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मैं दो नहीं 40 ट्रेन भेज सकता था लेकिन सरकार ने नहीं की मदद, प्रवासियों की मदद नहीं करने की खेसारी लाल ने बताई वजह

खेसारी लाल ने राज्य सरकारों पर मदद नहीं करने का आरोप लगाते हुए आगे कहा कि अगर मुझे घर भी बेच कर भेजना पड़ता तो भेजता। लेकिन ना तो महाराष्ट्र सरकार, ना तो बिहार सरकार और ना ही यूपी सरकार ने कोई मदद की।

चार महीने की बेकारी के बाद फिर दिल्ली लौट रहे प्रवासी मजदूर, पर कंपनियां नहीं दे रहीं रोजगार, कहां से भरें परिवार का पेट?

हिमांशु (29) कहते हैं कि बिहार से सिर्फ एक परिवार वापस लौटा है। अगर कारखाना मालिक उन्हें उन्हें बुलाते हैं तो वो भी दिल्ली आने के लिए तैयार हैं। मगर उनके नियोक्ता कहते हैं कि कोई काम नहीं है। वापस मत लौटना।

लॉकडाउन में नौकरी छूटी तो बेटे का नाम स्कूल से कटवा दिया, गांव में भी नहीं मिल रहा काम; महानगरों से लौटे प्रवासी मजदूरों ने बयां किया दर्द

Pranav Mukul, Aashish Aryan, Prabha Raghavan, Aanchal Magazine: नौकरी छूटने या कोरोना संक्रमित होने के डर के कारण महानगरों और शहरी औद्योगिक केंद्रों से हजारों की संख्या में लोग अपने गृहनगर और गांव लौट गए।

बेरोजगारी का हाल: प. बंगाल में मनरेगा में 75 दिन में छह लाख रजिस्‍ट्रेशन, पहले साल भर में होता था एक लाख

पश्चिम बंगाल में करीब 10 लाख प्रवासी मजदूरों की वापसी हुई है। ऐसे में माना जा रहा है कि प्रवासी मजदूरों ने काम का कोई अन्य विकल्प ना होने के चलते मनरेगा में रजिस्ट्रेशन कराया है।

‘बैठाकर तो कोई खिलाएगा नहीं’, यूपी-एमपी और बिहार से लौटने लगे प्रवासी मजदूर, मुफ्त टिकट दे रहीं कंपनियां

भारती किसान यूनियन के अध्यक्ष जगसीर सिंह सीरा ने बताया कि ‘ये कामगार यूपी के पीलीभीत और बिहार के मोतिहारी से यहां पहुंचे हैं। हमने इन्हें लाने के लिए बसों के इंतजाम पर कुल 1.85 लाख रुपए खर्च किए हैं।

केंद्र-राज्यों को 15 दिन की मोहलत दे बोला SC- सभी प्रवासी मजदूरों को पहुंचाएं घर, रोजगार के साथ करें रजिस्ट्रेशन का बंदोबस्त

केन्द्र की ओर से सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को सूचित किया कि इन प्रवासी श्रमिकों को उनके पैतृक स्थान तक पहुंचाने के लिये तीन जून तक 4,200 से अधिक ‘विशेष श्रमिक ट्रेन’ चलाई गयीं हैं। इस दौरान उन्होंंने कहा कि किसी भी राज्य में कोई भी प्रवासी भूख प्यास से नहीं मरा जो भी मौतें हुईं हैं वो बीमारी के चलते हुई हैं।

कोरोना: क्वारंटीन पूरा करने के बाद प्रवासी मजदूरों को कंडोम बाँट रही बिहार सरकार

बिहार स्टेट हेल्थ सोसाइटी के साथ इस मुहिम की निगरानी कर रहे डॉ. उत्पल दास ने द इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में बताया कि “यह पूरी तरह से परिवार नियोजन विभाग का आइडिया है।

बिहार: बैठकर दिन गिन रहे प्रवासी मजदूर, न कोई काम, न धंधा; फिर से शहरों की ओर लौटने की ताक रहे राह

लॉकडाउन के चलते अपने घर लौटने के बाद भी प्रवासी मजदूरों की मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं क्योंकि बिना काम के अपने घर पर भी गुजारा करना मुश्किल है। यही वजह है कि लॉकडाउन के चलते अपने अपने घरों को लौटे कामगार अब वापस लौटने के दिन गिन रहे हैं।

‘चले आए हैं कयामत के पैगंबर बनने’, प्रवासियों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों के सामने कपिल सिब्बल पर बरसे सॉलिसिटर जनरल

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि, “ये सभी लोग सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं, इंटरव्यू दे रहे हैं, यहां तक कि इस बात को मानने के लिए भी तैयार नहीं हैं कि कितना कुछ किया जा चुका है। ये देश के प्रति कोई कृतज्ञता नहीं दिखा रहे हैं।”

Lockdown 4.0: कोरोना संकट के बीच सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, प्रवासी मजदूरों से ट्रेन-बस का किराया न लिया जाए

Lockdown 4.0: पीठ ने इन कामगारों की यात्रा के भाड़े के बारे में सवाल किये और कहा, ‘‘हमारे देश में बिचौलिया हमेशा ही रहता है। लेकिन हम नहीं चाहते कि जब भाड़े के भुगतान का सवाल हो तो इसमें बिचौलिया हो। इस बारे में एक स्पष्ट नीति होनी चाहिए कि उनकी यात्रा का खर्च कौन वहन करेगा।’

‘जब FCI के पास सरप्लस खाद्यान्न तो गरीबों, प्रवासी मजदूरों को क्यों नहीं बांट रहे?’ SG की दलील पर भड़के SC जज

तुषार मेहता ने कहा कि प्रवासी मजदूरों को 5 किलो अनाज और एक किलो दालें दी गई हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अगर अनाज दिया गया है तो लोग सड़कों पर क्यों चल रहे हैं?

‘उनका दर्द, उनकी सिसकी सबने सुनी, पर सरकार ने नहीं’, ‘स्पीक अप’ अभियान में सोनिया गांधी का पीएम मोदी पर बड़ा हमला

सोनिया गांधी ने केन्द्र सरकार से अपील की कि हर गरीब परिवार को अगले 6 महीने तक हर माह 7500 रुपए की आर्थिक मदद दी जाए। इसके साथ ही मौजूदा संकट से निपटने के लिए तुरंत 10 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी जाए।

Lockdown: किसान ने अपनी जेब से चुकाए 70 हजार, 10 मजदूरों को फ्लाइट से घर भेजने का किया इंतजाम

मजदूरों ने अप्रैल में घर जाने की योजना बनाई थी और अब उन्हें भरोसा नहीं हो रहा कि वे समस्तीपुर में अपने घर पैदल चलकर या साइकिल से नहीं बल्कि विमान यात्रा करके जाने वाले हैं।

Lockdown 4.0: बिना हमारी इजाजत अब कोई राज्‍य नहीं रख सकता यूपी के मजदूर- योगी आदित्‍यनाथ का ऐलान

Lockdown 4.0: मुख्यमंत्री ने कहा,‘‘ जिस प्रकार से लॉकाडाउन के दौरान उत्तर प्रदेश के प्रवासी श्रमिकों और कामगारों की दुर्गति हुई और उनके साथ जिस प्रकार का दुर्व्यवहार हुआ, उसको देखते हुए प्रदेश सरकार उनकी सामाजिक सुरक्षा की गारंटी अपने हाथों में लेने जा रही है।

श्रमिक ट्रेन से लौट रहे थे प्रवासी, घर पहुंचने से पहले ही रास्ते में तीन ने तोड़ दिया दम

कानपुर के जिलाधिकारी ब्रह्मदेव राम तिवारी ने रविवार को बताया कि मृतक यात्रियों के परिजनों का कहना है कि इन सभी को पहले से ही गंभीर बीमारियां थी।

Humour: ये तरबूज़ बाबर ही हिंदुस्तान लाया था…ले, चाकू पकड़ और उतार दे खंज़र इसके पेट में…

पप्पू: करौना की गति 6000 प्रतिदिन हो गई है..उड़ीसा और बंगाल में तूफान .. और कराची में प्लेन क्रैश।

लौटते प्रवासी मजदूरों और कोरोना के बढ़ते केस के बाद बिहार सरकार ने बदली पॉलिसी, अब इन 11 शहरों से आए श्रमिक ही भेजे जाएंगे क्वारंटीन सेंटर

जिन 11 शहरों की लिस्ट तैयार की गई है, वहां कोरोना संक्रमण के मामले काफी ज्यादा सामने आए हैं और देखा गया है कि इन शहरों से आने वाले प्रवासी मजदूर काफी संख्या में पॉजिटिव पाए जा रहे हैं।

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