ISRO

राजनीतिः जैव विविधता का पश्चिमी घाट

हमारे देश में दुनिया की बारह फीसद जैव विविधता है, लेकिन उस पर कितना काम हो पाया है, कितने वनस्पति और जीवों के जीन की पहचान हो पाई है, यह एक अहम सवाल है। लोक लेखा समिति की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पर्यावरण और वन मंत्रालय पैंतालीस हजार पौधों और इक्यानबे हजार जानवरों की प्रजातियों की पहचान के बावजूद जैव विविधता के संरक्षण
के मोर्चे पर विफल रहा है।

भारत और रूस की सैटेलाइट्स टकराने से बाल-बाल बचीं, विदेशी Kanopus-V के बेहद नजदीक चला गया था ISRO का Cartosat-2F, जानें कैसे

इसरो प्रमुख ने कहा कि अंतरिक्ष में ऐसी घटनाएं होती रही हैं और अभी हजारों सैटेलाइट स्पेस में ही तबाह होने के बाद घूम रही हैं।

चौपाल: अंतरिक्ष में प्रदूषण

सन् 1957 में तत्कालीन सोवियत संघ द्वारा निर्मित कृत्रिम उपग्रह स्पुतनिक-1 को छोड़े जाने के बाद अब तक एक अनुमान के अनुसार लगभग तेईस हजार से भी ज्यादा उपग्रहों को अंतरिक्ष में दुनिया के विभिन्न देशों द्वारा छोड़ा जा चुका है।

राजनीति: अंतरिक्ष पर्यटन और चुनौतियां

जैसे-जैसे सरकारी एजेंसियां खर्चीले अभियानों से अपने हाथ खींच रही हैं, वैसे-वैसे निजी एजेंसियां मौके को भुनाने की कोशिशें कर रही हैं। उन्हें लग रहा है कि अंतरिक्ष को अब पर्यटन का केंद्र बनाया जा सकता है और दुनिया भर के अमीरों को इस रोमांचक यात्रा पर ले जाकर पैसे कमाए जा सकते हैं।

राजनीति: अंतरिक्ष में बढ़ती ताकत

आज दुनिया में जिस तरह के हालात बनते जा रहे हैं, अमेरिका, रूस, चीन जैसे दुनिया के कुछ ताकतवर देश जिस प्रकार पिछले कुछ दशकों में मजबूत अंतरिक्ष शक्ति के रूप में उभरे हैं और अंतरिक्ष में अपने हथियारों की तैनाती कर रहे हैं, उससे भविष्य में अंतरिक्ष युद्ध की आशंका से इंकार
नहीं किया जा सकता।

10 सैटलाइट को ले रवाना हुआ PSLV-C49, अब भारत धरती के चप्पे-चप्पे पर रख सकेगा नजर

भारत ने PSLV C49 की सफल लॉन्चिंग की है। इसके साथ भारत के एक रडार उपग्रह और अन्य देशों के 9 उपग्रह रवाना हुए हैं। अमेरिका के चार सैटलाइट भी इसमें सामिल हैं।

चंद्रयान-2 मिशन को लेकर जगी भारत की उम्मीद, चेन्नई के शख्स का दावा- चांद पर कुछ मीटर चला प्रज्ञान

चेन्नई के इंजीनियर षणमुग सुब्रमण्यन ने ट्वीट कर दावा किया है कि ‘रोवर प्रज्ञान चंद्रमा की सतह पर सही सलामत मौजूद है।’

प्राइवेट कंपनियां भी अंतरिक्ष में भेजेंगी अपने मिशन, खत्म होगा इसरो का एकाधिकार, पीएमओ दे सकता है प्लान को मंजूरी

अंतरिक्ष विभाग के सूत्रों ने बताया कि जल्दी ही इस प्रस्ताव को प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से भी मंजूरी दी जा सकती है। यदि ऐसा होता है तो अंतरिक्ष मिशन में इसरो का एकाधिकार समाप्त हो सकता है।

ISRO की एक और उपलब्धि: 2020 का पहला सैटेलाइट GSAT 30 लॉन्च सफल, जानें क्यों है खास

जीसैट-30 के लॉन्च से देश में दूरसंचार सेवाएं बेहतर हो सकेंगी। अपनी लॉन्चिंग के 38 मिनट बाद सैटेलाइट पृथ्वी की कक्षा में स्थापित हो गई। 3,357 किलो वजनी जीसैट-30 इनसैट-4ए की जगह लेगा, जिसका सेवाकाल पूरा हो चुका है।

Chandrayaan 2 की ‘हार्ड लैंडिंग’ के बाद दुखी ISRO चीफ को नरेंद्र मोदी ने दे दी थी ‘जादू की झप्पी’, अब के.सिवन ने बताया- गले लगने से मिली थी…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरु स्थित स्पेस सेंटर के बाहर इसरो प्रमुख के सिवन को गले लगा लिया था। यह तस्वीर काफी तेजी से वायरल हुई थी और लोगों ने इसकी काफी तारीफ की थी।

हटाई गईं चंद्रयान मिशन-2 की प्रोजेक्ट डायरेक्टर एम वनीता, अब इस महिला को सौंपी गई चंद्रयान-3 मिशन की कमान, जानें- कौन हैं रितु कारीधाल?

रितु कारीधाल को अगले मिशन यानी चंद्रयान-3 की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एम वनीता को अब वीर मुथुवेल की जगह ISRO में तैनात किया गया है।

ISRO ने स्पाय सैटेलाइट लॉन्च कर रचा इतिहास, अमेरिका, इटली, जापान समेत दूसरे देशों के नौ कॉमर्शियल सैटेलाइट भी लॉन्च

‘रिसैट-2बीआर1’ को प्रक्षेपण के लगभग 16 मिनट बाद और अन्य उपग्रहों को लगभग पांच मिनट बाद उनकी अलग-अलग निर्दिष्ट कक्षाओं में स्थापित कर दिया गया।इसरो प्रमुख के. सिवन और अन्य वैज्ञानिकों ने सभी 10 उपग्रहों के निर्दिष्ट कक्षाओं में स्थापित होने पर एक-दूसरे को बधाई दी।

CHANDRAYAN 2: भारतीय वैज्ञानिक ने ढूंढा विक्रम लैंडर के अवशेष! जानें क्या बोले चेन्नई के इंजीनियर सुब्रमण्यम

33 साल के शनमुगा सुब्रमण्यम ने चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम के मलबे का पता लगाया और नासा ने इसकी औपचारिक घोषणा की है। लैंडर ‘विक्रम’ का चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग के दौरान चंद्रयान-2 से संपर्क टूट गया था।

ISRO इतिहास रचने को फिर से है तैयार! महज 27 मिनट में CARTOSAT-3 के साथ लॉन्च करेगा 14 सैटेलाइट

ISRO, CARTOSAT-3 satellite: कार्टोसैट-3 तीसरी पीढ़ी का बेहद चुस्त और उन्नत उपग्रह है जिसमें हाई रिजोल्यूशन तस्वीर लेने की क्षमता है । इसका भार 1,625 किलोग्राम है और यह बड़े पैमाने पर शहरी नियोजन, ग्रामीण संसाधन और बुनियादी ढांचे के विकास, तटीय भूमि के उपयोग तथा भूमि कवर के लिए उपभोक्ताओं की बढ़ती मांग को पूरा करेगा।

ISRO: उत्तर कोरिया का 2017 का परमाणु परीक्षण हिरोशिमा पर गिराए गए बम से 17 गुना शक्तिशाली था

अंतरिक्ष उपयोग केंद्र के रितेश अग्रवाल और ए एस राजावत सहित विभिन्न वैज्ञानिकों ने जमीन पर परीक्षणों के माप को बढ़ाने के लिए उपग्रह डाटा का उपयोग किया।

चंद्रयान-2 मिशन अभी खत्म नहीं! ISRO चीफ बोले- दोबारा करेंगे विक्रम की लैंडिंग की कोशिश

उन्होंने चंद्रयान-2 का जिक्र करते हुए कहा कि यह तो सच है कि हम विक्रम लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग नहीं करा पाए लेकिन लेकिन पूरा सिस्टम चांद की सतह से महज 300 मीटर की दूरी पर पूरी तरह से काम कर रहा था।

Chandrayaan 2 के IIRS ने कैद की चांद की सतह की पहली चमकीली तस्वीर, ISRO ने की जारी

First Illuminated Image of the Lunar Surface acquired by #Chandrayaan2’s IIRS Payload News & Details in Hindi: बता दें क‍ि छह स‍ितंबर को जब इसरो ने चंद्रयान 2 को लॉन्‍च क‍िया था, तभी व‍िक्रम का संपर्क इससे टूट गया था। चांद की सतह के काफी करीब पहुंच कर व‍िक्रम लापता हो गया।

Chandrayaan और गगनयान ही नहीं, ट्रेनों पर भी ISRO की नजर, ऐसे सुधार रहा Time Table

IRCTC Indian Railway, ISRO: यह सिस्टम से हर 30 सेकंड पर ट्रेनों की स्पीड और लोकेशन का सटीक डेटा देता है, जो कि ट्रेनों की टाइमिंग का सही पता लगाने में कारगर साबित हुआ है।

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