Manmohan Singh

नरेंद्र मोदी को वरिष्‍ठ पत्रकार की सलाह- अर्थव्‍यवस्‍था में चमत्‍कार चाहते हैं तो अपना लें मनमोहन सिंह की नीतियां

लेख में कहा गया है कि वास्तविक तौर पर संकटग्रस्त कर्जदारों के लिए, कम से कम एक बार पुनर्गठन की अनुमति देनी चाहिए। वहीं आदतन कर्ज ना चुकाने वालों को इसमें कोई राहत नहीं दी जानी चाहिए।

दूसरी नजर: अर्थव्यवस्था के लिए मनमोहन नुस्खा

सरकार ने जिस तरीके से मुक्त व्यापार को खत्म कर डाला है, उससे दुनिया भर में एक गहरा संदेह पैदा हो गया है। भारत खुल कर विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों को तोड़ने की बात कहता रहा है और बहुपक्षीय व द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के खिलाफ मोर्चा तान दिया है। आयात किए जाने वाले सामान का यहां निर्माण करना खुशहाली का नया (पुराना?) रास्ता है। मात्रात्मक प्रतिबंध, उच्च शुल्क और गैर शुल्क बाधाओं की वापसी हो रही है। मैं इसे ट्रंप का असर कहता हूं, सरकार इसे आत्मनिर्भर कहती है, जो 1960 से 1990 के बीच अपनाई गई तानाशाही नीतियों से कहीं अलग नहीं है।

MOTN Poll: राहुल गांधी ही Congress का कर सकते हैं ‘उद्धार’- 23% की राय, दूसरे नंबर पर मनमोहन तो चौथे पर प्रियंका जनता की पसंद

वहीं, इस सर्वे में मनमोहन सिंह सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी से ज्यादा असरदार साबित होते नजर आ रहे हैं। 18 प्रतिशत लोगों का मानना है कि मनमोहन सिंह कांग्रेस को दोबारा खड़ा कर सकते हैं।

पहली बार Congress चीफ सोनिया गांधी ने खुल कर की पीवी नरसिम्हा राव की तारीफ़, मज़बूत नेतृत्व का दिया श्रेय

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उन्हें इस देश का ‘महान सपूत’ बताया। तत्कालीन राव की सरकार में वित्त मंत्री रहे मनमोहन सिंह ने कहा कि राव को वास्तव में भारत में आर्थिक सुधारों का जनक कहा जा सकता है।

पूर्व PM मनमोहन सिंह के सलाहकार रहे संजय बारू के साथ शराब की होम डिलीवरी के नाम पर ठगी; आरोपी निकला कैब ड्राइवर

पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह और उसके साथी फर्जी नाम और पते से सिम कार्ड लेते हैं और फिर उन नंबरों से लोगों को कॉल कर ठगी करते हैं।

मनमोहन का चीन मसले पर पीएम मोदी पर निशाना- क्या बोल रहे हैं, उसके असर का पता होना चाहिए

सिंह ने कहा कि “इस वक्त हम इतिहास के ऐसे दोराहे पर खड़े हैं, जहां सरकार के फैसले और एक्शन का इतना गंभीर असर होगा, जिसके आधार पर हमारी भावी पीढ़ियां हमें आंकेंगी।

Former PM मनमोहन सिंह के घर लगा क्‍वारंटाइन नोटिस, वजह पता करने में जुटे कई कांग्रेस नेता

सीने में दर्द की शिकायत के बाद कुछ दिनों पहले उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां वह कुछ दिन अस्पताल में भर्ती रहे और इलाज के दौरान आईसीयू में भी रहे।

कोरोना पैकेज में One Nation One Ration Card: मनमोहन सरकार में पड़ी थी नींव, रामविलास पासवान ने किया था ऐलान

वित्त मंत्री की इस घोषणा को अगर मोदी सरकार के अन्य मंत्री राम विलास पासवान के ऐलान से जोड़ कर देखें तो साफ होता है कि सरकार पहले तय किया गया अपना लक्ष्य पूरा करने में पिछड़ गई और उस पुराने लक्ष्य को कोरोना के मद्देनजर घोषित किए गए पैकेज का हिस्सा भी बना दिया।

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को सीने में दर्द की शिकायत, एम्स में हुए भर्ती

पूर्व पीएम को एम्स में cardio-thoracic ward में उन्हें रखा गया है। डॉक्टर्स लगातार उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

पूर्व PM मनमोहन सिंह सीने में तकलीफ की शिकायत के बाद AIIMS में भर्ती

Manmohan Singh Health Update: मनमोहन सिंह, 87 साल के हैं। वह दिल के मरीज हैं और वह 10 साल तक प्रधानमंत्री रहे हैं।

लॉकडाउन से निकलने की क्या है रणनीति? केंद्र सरकार से पूछिए, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने चार-चार मुख्यमंत्रियों का पढ़ाया सियासी पाठ

इस दौरान डॉ मनमोहन सिंह ने चार-चार मुख्यमंत्रियों को सियासी पाठ भी पढ़ाया और सरकार ने सवाल पूछने को कहा। सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्रियों को विचार करने और यह पूछने की आवश्यकता है कि देश को लॉकडाउन से बाहर निकालने के लिए भारत सरकार की क्या रणनीति है ?

‘भारत माता की जय’ का गलत इस्तेमाल कर लोगों में भरा जा रहा ‘जेहादी आइडिया’, पूर्व PM मनमोहन सिंह का बीजेपी पर तीखा वार

उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से , एक ऐसा वर्ग है जिसमें या तो इतिहास पढ़ने का धैर्य नहीं है या जो जानबूझकर अपने पूर्वाग्रहों से संचालित व दिशानिर्देशित होना चाहता है, वह नेहरू की गलत छवि पेश करने की यथासंभव कोशिश करता है।

अटल सरकार में ज्‍यादा तेज होते थे फैसले, कश्‍मीरी पंडितों का दर्द सुन बोल पड़े थे वाजपेयी- हरे राम, हरे राम…: पीएमओ के पूर्व जॉयंट सेक्रेटरी ने लिखा

एच डी देवेगौड़ा, आई के गुजराल, वाजपेयी और मनमोहन सिंह की सरकार में संयुक्त सचिव रह चुके जरनैल सिंह ने कहा है कि वह (अटल) भी कश्मीरी पंडितों के दर्द को कम करने के लिए कोई भी समाधान प्रदान करने में असहाय लग रहा थे।

पूर्व PM मनमोहन सिंह का निशाना- ‘Slowdown’ शब्द ही नहीं मान रही नरेंद्र मोदी सरकार, यही असल खतरा

बकौल पूर्व PM, “वास्तविक खतरा यह है कि अगर समस्याओं की पहचान नहीं की गई तो सुधारात्मक कार्रवाई के लिए विश्वसनीय हल का पता लगाए जाने की संभावना नहीं है।”

राहुल गांधी के अध्यादेश फाड़ने के बाद इस्तीफा देने की सोच रहे थे मनमोहन सिंह, मशहूर अर्थशास्त्री ने अपनी किताब में किया खुलासा

अहलूवालिया ने लिखा है कि मैंने पहला काम यह किया कि इस आलेख को लेकर मैं प्रधानमंत्री के पास गया क्योंकि मैं चाहता था कि वह पहली बार मुझसे इसे सुनें। उन्होंने इसे चुपचाप पढ़ा और पहले उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

‘भारतीय अर्थव्यवस्था की नींव मजबूत, वापसी करने की है क्षमता’, अर्थशास्त्रियों के साथ बैठक में बोले पीएम नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री ने नीति आयोग में अर्थशास्त्रियों, निजी इक्विटी एवं उद्यम पूंजी कोषों, कारोबारियों और कृषि क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ विचार विमर्श किया और भारत को 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में मिलकर प्रयास करने को कहा।

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की भविष्यवाणी हुई सही, पिछले महीने ही चेताया था, मंदी से बिगड़ेंगे हालात

मुद्रास्फीतिजनित मंदी वह स्थिति है, जिसमें मुद्रास्फीति की दर काफी ऊंची हो जाती है और इसके साथ ही उच्च बेरोजगारी दर के साथ ही मांग में कमी आ जाती है।

मनमोहन सिंह के बयान पर पूर्व पीएम के पोते ने जताई नाराजगी- बिना कैबिनेट मंजूरी कैसे बुलाते सेना? लोग पूर्व पीएम पर मार रहे ताने

मनमोहन सिंह ने कहा कि तत्कालीन गृहमंत्री पीवी नरसिम्हा राव ने अगर इंद्र कुमार गुजराल की सलाह पर अमल किया होता तो इन दंगों को टाला जा सकता था। मनमोहन सिंह के इस बयान पर पूर्व पीएम के पोते ने नाराजगी जताई है।

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