jnu kanhaiya kumar

‘तुम्हारे दिल में गोडसे तो हमारे दिल में गांधी, तुम्हारी गोलियां खत्म हो जाएंगी, पर हमारा सीना नहीं’, कन्हैया की नई ललकार

सभा में पहुंचने से पहले बीजेपी और भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने कन्हैया ‘गो बैक’ के नारे लगाए और उनके काफिले को रोक दिया। उनके पोस्टर पर कालिख पोत दी।

दिल्ली सरकार की राय- कन्हैया कुमार पर नहीं बनता राजद्रोह का केस, खारिज हो सकती है दिल्ली पुलिस की अर्जी

गृह विभाग के अनुसार रिकॉर्ड में जो चीजें मौजूद हैं, एफआईआर उतनी दमदार नहीं है जिससे की हिंसा को उकसा कर राष्ट्र के खिलाफ राजद्रोह या देश की संप्रभुता पर हमले का मामला बनता हो।

कन्हैया कुमार के पास न गाड़ी, न बंगला, सिर्फ 1.5 डिसमिल गैर कृषि भूमि, एक साल में घट गई 60% इनकम

Lok Sabha Election 2019: 32 साल के कन्हैया जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष हैं। फरवरी 2016 में उन्हें जेएनयू परिसर में देशविरोधी गतिविधियों में साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया था।

देशद्रोह के अलावा JNU छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्‍हैया कुमार पर और लगी हैंं ये 7 धाराएं

पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोप-पत्र की कॉलम संख्या 12 में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के नेता डी राजा की पुत्री अपराजिता, जेएनयूएसयू की तत्कालीन उपाध्यक्ष शहला राशिद, राम नागा, आशुतोष कुमार और बनोज्योत्सना लाहिरी सहित कम से कम 36 अन्य लोगों के नाम हैं।

कन्हैया कुमार को हाई कोर्ट से बड़ी राहत, JNU के आदेश को बताया अवैध

दिल्ली हाईकोर्ट से जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने कहा कि कन्हैया कुमार के खिलाफ जेएनयू का आदेश अवैध, तर्कहीन और अनियमित है।

राष्‍ट्रद्रोह विवाद: जेएनयू पैनल ने उमर खालिद, कन्‍हैया कुमार की सजा बरकरार रखी

कमिटी 9 फरवरी 2016 को हुए वाकये के बाद गठित की गई थी। आरोप था कि उन्होंने आतंकवादी अफजल गुरु की फांसी की बरसी को विश्वविद्यालय के परिसर में मनाया और कथित तौर पर देश विरोधी नारे भी इस मौके पर लगाए गए।

‘सेल्फी और जुमलों’ की सरकार है मोदी सरकार: कन्हैया कुमार

मोदी सरकार केवल मेक इन इंडिया, स्टैंड अप इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया जैसे जुमले बना रही है। मेक इन इंडिया वास्तव में फेक इन इंडिया होना चाहिए। यह सेल्फी और जुमलों की सरकार बन गई है।

15 साल पहले 15 मिनट की बातचीत के बाद छह छात्रों से आडवाणी ने हटवा दिया था देशद्रोह का आरोप

आडवाणी ने डीयू के तत्‍कालीन वाइस चांसलर दीपक नैयर के साथ सिर्फ 15 मिनट बातचीत की थी, जिसके बाद आरोप वापस ले लिए गए थे। इन छात्रों को करीब 10 दिन तिहाड़ जेल में बिताने पड़े थे।

अनुपम खेर, प्रसून जोशी जैसे बुद्धिजीवि‍यों ने माना- राष्ट्रविरोधी नारे लगाने वाले मसूद अजहर जैसे खतरनाक

एक्‍टर अनुपम खेर और परेश रावल, पत्रकार स्वप्न दासगुप्ता, पूर्व लोकसभा महासचिव सुभाष कश्यप, अर्थशास्त्री बिबेक देबराय, गीतकार और विज्ञापन क्षेत्र की बड़ी हस्ती प्रसून जोशी समेत अन्य ने इस अपील का समर्थन किया है।