Hindu Religion

सनातन संस्कृति: भगवान श्री चंद्राचार्य ने की थी उदासीन संप्रदाय की स्थापना

सिख धर्म के प्रवर्तक श्री गुरु नानक देव जी के सुपुत्र भगवान श्री चंद्राचार्य महाराज ने उदासीन संप्रदाय की स्थापना की थी और भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए शैव, वैष्णव, शाक्त, सौर तथा गणपत्य मत को मानने वाले सभी धर्माचार्य को संगठित कर पंचदेवोपासना प्रतिपादित किया।

तीरंदाज: एक अप्राप्य पोथी

वास्तव में यह पाठ्य पुस्तक विद्यार्थी को सनातन परिकल्पना की प्रारंभिक, पर जरूरी जानकारी देती है। यह सिर्फ विद्यार्थियों के लिए नहीं, बल्कि आम लोगों के लिए भी बेहद लाभकारी हो सकती है। परंतु यह पुस्तक भारत में आसानी से उपलब्ध नहीं है।

कब है सफला एकादशी? जानिये इससे जुड़ी मान्यता, पूजा विधि और मुहूर्त

इस दिन व्रत रखने की ये मान्यता है कि जो लोग शुद्ध मन से भगवान विष्णु की आराधना करते हैं और विधिवत व्रत रखते हैं, उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है।

सार-संसार: संयम, सरलता और सहजता का त्रिगुण

मनुष्य ने सब कुछ विशेष पाने और बनने की होड़ में जीवन को इतना जटिल बना दिया है कि जीवन कि मधुरता, हर्ष, उल्लास और गंभीरता का भाव शून्य हो गया है। भौतिक भोग की सुलभता होते हुए, छटपटाहट, उदासी, घुटन का जमाव है।

दुर्लभ पल: गुरु-शनि का महासंयोग

गुरु ओैर शनि जो 17 जुलाई 1623 के बाद आज सोमवार को इतने करीब होंगे कि दोनों के मध्य दूरी मात्र 0.1 डिग्री की रह
जीएगी। इन्हें नंगी आखों से भी देखा जा सकता है और दूरबीन या टेलीस्कोप से भी।

लोक मान्यता: राम कथा और स्त्री विमर्श के यक्ष प्रश्न

तुलसीकृत और वाल्मीकि के रामायण की कथा राम के लंका विजय के पश्चात समाप्त हो जाती है। उत्तर रामायण इन्होंने नहीं लिखी। उत्तर रामायण को संस्कृत के महान लेखक भवभूति ने अपने नाटक में रचा है।

संस्कृति: लीला अपरंपार

देशभर में रामलीलाओं की परंपरा करीब पांच सौ साल पुरानी है। आस्था और संवेदनाओं के संकट के दौर में अगर भारत आज भी ईश्वर की लीलाभूमि है तो यह यहां के लोकमानस को समझने का नया विमर्श बिंदु भी हो सकता है।

Karwa Chauth 2020 Date: कब है करवा चौथ? जानिये इससे जुड़ी मान्यताएं और मुहूर्त

Karwa Chauth (Karva Chauth) 2020 Date in India: प्राचीन काल से ही करवा चौथ के व्रत का बहुत अधिक महत्व बताया जाता है। इस साल करवा चौथ 4 नवम्बर, बुधवार को मनाया जाएगा।

श्रीकृष्ण को आया जब तेज बुखार, फेल हुए सारे इलाज; तब राधा लाईं 100 छेद वाले घड़े का पानी, जानिए पूरी कहानी

एक बार जब श्रीकृष्ण को तेज बुखार आया तो सब परेशान हो गए थे। इलाज कराया लेकिन उन्हें आराम नहीं मिला तब उन्होंने ही खुद के ठीक होने का एक अचूक उपाया बताया।

श्रीकृष्ण से प्रेम करती थीं राधा फिर उनके गोकुल छोड़ने पर क्यों किया अभिमन्यु से विवाह? जानिए रहस्य

राधा रानी कहती हैं। ‘आश्लिष्य वा पाद-रतां पिनष्टु माम् अदर्शनान्मर्म-हताम्-हतां करोतु वा यथा तथा वा विदधातु लम्पटो मत्प्राण-नाथस्तु स एव नापरः॥’ वो मेरे पास रहें या दूर रहें, मुझसे प्रेम करें या न करें, प्रेम का मतलब है हर स्थिति में हम आपसे प्रेम करते हैं।

Vastu Dosh: ये बीमारियां भी देती हैं घर में वास्तु दोष का संकेत, ऐसे करें पहचान

यदि आपके यहां रसोईघर आग्‍नेय कोण में स्थित नहीं है तो घर में कमाने वाले सदस्‍य अक्‍सर बीमार रहेंगे। हमेशा रसोई आग्‍नेय कोण में ही बनवाएं।

Anant Chaturdashi 2019: वनवास के दौरान पांडवों ने भी रखा था अनंत चतुर्दशी का व्रत, इसी से मिटे थे राजा हरिश्चंद्र के भी कष्ट

Anant Chaturdashi 2019: किवदंती है कि कौरवों से जुए में हारने के बाद पांडव 14 साल का वनवास काट रहे थे। एक ऋषि ने उन्हें अनंत चौदस का व्रत रखने की सलाह दी, जिसके बाद ही उनकी समस्याएं खत्म हुई थीं।

अपनी राशि अनुसार चुनें भगवान गणेश की मूर्ति का रंग

अगर आप भी अपने घर में भगवान की प्रतिमा लाने का विचार कर रहे हैं तो रंग के अनुसार स्थापित करें। माना जाता है कि जो रंग आपकी राशि के अनुकूल है अगर आप उसी कलर की प्रतिमा को स्थापित कर संकल्प करते हैं तो आपकी आस्था ज्यादा फलीभूत होगी और भगवान आपसे अधिक प्रसन्न होंगे।

रामायण, महाभारत से प्रेरणा लेती है यह करिश्‍माई तैराक, ओलंपिक में जीते हैं पांच गोल्‍ड मेडल

अमेरिका की 23 साल की इस तैराक ने पिछले साल दिसंबर में संन्यास की घोषणा कर सबको चौंका दिया था।

शिव का 11वां रूद्र अवतार थे हनुमान, यहां पढ़ें पौराणिक कथा

हिंदू धर्म ग्रंथ पुराणों के अनुसार भगवान शिव ही समस्त सृष्टि के आदि कारण हैं। उन्हीं से ब्रह्मा, विष्णु सहित समस्त सृष्टि का उद्भव होता हैं। जिस प्रकार विष्णु के 24 अवतार हैं उसी प्रकार शिव के भी 28 अवतार हैं।

Masik Shivaratri 2018: मासिक शिवरात्रि आज, जानिए क्या है महत्व और व्रत विधि

Masik Shivaratri 2018: हर महीने आने वाले इस पर्व को इस व्रत को महिला और पुरुष दोनों कर सकते है। श्रद्धालुओं को शिवरात्रि की रात को जाग कर शिव जी की पूजा करनी चाहिए।

दीपक जलाने से मिलती है सकारात्मक ऊर्जा, जानिए और क्या होते हैं इसके फायदे

ऐसा कहा जाता है कि दीपक जलाने से वातावरण में सकारात्मकता आती है। दीपक का प्रकाश जितनी जगह पर जाता है, वहां से नकारात्मकता दूर हो जाती है। पूजा में दीपक जलाने से सूर्य और चंद्रमा की कमजोरी दूर होती है।

तो क्या इंद्र की चाल में फंस 6 महीने सोता था कुंभकर्ण?

ब्रह्मा द्वारा कुंभकर्ण को दिए गए निद्रासन वरदान के पीछे दो वजहें बताई जाती हैं। इनमें से एक के मुताबिक इंद्र कुंभकर्ण से ईर्ष्या करते थे।

आज का राशिफल
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