Parenting pressure, success definition
अपने ही घर में ‘कमतर’ बना बेटा: अमेरिका में बसे भाई से तुलना और तानों के बीच टूटती उम्मीदों की कहानी | मार्गदर्शन

मां-बाप को समाज में शर्मिंदगी होती कि उनका बेटा एक साधारण सी नौकरी करते हुए उनके साथ रह रहा है।…

These 6 Facts About Your Body Will Surprise You
7 Photos
ह्यूमन बॉडी के चौंकाने वाले रहस्य, शरीर के अंदर छुपे 6 ऐसे तत्व जो रोजमर्रा की चीजों में आते हैं काम

Human Body Composition: हमारा शरीर जितना जटिल है, उतना ही दिलचस्प भी। इसमें मौजूद तत्व न सिर्फ हमें जीवित रखते…

Your Brain and Body Do These 8 Unexplained Things Daily
9 Photos
हिचकी, जम्हाई और सपने, शरीर की ये प्रतिक्रियाएं क्यों होती हैं, क्या कहता है विज्ञान

Human Body Mysteries: मानव शरीर विज्ञान की सबसे बड़ी पहेलियों में से एक है। रोज होने वाली साधारण घटनाएं, जैसे…

Social media hate speech, online hate and intolerance
दुनिया मेरे आगे: कुछ बातें भूल जाइए, कुछ लोगों को माफ कर दीजिए, मन भी हल्का होगा, जिंदगी भी

जनसत्ता अखबार के स्तम्भ ‘दुनिया मेरे आगे’ में आज पढ़ें डॉ गौरव बिस्सा के विचार।

respect, dignity, behavior, humility, relationships
विचार: सम्मान कमाना आसान नहीं, मगर मुस्कुराकर शुरू की गई बातचीत का असर सबसे गहरा होता है

जनसत्ता अखबार के स्तम्भ ‘दुनिया मेरे आगे’ में आज पढ़ें चंदन कुमार चौधरी के विचार।

value of empathy, human connection
दुनिया मेरे आगे: शक्कर के डिब्बे से रिश्तों का सच, क्यों परवाह ही है जीवन की सबसे बड़ी ताकत?

जनसत्ता अखबार के स्तम्भ ‘दुनिया मेरे आगे’ में आज पढ़ें गौरव बिस्सा के विचार।

thought vs propaganda, media machinery, artificial intelligence
दुनिया मेरे आगे: कुछ छोड़ें, कुछ माफ करें और रिश्तों को मजबूत बनाएं – सच्चा सुकून चाहिए तो टेंशन से बाहर निकलें

जनसत्ता अखबार के स्तम्भ ‘दुनिया मेरे आगे’ में आज पढ़ें मुनीष भाटिया के विचार।

दुनिया मेरे आगे: इंसान को महत्त्वाकांक्षी होना चाहिए या नहीं? जानिए हमारे जीवन के लिए क्या है जरूरी

इसमें दोराय नहीं कि महत्त्वाकांक्षा व्यक्ति के भीतर की क्षमताओं में उभार लाकर उसे अपने यथास्थिति का शिकार हो गए…

Positive attitude, satisfaction with life, understanding of rights, happy life
दुनिया मेरे आगे: सिर्फ अच्छा सोचने भर से नहीं होता है काम, अपने हक के लिए खड़ा भी होना होगा; अधिकार के साथ साहस भी जरूरी

जब हमारे वास्तविक अधिकारों की बात होने लगती है, तब नकारात्मक, सकारात्मक विचारधारा या हर हाल में संतुष्टि से भरे…

अपडेट