India Pakistan Kargil War

कारगिल में घुसपैठ की जानकारी तत्कालीन रक्षा मंत्री को भी नहीं थी, जानिए कैसे जसवंत सिंह के बेटे ने खबर वाजपेयी सरकार के कानों तक पहुंचाई

बहुत कम लोगों को पता है कि कैसे कारगिल घुसपैठ की जानकारी अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे एक सीनियर लीडर को मिली। दरअसल तत्कालीन विदेश मंत्री जसवंत सिंह के बेटे के पास सेना के अधिकारी के पहुंचने के बाद उन्हें इस महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में पता चला।

एयरचीफ ने बताया, कैसे मिराज 2000 विमानों ने पलटा था करगिल का रुख और किया था पाक को नेस्तनाबूत

20 years of Kargil War: वायुसेना प्रमुख ने कहा, ‘‘लाइटनिंग टारगेटिंग पॉड और लेजर गाइडेड बम प्रणाली को रिकॉर्ड 12 दिन के भीतर पूरा कर लिया गया।’’ उन्होंने कहा कि मिराज 2000 जेट विमानों और थल सेना को वायुसेना के सहयोग ने 1999 के युद्ध का रुख ही पलट दिया।

करगिल विजय दिवस: ‘मेजर अनवर खान! हिन्दुस्तान का सिपाही पीठ पर गोली नहीं मारता, संभाल अपने आप को’- महावीर दिगेंद्र सिंह की शौर्य गाथा

इस जवान की हौसला अफजाई करते हुए तत्कालीन आर्मी चीफ ने कहा था-“वाह मेरे बेटे, तुझे 48 घंटे पहले हिन्दुस्तान की पहली कामयाबी मुबारक हो, अगर तू ये तिरंगा झंडा फहराता है…13 जून को ये तिरंगा झंडा फहरता है तो तेरा नाश्ता जनरल मलिक खुद अपने हाथ से कराएगा।”

कहानी कारगिल शहीद कैप्टन मनोज पांडेय की जिन्होंने ‘मौत की हत्या’ करने का प्रण लिया था

हमने कारगिल के युद्ध को तो जीत लिया। लेकिन उसे जीतने की कोशिश में हमने कई बहादुर सैनिकों जैसे सौरभ कालिया, विजयंत थापर, पदमपाणि आचार्य, मनोज पांडेय, अनुज नायर और विक्रम बत्रा को खो दिया।

कारगिल संघर्ष खत्‍म करने को लेकर भारत-पाकिस्‍तान में हो चुकी थी डील मगर…

जेहरा के मुताबिक कारगिल में पाकिस्तान की तरफ से किए जाने वाले ऑपरेशन के बारे में नवाज शरीफ को ज्यादा जानकारी नहीं थी। यह पूरा ऑपरेशन मुशर्रफ की निगरानी में किया जा रहा था। कारगिल के बारे में नवाज को कब और कहां पता चला, यह सवाल हमेशा से ही चर्चा में रहता आया है।

शहादत के 19 साल: दो घंटे में ढेर किए थे 15 पाकिस्तानी सैन‍िक, जान‍िए कारग‍िल के शहीद की कहानी

राजस्थान के झुंझुनू के रहने वाले सूबेदार हरफूल सिंह कुलहरी ने सिर्फ दो घंटे में 2 बंकर तबाह करके 15 पाकिस्तानी सैनिकों को मौत की नींद सुला दिया था। उनका शौर्य देखकर दुश्मन पोस्ट छोड़कर भाग गए ​थे। शहीद हरफूल सिंह ने 30 मई 1999 को ही वीरगति हासिल की थी।

कारगिल विजय दिवस: जान‍िए जांबाजों ने कैसे की थी टाइगर चोटी फतह, रक्षा मंत्री ने जीत से पहले ही कर दी थी घोषणा

नौजवान भारतीय अफसर सौरभ कालिया टाइगर चोटी को दोबारा हासिल करने की कोशिश में ही शहीद हुए थे।

कारगिल विजय दिवस: आज के ही द‍िन पूरा हुआ था म‍िशन कारग‍िल, जान‍िए कैसे शुरू हुआ था युद्ध

Kargil Vijay Diwas: 26 जुलाई 1999 को भारतीय सेना ने मिशन को सफल घोषित किया। उसके बाद से इस दिन हर साल को विजय दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।

मुशर्रफ ने कहा: कारगिल युद्ध में पाक सेना ने भारत को मुसीबत में डाल दिया था

कारगिल युद्ध के दिनों को याद करते हुए पाकिस्तान के पूर्व तानाशाह जनरल परवेज मुशर्रफ ने रविवार को कहा कि पाकिस्तानी सेना ने उस समय भारत को मुसीबत में डाल दिया था और इसे भारत कभी नहीं भूल सकता।

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