Markandey Katju

भारत जैसे विविधता वाले देश में क्यों जरूरी है जैन धर्म का अनेकांतवाद?

भारत जैसे विविधता वाले देश में, जैन धर्म बहुत प्रासंगिक है, क्योंकि यह सहिष्णुता और धर्मनिरपेक्षता को बढ़ावा देता है, जो कि हमारे देश की प्रगति के लिए आवश्यक है…

न भारत, न पाकिस्‍तान सभ्‍य समाज कहलाने के हकदार

जब मैं सुप्रीम कोर्ट का जज था, तब एक मामले में मैं एक बेंच का हिस्सा बना। यह 2008 में ओडिशा के कंधमाल जिले में कुछ अतिवादी हिंदू तत्वों द्वारा ईसाइयों पर किए गए हमलों के विषय में था।

आजादी के बाद उर्दू को लेकर कैसे पैदा हुई गफलत? पढ़ें

वास्तव में 1947 तक उर्दू भारत के बड़े हिस्सों में शिक्षित वर्ग की आम भाषा थी, चाहे वह हिंदू, मुस्लिम या सिख हो। हमारे सभी पूर्वज (जो शिक्षित थे) भारत के बड़े हिस्सों में उर्दू जानते थे।

भारतीयों के लिए क्रिकेट है अफीम जैसा, आप होंगे इस पागलपन में शरीक, पर मैं नहीं- IPL के बीच पूर्व SC जज का पोस्ट, लोग करने लगे ऐसे-ऐसे कमेंट्स

मनोरंजन के साधनों पर निशाना साधते हुए काटजू ने आगे कहा, “दूसरे अफीम (नशे के साधन) बॉलीवुड, राजनीति, टीवी और धर्म हैं।”

PNB Scam: नीरव मोदी के पक्ष में पूर्व SC जज ने दी गवाही, कहा- भारत में न्यायपालिका का अधिकांश हिस्सा भ्रष्ट, निष्पक्ष सुनवाई का मौका नहीं; ट्रोल

भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी पीएनबी घोटाले में आरोपी है, सीबीआई की चार्जशीट में उसके और मेहुल चौकसी के खिलाफ 13 हजार करोड़ के घोटाले का आरोप है।

नीरव मोदी के पक्ष में गवाही देंगे पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज मार्कंडेय काटजू, कहा- भारत में नहीं मिलेगा न्याय

भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी पीएनबी घोटाले में आरोपी है, सीबीआई की चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि नीरव मोदी ने 6498 करोड़ रुपए का गबन किया।

BJP सांसद ने रिया को विषकन्या बता किया ट्वीट, तो भड़के पूर्व SC जज- 2 करोड़ लोग हो गए बेरोजगार, पर आप लोगों पर सुशांत-रिया का जुनून सवार

ट्विटर यूजर रजत कुमार ने लिखा है कि स्वामी जी आज कल कोरोना के 75 हज़ार से ज्यादा मामले रोजाना आ आ रहे हैं। रोजाना 1 हजार से भी ज्यादा लोग मर रहे हैं। नेता और अदालत वर्चुअल हो गए हैं लेकिन भीषण महामारी के दौरान छात्रों को मौत के मुंह में धकेलने का काम जारी है। इन सब मुद्दों पर कब प्रकाश डालेंगे?

SC के पूर्व जज बोले- सुशांत सिंह राजपूत का नाम सुनते-सुनते कान पक गए, अब बेरोजगारी-भुखमरी समस्या नहीं; हुए ट्रोल

सुशांत सिंह राजपूत मामले की जांच के लिए सीबीआई की टीम मुंबई पहुंच चुकी है। सोशल मीडिया यूजर्स लगातार मामले में सीबीआई जांच की मांग उठा रहे थे।

‘आज के दिन अंग्रेजों से आजादी मिली और 16 मई 2014 को कॉमन सेंस से’, ट्वीट पर कुनाल कामरा हुए ट्रोल; पूर्व SC जज ने भी दिया जवाब

स्वतंत्रता दिवस पर कुनाल कामरा का ऐसा ट्वीट करना कुछ यूजर्स को नागवार गुजरा और वे कॉमेडियन को ट्रोल करने लगे।

ऐसी आजादी से क्या लाभ? SC के पूर्व जज ने गरीबी, बेरोजगारी, भुखमरी, अल्पसंख्यकों पर जुल्म का मुद्दा उठाकर पूछा

सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज मार्कंडेय काटजू ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देने वाले कई बड़ी हस्तियों के ट्वीट पर रिप्लाई कर उठाया सवाल।

शरिया, बुर्का, मदरसा और मौलाना पर शहला राशिद से आरफा खानम शेरवानी क्यों नहीं पूछतीं है सवाल- पूर्व SC जज ने साधा निशाना

काटजू ने ट्वीट किया, “मैंने यूट्यूब पर शहला राशिद का इंटरव्यू देखा, जो कि आरफा खानम शेरवानी ने लिया है।”

‘एक साल में जर्जर हुई कश्मीरी अर्थव्यवस्था, बढ़ती बेरोजगारी, अशांति कहीं वियतनाम-अफगानिस्तान न बना दे?’

5 अगस्त, 2019 की घटना के बाद J&K से पूर्ण राज्य का दर्जा छीन लिया गया और कश्मीरियों को लोकतांत्रिक स्वतंत्रताओं से वंचित कर दिया गया जैसे स्वतंत्र निर्वाचित विधायिका, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, मीडिया की स्वतंत्रता आदि।

दलितों या ओबीसी से ज्‍यादा नेताओं को है आरक्षण से फायदा

Justice (R) Markandeya Katju’s Blog: वर्तमान में सभी दलों के हमारे राजनीतिक नेता तेजी से देश के औद्योगिकीकरण का नहीं बल्कि केवल अगला चुनाव जीतने का लक्ष्य रखते हैं, और इसके लिए उनका प्रमुख उपकरण जातिवाद और सांप्रदायिकता है।

मस्जिद, मंदिर या चर्च नहीं, अच्‍छे स्‍कूल और वैज्ञानिक संस्‍थान बनाइए

Markandeya Katju’s Blog: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कण्‍डेय काटजू ने तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन द्वारा प्रसिद्ध हागिया सोफिया को मस्जिद में बदलने के फैसले को प्रतिक्रियावादी, देश को काले अतीत मेें ले जाने वाला और नाकामी छिपानेे के मकसद से उठाया गया कदम बताया हैै।

‘लोमड़ी और मुर्गी को एक पिंजड़े में रखने का ख्‍वाब है भारत-चीन दोस्‍ती की उम्‍मीद’

सुप्रीम कोर्ट पूर्व जज काटजू के मुताबिक, आज दुनिया के लिए खतरा अमेरिका या यूरोप नहीं बल्कि चीन है, क्योंकि चीन दुनिया में आक्रामक विस्तार के रास्ते पर चल रहा है।

शुद्ध धोखा है ओबीसी आरक्षण, मंडल कमीशन पर फैसला देने वाले जज के सामने नहीं रखे गए थे ये तथ्‍य

उन्होंने लिखा है, वी पी सिंह सरकार ने ओबीसी को आरक्षण देने की सिफारिश इंदिरा साहनी के मामले में फैसला आने के बाद साल 1993 में ही लागू कर दी थी लेकिन 1993 में यादवों, कुर्मियों आदि को पिछड़ा नहीं कहा जा सकता था (जैसा कि ऊपर बताया गया है), भले ही वे 1947 से पहले पिछड़े थे।

‘भारत में उलटी गंगा बह रही, न्यायपालिका ने आंखें मूंद ली है’, SC के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू का तंज

सफूरा जरगर जामिया मिल्लिया इस्लामिया की पीएचडी स्कॉलर हैं। सफूरा पर आरोप है कि दिल्ली दंगों में उनकी भूमिका है। जिसके चलते उन्हें बीती 10 अप्रैल को हिरासत में लिया गया है।

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