसानों ने इस दौरान पीएम की ‘मन की बात’ के खिलाफ न केवल नारेबाजी की, बल्कि ताली, थाली और बर्तन भी पीटे। कुछ किसानों के पास तो टीन के कनस्टर भी, जिन्हें वे डंडों और लकड़ी से जोर-जोर से पीटते नजर आए।

किसान आंदोलन के बीच केंद्र का बड़ा दांव? PM-Kisan की अगली खेप 25 को जारी करेंगे नरेंद्र मोदी, 8 करोड़ अन्नदाता होंगे लाभान्वित

PM Kisan Samman Nidhi: कृषि मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर को पीएम-किसान की अगली किस्त में करीब 18,000 करोड़ रुपये जारी करेंगे।

संपादकीय: चिंता की बात

कृषि कानूनों को लेकर सरकार और आंदोलनकारी किसानों के बीच रास्ता निकलना बहुत जरूरी है। कोरोना महामारी की वजह से अर्थव्यवस्था पहले ही चौपट हुई पड़ी है। किसान आंदोलन के कारण दिल्ली में दूसरे राज्यों से आने वाले सामान, फैक्ट्रियों के लिए कच्चे माल और फल-सब्जियों की आवक पर भारी असर पड़ रहा है।

चौपाल: संदेह की जड़ें

भारत की संघीय व्यवस्था के अंतर्गत सभी राज्य अपनी जमीनी स्थिति के अनुसार कृषि से संबंधित कानून बनाने के लिए स्वतंत्र और सक्षम हैं। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने संविधान की अवहेलना करते हुए कृषि से जुड़े तीन काले कानून बना दिए, जिसका विरोध देश भर के किसान कर रहे हैं।

संपादकीय: बढ़ता गतिरोध

किसान संगठनों के प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के बीच अब तक पांच दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। हालांकि सरकार हालात की गंभीरता को समझ रही है और किसानों की ओर से बढ़ते दबाव को देखते हुए अब वह इतना तो झुकी है कि कृषि कानूनों में कुछ संशोधनों पर विचार के लिए तैयार हो गई है।

चौपाल: खौफ के माहौल में

देश में एक तरह के भय का वातावरण बन गया है। राजनीतिक पार्टियां संविधान के साथ जिस तरह का खिलवाड़ कर रही हैं, वह चिंता पैदा करता है। खौफ का आलम तो यह है कि आज सरकार की गलत नीतियों पर भी डर के मारे लोग बोल नहीं पा रहे हैं।

सीमा पर चौकसी से कामकाजी लोग परेशान

किसान आंदोलन के चलते लगातार कई दिनों से सिंघू बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर और गाजीपुर स्थित यूपी गेट पर आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दी गई है। इस कारण लोगों ने वैकल्पिक मार्गों का इस्तोमल करना शुरू कर दिया था।

फार्मर प्रोटेस्ट के सपोर्ट में उतरे रेस्लर खली, किसानों के बीच जोश से बोले ‘जो बोले सो निहाल’, तो यूजर्स बोल पड़े; ये भी किसान

इस वीडियो को समीर अब्बास ने शेयर किया है। पोस्ट में कैप्शन देते हुए उन्होंने लिखा- ‘आंदोलन कर रहे किसानों का साथ देने दिल्ली पहुंचे महाबली खली…

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