kanhaiya speech

JNU ROW: कन्‍हैया कुमार के पक्ष-विपक्ष में अब तक सामने आए हैं ये FACTS

कन्‍हैया कुमार के मामले को हर राजनीतिक दल अपने-अपने चश्‍मे से देख रहा है। ऐसे में असल मुद्दा कहीं दब सा गया है। इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्‍या कन्‍हैया कुमार पर देशद्रोह का आरोप लगाया जाना चाहिए या नहीं?

कन्‍हैया ने कहा-नेता नहीं, छात्र हूं मैं, अफजल नहीं रोहित वेमुला है मेरा आदर्श

देशद्रोह के आरोप का सामना कर रहे इस पीएचडी छात्र ने यह भी कहा कि संसद पर हमले का दोषी अफजल गुरू भारत का नागरिक था और उसे मिली मौत की सजा पर बहस ‘‘वैध’’ है।

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देश को ऐसे हीरोइज्‍म या हीरो की जरूरत नहीं है, क्‍योंकि यह क्षणिक है। यह नायकत्‍व व्‍यक्ति की शख्‍सीयत या उसके काम से उपजा नहीं है।

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कन्‍हैया ने कहा कि उनका देश के संविधान में पूरा भरोसा है और पूरी उम्मीद है कि बदलाव आकर रहेगा। वे भारत से आजादी नहीं, भारत में आजादी मांग रहे हैं।

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दिल्ली सरकार ने जेएनयू विवाद पर अपनी मजिस्ट्रेट जांच की रिपोर्ट कानूनी टीम को भेज दी है ताकि वह यह बता सके कि इसके आधार पर कोई कार्रवाई की जा सकती है कि नहीं। जांच में जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला। सूत्रों ने बताया कि ‘आप’ सरकार ऐसे न्यूज चैनलों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करने पर विचार कर रही है जिसने नौ फरवरी को जेएनयू में हुए विवादित कार्यक्रम से जुड़े फर्जी वीडियो चैनल पर दिखाए थे।

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देशद्रोह के आरोप में जेनएयू छात्र संघ का अध्यक्ष कन्हैया तिहाड़ जेल से रिहा हो गया। बुधवार को हाई कोर्ट ने उसे छह महीने की सशर्त अंतरिम जमानत दी थी, जिसके बाद पटियाला हाउस कोर्ट ने गुरुवार को रिहाई के आदेश जारी किए।

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