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टुकड़ों में बंटी भारतीय मीडिया से कैसे छिनी सवाल पूछने की आजादी?

अब तो राजनीतिक शिखर पुरुष प्रेस कांफ्रेंस ही नहीं करते और जब अपनी जरूरत के अनुरूप साक्षात्कार देते हैं, तो पत्रकार व उनके मीडिया समूह गौरवान्वित हो उस साक्षात्कार की मार्केटिंग करने में व्यस्त हो जाते हैं।

दुनिया मेरे आगे: हाशिये पर सरोकार

इक्कीसवीं सदी का पहला दशक भारत में टेलीविजन समाचार चैनलों के विस्तार का दशक भले रहा है, पर इसके साथ ही इसी दशक में चैनलों की वैधता और विश्वसनीयता पर भी सवाल उठने लगे थे।

सुब्रमण्यम स्वामी का दावा: भारतीय पत्रकार ने श्रीलंका के मंत्री से जबरन CAA के खिलाफ दिलाना चाहा बयान

सुब्रमण्यम स्वामी का आरोप है कि प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के साथ कई मंत्री आए हैं। उन्हीं में से एक मंत्री से भारतीय पत्रकार ने मुलाकात के दौरान CAA के खिलाफ बोलने के लिए कहा, हालांकि वह नाकाम रहा।

Reliance Industries, Walt Disney सह‍ित तमाम मीड‍िया कंपन‍ियों पर सरकार की नजर, जांच र‍िपोर्ट तैयार करेगा CCI

बताया जा रहा है कि इसका मकसद यह है कि मीडिया और ब्रॉडकास्‍ट‍िंग सेक्‍टर में प्रतिस्पर्धा संबंधी नियमों का उल्‍लंघन तो नहीं हो रहा है या कंपनियां कुछ ऐसा तो नहीं कर रहीं हैं, जिससे इंडस्‍ट्री में लोगों का भरोसा टूट सकता है।

Loksabha Election Results 2019: नतीजे देख टीवी पत्रकार को आया जोश, बोले- गर्व है, हम मोदी मीडिया हैं; देखें VIDEO

Loksabha Election Results 2019: दरअसल, मोदी, बीजेपी और एनडीए का एक आलोचक धड़ा लंबे वक्त से यह आरोप लगाता रहा है कि मीडिया बिक चुका है और वह नरेंद्र मोदी के पक्ष में ही खबरें दिखाता है। हाल ही में लोकसभा चुनाव के बाद एग्जिट पोल्स आए थे, जिन्हें न केवल अधिकतर विपक्षी दलों ने बल्कि उन्हीं आलोचकों ने गलत और हवा-हवाई करार दिया था।

सुप्रीम कोर्ट की नसीहत- मीडिया से रिपोर्टिंग में गलती होने पर ना करें मानहानि का मुकदमा

पीठ ने कहा, ‘‘लोकतंत्र में, आपको (याचिकाकर्ता) सहनशीलता सीखनी चाहिए। किसी कथित घोटाले की रिपोर्टिंग करते समय उत्साह में कुछ गलती हो सकती है।”

चौपाल : मीडिया की भूमिका

भारतीय मीडिया 273 न्यूज चैनलों और 82000 अखबारों के साथ तकरीबन 70-80 हजार करोड़ का उद्योग है। लेकिन विश्व रैंकिंग में इसका स्थान 130 के ऊपर (अफगानिस्तान से भी बदतर) है।

दुनिया मेरे आगे : सोशल मीडिया की माया

सोशल मीडिया पर अब जो कुछ सार्वजनिक हो रहा है, उसमें सच और झूठ के बीच का अंतर कम होता जा रहा है। इसने सृजनशीलता और मनोरंजन के बाजार में हड़कंप पैदा किया।

केरलः नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आज, नए मुख्यमंत्री बोले- जनता की होगी सरकार

केरल की कमान संभालने जा रहे पिनरई विजयन ने कहा है कि राज्य की माकपा नीत नई एलडीएफ सरकार जनता की सरकार होगी और यह जाति, धर्म व राजनीतिक दायरे से अलग हटकर काम करेगी।

महबूबा मुफ्ती के शपथ ग्रहण समारोह में मीडिया को लेकर क्या बोले उमर अब्दुल्ला?

एनसी के नेता उमर अब्दुल्ला ने पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती द्वारा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण किए जाने के लिए आयोजित समारोह के सीधे प्रसारण की अधिकतर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संगठनों को अनुमति नहीं देने के फैसले पर आज सवाल उठाए…

ओबामा ने संवाददाताओं से कहा : कड़े सवाल पूछें, खबरें न दबाएं

ओबामा ने कहा कि अच्छे पत्रकार अक्सर खुद को प्रतिस्पर्धी ताकतों के बीच फंसा हुआ पाते हैं।

मीडिया और हाशिए के लोग

समाज में अगर हाशिए के लोगों की चिंता नहीं है तो मीडिया में भी उसका चित्रण नहीं होगा।

PM मोदी का Media पर हमला, सरकार अनेक अच्छे काम कर रही है पर मीडिया उन्हें नहीं देखता

मोदी ने किसी को अपना मीडिया सलाहकार नहीं बनाया है। इसके उलट पहले के प्रधानमंत्रियों ने सरकारी अमले के अलावा मीडिया के अनुभवी लोगों को अपना सलाहकार रखा। दरअसल, मोदी मीडिया के बजाए ट्विटर, वाट्सएप और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया के मुरीद हैं। यही कारण है कि अरबों रुपए के खर्च पर पलने वाला पत्र सूचना कार्यालय (पीआइबी) भी सरकार की उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार को लेकर खासा उदासीन है।

चौपालः मुद्दों पर पर्दा

शायद यह सबसे आसान तरीका बन गया है कि कहीं भी कुछ बोल लिया जाए और चैनलों पर या अखबारों की सुर्खियों में छा जाया जाए।

पत्रकारिता के ज्यादातर स्टूडेंट्स बनना चाहते हैं एंकर या tv रिपोर्टर

पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले ज्यादातर छात्र टीवी एंकर और रिपोर्टर बनना चाहते हैं। अखबार में महज 12.83 फीसदी छात्र की काम करना चाहते हैं।

चौपालः भरोसे के स्वर

‘बाबा की बलैयां’ (संपादकीय, 27 फरवरी) में ‘संजू बाबा’ (फिल्मी कलाकार) की जेल से रिहाई पर इलेक्ट्रानिक मीडिया की भूमिका पर प्रश्नवाचक चिह्न लगाया गया है।

‘आतंकवादियों की हरकतों को सपोर्ट करते हैं पत्रकार, जिम्मेदारी समझे Media पर्सन’

स्व नियमन की हिमायत करते हुए सरकार ने मीडिया से कहा कि वह कोई नियमन नहीं लाएगी, बल्कि प्रेस को अपने पास मौजूद व्यापक जिम्मेदारी को पहचानना चाहिए।

सुधीश पचौरी का कॉलम बाखबर: मरते महानगर

संसद की बहसें वाया लोकसभा टीवी। उनमें से कुछ टुकड़े चैनल उठा लेते हैं और उनकी शामें बहसीली बन जाती हैं।

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