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चीन छोड़ भारत में प्लांट लगाने की तैयारी में 24 मोबाइल कंपनियां, इलेक्टॉनिक्स में 10 लाख नौकरियों की उम्मीद

अब सरकार इसी रणनीति को फार्मा, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग के सेक्टर में अमल में लाने पर विचार कर रही है। हालांकि चीन और अमेरिका में व्यापारिक तनाव और कोरोना संकट का फायदा सिर्फ भारत को ही नहीं मिला है।

बिकने के कगार पर देश की सबसे पुरानी साइकल कंपनी एटलस, हीरो साइकल्स ने दिखाई दिलचस्पी

एटलस साइकल्स का हीरो साइकल्स की ओर से अधिग्रहण किया जा सकता है। फंड की कमी का हवाला देते हुए एटलस प्रबंधन ने पिछले दिनों अपनी आखिरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर ताला लगाने का फैसला लिया था।

मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में चीन को मात देना फिलहाल है दूरी की कौड़ी? जानें- कहां कमजोर है भारत

बीते कुछ सालों में भारत ने मेड इन इंडिया मोबाइलों के मामले में सफलता हासिल भी की है, लेकिन यह पूरी तरह से स्वदेशी मोबाइल नहीं हैं। 2014 में भारत में 6 करोड़ मोबाइल डिवाइस की मैन्युफैक्चरिंग होती थी, जो 2019 में बढ़कर 29 करोड़ हो गया है।

कोरोना संकट के बाद बदलेगी दुनिया? चीन से फैक्ट्रियां हटा रहे दुनिया भर के देश, फायदा उठाने की तैयारी में भारत

सरकार ने अपने मैन्युफैक्चिरिंग सेक्टर में सुधार करते हुए अमेरिका और जापान के देशों को आकर्षित करने की रणनीति पर काम शुरू किया है। खासतौर पर फार्मास्युटिकल्स और ऑटोमोबाइल्स सेक्टर में चीन के विकल्प के तौर पर उभरने की भरपूर संभावनाएं हैं।

Service Sector Growth: नए साल की बंपर शुरुआत, मैन्युफैक्चरिंग के बाद सर्विस सेक्टर ने भी भरी उड़ान, 7 साल के उच्चतम स्तर पर

Service Sector Growth in India: सर्विसेज सेक्टर के आउटपुट के मामले में यह बीते 7 सालों का उच्चतम स्तर है। आईएचएस मार्किट की मुख्य अर्थशास्त्री पोलियान्ना डि लिमा ने कहा कि 2020 की शुरुआत में भारत के सर्विस सेक्टर ने सुस्ती को मात देते हुए तेज ग्रोथ दर्ज की है।

Manufacturing Growth in India: 1700 निजी कंपनियों की सेल में 2019-20 की दूसरी तिमाही में बड़ी गिरावट

Manufacturing in India: मौजूदा साल के शुरुआती 8 महीनों में औद्योगिक उत्पादन का इंडेक्स महज 0.6 फीसदी ही ग्रोथ कर पाया, जबकि बीते साल 5 फीसदी से अधिक की रफ्तार से ग्रोथ हुई थी।

Manufacturing Growth in India: सुस्ती दूर होने के संकेत? जनवरी में मैन्युफैक्चरिंग 8 साल के उच्चतम स्तर पर

Manufacturing Activity in India: बीते 11 सालों में सबसे कमजोर ग्रोथ की स्थिति से काबू पाने की दिशा में यह आंकड़े अहम साबित हो सकते हैं। जनवरी के महीने में डिमांड में इजाफा होने के चलते नए बिजनस में ग्रोथ दिखी है। इसके चलते आउटपुट, एक्सपोर्ट, इनपुट खरीद और रोजगार में बढ़ोतरी हुई है।

दूसरे माह में भी औद्योगिक उत्पादन में गिरावट दर्ज, पूंजीगत सामान में गिरावट है वजह

औद्योगिक उत्पादन में लगातार दूसरे महीने गिरावट दर्ज हुई है। नवंबर के बाद दिसंबर में औद्योगिक उत्पादन पिछले साल इसी माह की तुलना में 1.3 प्रतिशत कम रहा और इस गिरावट में मुख्य रूप से विनिर्माण और पूंजीगत सामान क्षेत्र में संकुचन का योगदान है।

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