Lord Vishnu

कब किया जाएगा तुलसी विवाह, जानिए इस दिन का महत्व, मान्यताएं और विवाह की विधि

Tulsi Vivah: हिंदू पंचांग के मुताबिक हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवोत्थान एकादशी व्रत रखा जाता है। इसी दिन तुलसी विवाह भी मनाया जाता है।

देवोत्थान एकादशी के बाद होती है मांगलिक कार्यों की शुरुआत, जानें इस साल कब किया जाएगा ये व्रत

Devuthhana Ekadashi Kab Hain: देवोत्थान एकादशी के दिन विशेष तौर पर भगवान विष्णु की आराधना की जाती हैं। कहते हैं कि इस दिन भगवान विष्णु की उपासना करने से घर-परिवार में मांगलिक कार्यक्रमों की शुरुआत होने के योग बन सकते हैं।

भगवान विष्णु और महालक्ष्मी को समर्पित हैं रमा एकादशी व्रत, जानें महत्व, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

Rama Ekadashi Vrat: रमा एकादशी को इसलिए खास माना जाता है क्योंकि इस दिन व्रत रखकर देवी लक्ष्मी की भी कृपा प्राप्त की जा सकती हैं।

शुक्रवार की शाम इस स्तोत्र का पाठ करने से घर से दरिद्रता दूर होने की है मान्यता, जानें पाठ की विधि

माता महालक्ष्मी उसी स्थान पर वास करती हैं जहां श्री हरि की पूजा की जाती है। ऐसी मान्यता है कि शुक्रवार की शाम श्री नारायण हृदय स्तोत्र का पाठ करने से श्री हरि समेत देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर की दरिद्रता का नाश करती हैं।

कार्तिक मास को माना जाता है बहुत खास, जानें किन नियमों का करना चाहिए पालन

Kartik Maas Ke Niyam: कार्तिक मास में रोजाना सुबह पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए। अगर ऐसा करना संभव ना हो तो आप किसी भी पवित्र नदी के पानी को अपने नहाने की बाल्टी के पानी में मिलाकर भी स्नान कर सकते हैं।

धन प्राप्ति के लिए बृहस्पतिवार के दिन इस चालीसा का पाठ करने की है मान्यता

Vishnu Chalisa: ज्योतिष शास्त्र में यह बताया जाता है कि बृहस्पति ग्रह के स्वामी देवता भगवान विष्णु हैं। इसलिए इस दिन भगवान विष्णु के पूजन का विशेष महत्व होता है।

बृहस्पतिवार के दिन इस विधि से करें नारायण स्तोत्र का पाठ, बन सकते हैं जल्द विवाह के योग

Shighra Vivah Ke Upay : श्री नारायण स्तोत्र के पाठ को जल्दी शादी करवाने के उपायों (Jaldi Shadi Ke Upay) में खास माना जाता है।

धन प्राप्ति के लिए शुभ माना जाता है परम एकादशी व्रत, जानिये महत्व, व्रत विधि और पारण का समय

Param Ekadashi Vrat Vidhi : परम एकादशी व्रत 13 अक्तूबर, मंगलवार को रखा जाएगा। यह व्रत पूर्ण रूप से भगवान विष्णु को समर्पित हैं। इस व्रत को परम पावन माना जाता है।

गरीबी दूर करने के लिए कारगर माना जाता है परम एकादशी व्रत, जानें व्रत कथा

Param Ekadashi Vrat Katha : इस साल अधिक मास में परम एकादशी व्रत 13 अक्तूबर, मंगलवार के दिन किया जाएगा। यह व्रत पूर्ण रूप से भगवान विष्णु को समर्पित होता है।

बृहस्पतिवार के दिन इस स्तोत्र का पाठ करने से मनोकामना पूर्ण होने की है मान्यता, प्रसन्न होते हैं भगवान विष्णु

Vishnu Sahasranamam : बृहस्पतिवार के दिन पीले रंग के आसन पर बैठकर भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए इस स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से बहुत जल्द मनोकामना पूर्ण होती है।

भगवान विष्णु को समर्पित है पद्मिनी एकादशी, जानिये कथा और आरती

Padmini Ekadashi 2020 : हिंदू पंचांग के मुताबिक पद्मिनी एकादशी अधिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है। इस महीने को बहुत खास माना जाता है।

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक बृहस्पतिवार को ये उपाय करने से बनता है शादी का योग, जानिये

सालों से किसी के विवाह के योग न बन रहे हों तो उसे बृहस्पति ग्रह के उपायों को करने की सलाह दी जाती है। कहते हैं कि बृहस्पतिवार को बृहस्पति ग्रह के उपाय करने से जल्दी शादी के योग बनते हैं।

इस व्रत के प्रभाव से राजा कीतृवीर्य को हुई थी संतान प्राप्ति, जानिये पद्मिनी एकादशी का महत्व और कथा

अधिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पद्मिनी एकादशी व्रत किया जाता है। इस साल अधिक मास आश्विन मास में लगा है। इस वजह से 27 सितंबर, रविवार के दिन पद्मिनी एकादशी का व्रत किया जाएगा।

अधिक मास में जानिये क्या होती है नवधा भक्ति, इसके जरिए कई भक्तों ने किए हैं भगवद्दर्शन

श्रीमद् भागवत महापुराण में नौ प्रकार की भक्ति बताई गई है। भक्ति के नौ प्रकारों को ही नवधा भक्ति के नाम से जाना जाता है। कहा जाता है कि इस धरती पर आए सभी मनुष्यों का परम उद्देश्य भगवत प्राप्ति हैं।

अधिक मास में गलती से भी न करें ये 10 काम, माने गए हैं वर्जित

इस महीने में कुछ कार्यों को वर्जित माना गया है। कहते हैं कि जो व्यक्ति अधिक मास में इसके नियमों को नहीं मानता है उससे देवता नाराज हो जाते हैं।

आज से शुरू हो रहा है अधिक मास, जानिये महत्व

हिंदू कैलेंडर के मुताबिक यह माना जाता है कि 3 सालों में एक बार चंद्र मास अत्तिरिक्त आता है, इस कारण से इस महीने को अधिक मास कहा जाता है।

अनंत चतुर्दशी के दिन क्यों बांधा जाता है अनंत सूत्र, जानिये इसका महत्व और बांधने की विधि

जिस व्यक्ति के हाथ में अनंत सूत्र बन जाता है। उसकी जेब हमेशा नोटों से भरी रहती है। कहते हैं कि भगवान के अनंत स्वरूपों को याद करके बांधा हुआ यह धागा अपार धन देने वाला होता है।

Nirjala Ekadashi 2019: जब भगवान विष्णु को देवताओं के कल्याण के लिए लेना पड़ा एक स्त्री का रूप

देवताओं की हताशा और दैत्यों के बीच में अमृत को लेकर हो रहे झगड़े को देखकर भगवान विष्णु ने एक सुंदर नारी का रूप लिया और असुरों के पास जाकर अमृत को समान रूप से बांटने की बात कही। असुरों ने हरि के मोहिनी रूप को देखकर अमृत का कलश उन्हें सौंप दिया।

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