lunar eclipse 2019

साल का आखिरी चंंद्र ग्रहण हुआ समाप्त

149 साल गुरु पूर्णिमा पर पड़ने वाले चंद्र ग्रहण का अद्भुत संयोग है। यह ग्रहण न सिर्फ भारत में दिखाई देगा बल्कि इसका प्रभाव भी तमाम राशियों और देश की ताजा स्थिति पर पड़ेगा।

चंद्रग्रहण पर बिहार में कब से कब तक रहेगा सूतक काल, जानिए मौसम की भविष्यवाणी

चंद्रग्रहण के कारण कई मंदिरों के कपाट सूतक काल में बंद हो जाएंगे, वहीं कई बड़ें मंदिरों में आरती के समय को बदला गया है लेकिन बंद नहीं किया गया है।

गंगा तटों पर त्योहार की तरह मनाया गया चंद्रग्रहण

समाप्त हुआ साल का आखिरी चंंद्रग्रहण और खुल गए मंदिरों के कपाट।

इस साल का आखिरी चंद्रग्रहण खत्म, देश-दुनिया पर पड़ेगा यह असर

149 साल बाद आया ऐतिहासिक चंद्रग्रहण अब खत्म हो चुका है। ग्रहणकाल की अवधि करीब 2 घंटे 59 मिनट की रही।

जानिए राज्य अनुसार चंद्र ग्रहण के सूतक का समय कब होगा शुरु

कर्नाटक में सूतक शाम को 4:31:43 से 7:29:39 तक है। बादलों से आसमान घिरा रहेगा और साथ ही मौसम भी ठंडा रहेगा।

जानिए दुनिया भर में चंद्र ग्रहण को लेकर क्या है मानयताएं

बाटामालिबा के लोग (अफ्रीका में) मानते हैं कि चंद्र ग्रहण का मुख्य कारण है सूरज और चाँद के बीच की लड़ाई। उनका मानना है कि लोगों को इस झगड़े को खत्म कराने की कोशिश करनी चाहिए।

काशी के घाट पर आज दिन में ही होगी आरती, 27 साल में तीसरी बार होगा ऐसा

श्री काशी विश्‍वनाथ मंदिर में मंगलवार (16 जुलाई) के शाम के समय सप्‍तर्षि आरती और शयन आरती तो अपने निर्धारित समय पर होनी की बात है। लेकिन उसके अगले ही दिन भोर में मंगला आरती दो घंटे के देरी से यानी प्रात: 4.45 बजे शुरु होकर 5.45 बजे समाप्‍त होगी।

चंद्र ग्रहण के दौरान किन कार्यों को नहीं करना चाहिए, जानें यहां

ग्रहण के दौरान सोने से भी मना किया जाता है क्योंकि इससे व्यक्ति की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। साथ ही बाथरूम का भी इस्तेमाल ग्रहण के समय नहीं करना चाहिए।

Horoscope Today, July 16, 2019: सूतक काल लगते ही इन राशि वालों को बरतनी होगी सावधानी

Horoscope Today, July 16, 2019, chandra grahan effects: मीन राशि वालों का स्वास्थ्य आज उनका साथ देगा। शरीर में काफी ऊर्जा रहेगी जिस कारण आप अपने सभी कार्यों को अच्छे से कर पाएंगे।

149 साल बाद चंद्र ग्रहण पर बन रहा है दुर्लभ योग, जानें कैसा रहेगा इसका असर

ज्योतिषियों की माने तो इस बार वाले चंद्र ग्रहण का महत्व बहुत ज्यादा है। क्योंकि ऐसा योग 149 साल बाद बन रहा है। इससे पहले 12 जुलाई 1870 में इस तरह की स्थिति बनी थी।

16 जुलाई को लगने जा रहा है चंद्र ग्रहण, जानिए इससे जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

ऐसा माना जाता है कि चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से ग्रहण की हानिकारक किरणें आपकी आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं और ऐसा हकीकत में भी होता है। ग्रहण की किरणें आंखों को बहुत हानि पहुंचा सकती हैं। विज्ञान भी इस बात से कभी इनकार नहीं करता है।

क्यों और कैसे लगता है चंद्र ग्रहण, जानें इससे जुड़ी धार्मिक और वैज्ञानिक बातें

वैज्ञानिक भाषा में समझें तो चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है जो तब होती है जब चंद्रमा पृथ्वी की छाया से गुजरता है। आसान भाषा में, जब सूर्य और चाँद के बीच पृथ्वी के आने से चंद्रमा पर प्रकाश पड़ना बंद होता है, उसे ही चंद्र ग्रहण कहते हैं।

किसे कहते हैं सूतक काल, इस दौरान कौन से कार्य नहीं किये जाते

सूतक से अभिप्राय है ऐसा खराब समय जिसके दौरान प्रकृति संवेदनशील हो जाती है। ऐसे समय में अनहोनी होने की भी आशंका ज्यादा होती है। इसलिए इस समय कुछ कार्यों को करने में सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

चंद्रग्रहण के समाप्ति के साथ खुले मंदिरों के कपाट

साल के आखिरी चंद्र ग्रहण ने एक दुर्लभ ग्रहण था, जो 149 साल पहले 12 जुलाई सन् 1870 को बना था। उस समय गुरु पूर्णिमा और चंद्र ग्रहण साथ-साथ थे साथ ही शनि, केतु और चंद्र के साथ धनु राशि में बैठे थे। इस बार भी ग्रहों की स्थिति बिल्कुल ऐसी ही बन रही है।

चंद्र ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को रखना होता है इन बातों का ध्यान

ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं अपने पास एक नारियल रख लें। इससे नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव नहीं पड़ेगा। ग्रहण के बुरे प्रभावों से बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को तुलसी का पत्ता जीभ पर रखकर हनुमान चालीसा और दुर्गा स्तुति का पाठ करना चाहिए।

149 साल बाद गुरु पूर्णिमा पर बन रहा है यह दुर्लभ योग, जानें गुरुओं की पूजा का सही समय

इस चंद्र ग्रहण का सूतक दोपहर 01 बजकर 31 मिनट से शुरू हो जाएगा, जबकि इसकी समाप्ति 17 जुलाई की सुबह 04 बजकर 31 मिनट पर होगी।

शाम 4 बजे तक ही हो पायेगी गुरु पूर्णिमा की पूजा, जानें इसका कारण

16 जुलाई को पड़ने वाली गुरु पूर्णिमा पर विशेष पूजा-पाठ की जाती है। लोग इस दिन अपने गुरुओं की पूजा करते हैं। चंद्र ग्रहण होने के कारण इस दिन दोपहर 1:30 बजे से सूतक लग जायेगा। जिस कारण पूजा-पाठ का काम इससे पहले ही पूर्ण करना होगा।

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