labour laws

परमानेंट नौकरियों को कॉन्ट्रैक्ट में तब्दील कर सकती हैं कंपनियां, मोदी सरकार ने नए कानून में दी छूट

यह कानून सरकार की ओर से ही लागू किए गए मार्च 2018 के नियम के मुकाबले अलग है। तब सरकार ने यह स्पष्ट किया था कि कोई भी औद्योगिक संस्थान परमानेंट कर्मचारियों के पदों को फिक्स्ड टर्म एंप्लॉयमेंट में तब्दील नहीं कर सकता।

गुजरात सरकार ने फैक्ट्री एक्ट के प्रावधान का हवाला दे बढ़ा दिए थे काम के घंटे, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की प्रदेश सरकार की अधिसूचना

जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, केएम जोसेफ और इंदु मल्होत्रा की पीठ ने कहा है कि महामारी की स्थिति वैधानिक प्रावधानों को खत्म करने का कारण नहीं हो सकती है। ये प्रावधान श्रमिकों को सम्मान और अधिकार प्रदान करते हैं।

गरीबों का शोषण, ‘मित्रों’ का पोषण, पीएम मोदी पर राहुल गांधी ने फिर किया शायराना तंज

राहुल गांधी ने शायराना तंज हस्ते हुए लिखा, ‘किसानों के बाद मज़दूरों पर वार। गरीबों का शोषण, ‘मित्रों’ का पोषण, यही है बस मोदी जी का शासन।’

कंपनियों के लिए हायरिंग-फायरिंग आसान करने वाले श्रम कानूनों को राज्यसभा से मंजूरी, जानिए- कर्मचारियों पर क्या असर

भारतीय मजदूर संघ ने कहा है कि इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड पूरी तरह से कंपनी के पक्ष में झुकाव रखता है और इससे औद्योगिक शांति पर विपरीत असर पड़ेगा। मजदूर संघ के महासचिव बृजेश उपाध्याय ने हायरिंग और फायरिंग के नियमों में ढील को लेकर आपत्ति जताई।

चौपाल: शोषण के दरवाजे

विभिन्न पहलुओं पर विचार करें तो संविदा पर नौकरी एक प्रकार का बंधुआ मजदूरी साबित होगी, जिसमें पांच सालों तक कर्मचारियों का शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण होगा जो मानवीय संवेदना के खिलाफ है।

लेबर कोड में राज्यों को मिलेंगे बदलाव के अधिकार, नौकरी से हटाने जैसे मसलों पर दे सकते हैं ढील, मोदी सरकार ने खारिज किए पैनल के सुझाव

अब केंद्र सरकार खुद ही लेबर कोड में राज्य सरकारों को यह ताकत देने जा रही है कि वे अपने अनुसार श्रम कानूनों में बदलाव कर सकें। इसके तहत राज्य सरकारें कर्मचारियों की छंटनी आदि के मामलों से जुड़े नियमों में बदलाव कर सकती हैं।

राज्यों की ओर से श्रम कानूनों में बदलाव पर केंद्र का कड़ा रुख, कहा- सामाजिक सुरक्षा के आड़े आने वाले नियम होंगे खत्म

केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने बताया है कि देश भऱ में करीब 15 राज्यों ने श्रम कानूनों में बदलाव किए हैं। संसदीय समिति को भरोसा दिलाते हुए श्रम सचिव हीरालाल समारिया और अन्य अधिकारियों ने कहा कि किसी भी राज्य को सोशल सिक्योरिटी कोड बिल का उल्लंघन नहीं करने दिया जाएगा।

RSS से जुड़े संगठन का 20 मई को BJP सरकारों के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन, लेबर लॉ के प्रावधान बदलने पर है नाराज

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े मजदूरों के संगठन ‘भारतीय मजदूर संघ’ ने 20 मई को देशभर में प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। मजदूर संघ का कहना है कि वह गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश के साथ राजस्थान, ओडिशा, गोवा और महाराष्ट्र में बदले गए लेबर लॉ के प्रावधानों पर आंदोलन करेगी। गौरतलब है […]

मध्य प्रदेश में सप्ताह में 72 घंटे मजदूरों से लिया जा सकेगा काम, शिवराज सरकार ने श्रम कानूनों में दी बड़ी ढील

कंपनियों और दुकानों की शुरुआत के लिए लाइसेंस हासिल करना और रजिस्ट्रेशन कराना बेहद आसान कर दिया गया है। अब किसी भी औद्योगिक इकाई को स्थापित करने के लिए सिर्फ एक ही दिन में लाइसेंस मिल सकेगा।

उत्तर प्रदेश में तीन नियमों को छोड़ खत्म हुए सारे श्रम कानून, कंपनियों को मिले अधिकार, कभी भी कर सकती हैं हायर और फायर

अध्यादेश में करार के साथ नौकरी करने वाले लोगों को हटाने, नौकरी के दौरान हादसे का शिकार होने और समय पर वेतन देने जैसे तीन नियमों को छोड़कर अन्य सभी श्रम कानूनों को तीन वर्ष के लिए स्थगित कर दिया गया है।

अरूण जेटली ने कहा- औद्योगिक वृद्धि के लिए जरूरी नहीं श्रम सुधार

वित्त मंत्री अरूण जेटली ने भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) से कहा है कि औद्योगिक वृद्धि के लिए श्रम सुधार आवश्यक नहीं हैं और इन कानूनों में बदलाव सभी यूनियनों से राय लेने के बाद किया जाएगा।

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