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राजनीतिः दो पाटन के बीच

पत्रकार दोहरे दबाव के शिकार हैं। पुलिस की खबर लिखने पर नक्सली उन्हें पुलिस का एजेंट बताते है। पत्रकार सार्इं रेड््डी और नेमि जैन की हत्या नक्सलियों ने कुछ साल पहले की थी। इन दोनों पत्रकारों पर माओवादियों ने पुलिस के मुखबिर होने का आरोप लगाया था।जबकि पुलिस इन पत्रकारों को नक्सलियों का मुखबिर बता रही थी।

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