Marathwada

‘किसान मर रहे हैं लेकिन मोदी सरकार इंडिया गेट पर B’town सितारों के साथ नाच-गाने में मस्त है’

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने राजग सरकार के दो वर्ष पूरा होने पर आयोजित समारोह को लेकर सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि महाराष्ट्र में पानी को लेकर किसान आत्महत्या कर रहे हैं, लेकिन मोदी सरकार ‘बॉलीवुड सितारों के साथ नाच-गाना’ करके जश्न मनाने में मशगूल है।

तवलीन सिंह का कॉलम – वक़्त की नब्ज़ : विकास पर नजर की जरूरत

भाजपा मुख्यमंत्री अपना ज्यादा समय मुंबई में बॉलीवुड और क्रिकेट के सितारों की संगत में व्यतीत करते दिखते हैं। उनके मंत्री अपनी आलीशान कोठियों में छिपे रहते हैं, इस राज्य की गंभीर समस्याओं से बेखबर।

मराठवाड़ा: 16 महीनों में 212 किसान ने की आत्महत्या, 76 मामलों में प्रशासन ने सरकारी सहायता से किया इनकार

देवालाली गांव में किसान प्रशांत कासपाटे (35) ने पिछले साल अक्तूबर में फसल नष्ट होने और निजी सूदखोर रिणदाताओं द्वारा रिण वापसी के लिए परेशान किए जाने की वजह से कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

संवेदनहीनता का मूल्य

देश के और भी बहुत-से हिस्सों की तरह सूखे से जूझ रहे लातूर में पिछले कुछ दिनों से हालत यह हो गई कि लोगों के सामने प्यास बुझाने तक के लिए पानी का संकट खड़ा हो गया। तब केंद्र सरकार ने वहां वाटर ट्रेन भेजने का फैसला किया।

‘प्रधानमंत्री खुद जाकर देखें मराठवाड़ा में सूखे से पैदा हालात’

तृणमूल कांग्रेस की अपरूपा पोद्दार ने कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं, लेकिन आज वे सूखे के कारण आत्महत्या कर रहे हैं

सूखे से जूझ रहे मराठवाड़ा के बांधों में सिर्फ दो फीसद पानी

मराठवाड़ा में लातूर को एक विशेष ‘वाटर ट्रेन’ के जरिए पानी की आपूर्ति की जा रही है जिसे पश्चिमी महाराष्ट्र के मिराज में भरा जाता है।

सूखे में सेल्फी

केंद्रीय जल आयोग की वेबसाइट के अनुसार देशभर में सबसे अधिक बांध महाराष्ट्र में हैं। यहां बांधों की कुल संख्या 1845 हैं, जिनमें से 1693 बांध बन चुके हैं और बाकी बन रहे हैं।

संपादकीयः आईपीएल की जगह

आखिरकार आईपीएल मैचों को महाराष्ट्र से बाहर कराने के मुंबई उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली महाराष्ट्र व मुंबई क्रिकेट संघों की याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दीं।

पंकज रामेंदु की कलम से: पानी, सियासत और फिल्म

1980 से 1986 तक जब सौराष्ट्र में भीषण अकाल पड़ा था तो उस दौरान वहां का सबसे बड़े शहरों में से एक राजकोट पूरी तरह से प्यासा हो गया था।

पानी ने बिगाड़ी कहानी

ज्यादातर शहरों में बगल की नदियों से जलापूर्ति होती है। इन नदियों का पानी बेहद प्रदूषित हो चुका है, यहां तक कि इनमें पानी भी नहीं होता।

सूखे का संकट

लातूर सूखे की सबसे ज्यादा चपेट में है जहां जलाशयों के आसपास धारा 144 लगा दी गई

महाराष्ट्र में सात सिंचाई बांधों का जल भंडार खत्म

मराठवाड़ा में 75 छोटे सिंचाई बांधों में केवल चार फीसद जल भंडार मौजूद है जबकि 728 अति छोटे बांधों में तीन फीसद के करीब जल भंडार मौजूद है।

मराठवाड़ा: बीड़ में कुएं से पानी निकालते समय एक की मौत

इस साल इलाके की जलापूर्ति के लिए 2,745 पानी के टैंकर लगाए गए हैं, जबकि पिछले साल इसी समय में जलापूर्ति के लिए मात्र 939 टैंकर ही लगाए गए थे।

कुदरत नहीं, मनुष्य की देन है सूखा

पानी की कमी वाले इलाकों में अनाज उगाने पर पानी की प्रचुरता वाले इलाकों की तुलना में दो गुने पानी की खपत होती है।

महाराष्‍ट्र में पानी के चक्‍कर में 12 साल की लड़की की मौत, हैदराबाद में 30 साल बाद Water Emergency

महाराष्ट्र के बीड में जहां पानी के चक्कर में एक 12 साल की बच्ची की मौत हो गई, वहीं हैदराबाद में पिछले 30 वर्षों में पहली बार वाटर इमरजेंसी की स्थिति बनी हुई है। 12 साल की योगिता देसाई अपने घर से 500 मीटर दूर स्थित पंप से पानी लेने के लिए गई थी। लेकिन […]

मराठवाड़ा में जल संकट पर बोली शिवसेना- पानी की जगह बीयर पीना हमारी संस्कृति नहीं

सामना संपादकीय में कहा गया, “कुछ भाजपा मंत्रियों का नजरिया है कि बीयर बनाने वाली इकाइयों को निरंतर पेयजल आपूर्ति होनी चाहए। लेकिन लोग चाहते हैं कि पहले लोगों की जिंदगियां बचाई जानी चाहिए।”

लातूर में सेल्‍फी खींचकर विवादों में पंकजा मुंडे, नेताओं से लेकर सोशल मीडिया तक के निशाने पर

विपक्षी नेताअों के अलावा सहयोगी शिवसेना ने भी उनके इस कदम की आलोचना की है।

पानी से घिरा प्यासा देश

हमारे देश में सालाना चार हजार अरब घन मीटर पानी उपलब्ध है। इस पानी का बहुत बड़ा भाग समुद्र में बेकार चला जाता है।

ये पढ़ा क्या?
X