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शहरों में था स्किल्ड वर्कर, कोरोना ने बना दिया मनरेगा मजदूर, राजस्थान में ऐसे 60% लोगों ने पेट की आग बुझाने को उठा लिए फावड़े

17 अप्रैल को मनरेगा के तहत 62 हजार लोग राज्य में काम कर रहे थे जो अब रोजाना बढ़ रहा है। राजस्थान में मनरेगा मजदूरों को रोजाना 220 रुपये प्रतिदिन की दर से दो हफ्ते में एक बार भुगतान किया जाता है।

कोरोना, लॉकडाउन की मारः MA, BBA पास जो कमाते थे ‘अच्छा-खासा’ पैसा, वे MGNREGA में काम खोजने पर मजबूर; बोले- विकल्प ही नहीं है

Corona Virus Lockdown: कोरोना वायरस और लॉकडाउन के चलते लोगों के सामने संकट खड़ा हो गया है। अच्छी खासी डिग्रियां लिए युवा मनरेगा के तहत काम करने को मजबूर हैं।

आर्थिक मंदी के बीच मनरेगा के तहत जॉब मांगने का आंकड़ा नौ साल में सबसे ज्यादा, कोरोना के बाद गांव को लौटे मजदूर तोड़ सकते हैं ये रिकॉर्ड!

आंकड़ों के मुताबिक व्यक्तिगत तौर पर 2019-20 में अधिक लोगों ने इस योजना के तहत काम किया। जिसमें 7.86 करोड़ लोग देशभर के विभिन्न स्थलों पर कार्यरत थे। 2012-13 के बाद से ये सबसे अधिक है, जब 7.97 करोड़ लोगों ने इस योजना के तहत काम किया।

मोदी सरकार ने 1-5 रुपए बढ़ाई मनरेगा मजदूरी, पहली बार इतनी कम बढ़ोतरी

जिन राज्यों में मनरेगा के तहत मिलने वाली मजदूरी में कोई बढ़ोत्तरी नहीं होगी, उनमें कर्नाटक, केरल, पश्चिम बंगाल शामिल हैं। वहीं जिन राज्यों में मनरेगा मजदूरी में 1 रुपए की बढ़ोत्तरी की गई है

गांवों में हालात बदतर, मोदी सरकार के आखिरी साल में मनरेगा नौकरियों की मांग सबसे ज्‍यादा

एनडीए सरकार के पहले साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपीए सरकार की विफलता का स्मारक बताते हुए MGNREGA योजना को खारिज कर दिया तब महज 166 करोड़ व्यक्ति रोजगार इस योजना के माध्यम से लोगों को मिले।

सूखाग्रस्त क्षेत्रों में मनरेगा कोष नहीं देने पर केंद्र की खिंचाई, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से फौरन राहत देने को कहा

न्यायमूर्ति एमबी लोकुर की अध्यक्षता वाले पीठ ने कहा, अगर आप कोष जारी नहीं कर रहे हैं, तो कोई भी काम करना पसंद नहीं करेगा।

आय बढ़ाने को लेकर PM मोदी ने किसानों को पढ़ाया पाठ

लगातार दो साल सूखा पड़ने से कृषि उत्पादन प्रभावित होने के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को जल संरक्षण के लिये कदम उठाने और किसानों को अपनी आय बढ़ाने के लिए फसलों में विविधता लाने के साथ-साथ डेयरी, पोल्ट्री तथा खाद्य प्रसंस्करण जैसी सहायक गतिविधियों पर ध्यान देने को कहा।

योजनाएं पत्थर की लकीर नहीं होती समय बीतने के बाद इनमें भी बदलाव जरूरी हैः जेटली

मनरेगा के दस साल पूरे होने पर राजग सरकार ने मंगलवार को दावा किया कि वह ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में सुधार लेकर आई है जो यूपीए शासन के दौरान कोष में अक्सर कमी के कारण दयनीय हालत में थी।