Mahatma Gandhi

दुनिया मेरे आगे: अतीत की अहमियत

हम आज आत्मनिर्भरता पर जोर देते दिखते हैं, लेकिन अपने दौर में गांधीजी हरेक क्षेत्र में व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते थे। इसलिए वे बुनियादी शिक्षा पर बल देते थे।

चौपाल:अहिंसा की राह

दुनिया के कई धर्मों में अहिंसा एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है। कठोर वाणी/ व्यवहार हिंसा के जनक हैं और इन्हें पापी बनने की पहली सीढ़ी मानी गई है।

गांधी जी की हत्या की नए सिरे से जांच चाहते हैं सुब्रमण्यम स्वामी, कहा- क्यों नहीं हुई थी अटॉप्सी

सुप्रीम कोर्ट पिछले साल ही एक आईटी प्रोफेशनल द्वारा दायर महात्मा गांधी की हत्या की जांच की मांग वाली याचिका को रद्द कर चुका है।

महात्मा गांधी की 151वीं जयंती पर बुर्ज खलीफा पर चलाई गई बापू की वीडियो, यहां देखें

इससे पहले, महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर शुक्रवार को तुषार गांधी ने ट्वीट किया कि आज हम में से किसी को भी गांधी या फिर शास्त्री की का नाम लेने का हक नहीं है।

Gandhi Jayanti Special: महात्मा गांधी के जीवन के अंतिम पलों में क्या हुआ था? पढ़ें पूरा किस्सा

उस दिन दिल्ली में सूरज नहीं निकला था। कोहरे और जाड़े के कारण सड़कों पर दिल्लीवाले ज़्यादा नहीं निकले थे। बिड़ला हाउस में प्रार्थना सभा का सिलसिला सितम्बर,1947 से शुरू हुआ था।

गांधी जयंती विशेष: देश में नशामुक्ति के लिए गांधी की बढ़ती प्रासंगिकता

गांधी जी ने चंपारण में उस समय कहा था कि शराब आत्मा और शरीर दोनों का नाश करती है। देश के इस बेहद गंभीर और विचारणीय विषय को हल करने के लिए गांधीवाद का नशामुक्ति सिद्धांत वर्तमान में कहीं अधिक प्रासंगिक बनता जा रहा है।

बापू और सिनेमाः फिल्मकारों में गांधी के प्रति गजब का आकर्षण

दक्षिण अफ्रीका में अपने अभियान के बाद गांधी भारत आते हैं। इस फिल्म में गांधी का चंपारण जाना और हर आंदोलन में उनके जीवन से जुड़ी कई रोचक घटनाओं को भी दर्शाया गया है।

ऐसा तो नहीं होगा गांधी का राम राज्य!

एकता की भावना बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका समान लक्ष्य की प्राप्ति के प्रयत्न में सहयोग करना, एक दूसरे का दुख बांटना और परस्पर सहिष्णुता बरतना ही है

Gandhi Jayanti 2020: 13 साल की उम्र में हो गई थी शादी, जानें- महात्मा गांधी से जुड़ी और दिलचस्प बातें

Gandhi Jayanti 2020: गांधी जी के पिता करमचंद गांधी पेशे से राजकोट में दीवान थे और माता पुतलीबाई बेहद धार्मिक व्यक्तित्व की महिला थीं

विशेष: हड़ताल का ताला, सहयोग की कुंजी

चंपारण सत्याग्रह से लेकर जीवन के आखिरी क्षण तक महात्मा गांधी की चिंता के केंद्र में लगातार देश के किसान रहे हैं। किसानों-मजदूरों की दुर्दशा देखकर ही उन्होंने ‘अंतिम जन’ के साथ न्याय की बात देश-समाज के सामने रखी थी।

असहयोग आंदोलन: तारीखी लीक मौजूदा सीख

असहयोग आंदोलन भारतीय समाज के आपसी सहयोग और एकजुटता की भी मिसाल है। भारत ने यह मिसाल गुलाम रहते हुए कायम की थी। आज तो हम स्वाधीन हैं। हालांकि जो हालात हैं उसमें देश और समाज में प्रेम, सद्भाव और सहयोग की दरकार आज ज्यादा है।

पुण्यतिथि विशेषः ‘मॉडर्न मीरा’ कही जाती थीं महादेवी वर्मा, जानें बापू ने क्यों विदेश जाने से कर दिया था मना

महादेवी वर्मा का सबसे क्रांतिकारी कदम था महिला-शिक्षा को बढ़ावा देना। उन्होंने इलाहाबाद में प्रयाग महिला विद्यापीठ के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने 1955 में इलाहाबाद में साहित्यकार संसद की स्थापना की थी।

शिक्षा: गांधी से सीख

सत्य को ईश्वर मानने वाले गांधी को हिंसा किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं थी। ऐसा न करने से ही उनके जीवन का रास्ता अन्य से अलग हो गया। गांधी जीवन भर इसी पथ पर चलते रहे और अपना उदाहरण रख कर असंख्य लोगों को आकर्षित करने में सफल हुए।

महात्मा गांधी की प्रतिमा को वॉशिंगटन में उपद्रवियों ने पहुंचाया नुकसान, अमेरिका ने मांगी माफी, कहा- दोषियों की तलाश जारी

Mahatma Gandhi Statue in US: भारत में तैनात अमेरिकी राजदूत केन जस्टर ने कहा कि वॉशिंगटन में गांधी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया जाना दुखद है। इसके लिए हमें खेद है। कृपया हमारी ओर से विनम्र माफी को स्वीकार करें।

तुषार गांधी ने जयंती पर नाथू राम गोडसे को बताया देश का पहला आतंकी, लोगों ने भी दिए ये कमेंट्स

तुषार गांधी ने ट्विटर पर लिखा, आज आजाद भारत के पहले आतंकवादी नाथूराम विनायक गोडसे की जयंती है।

गांधी जी स्वयं को कट्टर सनातनी हिंदू मानते थे : मोहन भागवत

आरएसएस चीफ ने कहा कि गांधी जी ने इस बात को समझा था कि भारत का भाग्य बदलने के लिए पहले भारत को समझना पड़ेगा और इसके लिए वह साल भर भारत में घूमे।

गांधीजी के शव का क्यों नहीं हुआ था पोस्टमार्टम? भाजपा सांसद ने की बापू के हत्या के नए सिरे से जांच की मांग

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में गांधी की हत्या की जांच की मांग करने वाली एक याचिका को खारिज कर दिया था।

हिन्दू संगठनों ने चेताया तो कॉलेज ने आननफानन में रद्द कर दिया गांधी जी के पड़पोते का लेक्चर

यह प्रोग्राम बापू की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा था। प्रोग्राम को इसलिए रद्द करना पड़ा क्योंकि मैं इसका हिस्सा बनने जा रहा था।

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