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संपादकीयः मलेशिया का संकट

मलेशिया की राजनीति में वे पिछले चालीस सालों से केंद्र में बने रहे हैं। दो साल पहले उन्होंने विभिन्न दलों का गठबंधन बना कर करीब पंद्रह सालों से सत्ता में बनी रही भ्रष्टाचार में लिप्त सरकार को शिकस्त दी थी।

Mahakavi Jaishankar Prasad की पुण्यतिथि पर कुमार विश्वास ने शेयर की रचना, प्रेम और प्रकृति से जुड़ी उनकी चंद पंक्तियां यहां पढ़ें

Hindi Poet Mahakavi Jaishankar Prasad Ka Jeevan Parichay: 30 जनवरी, साल 1890 को उत्तरप्रदेश के काशी (वाराणसी) में एक जाने-माने वैश्य परिवार में हिन्दी साहित्य के महान लेखक जयशंकर प्रसाद का जन्म हुआ था। इनके पिता का नाम देवीप्रसाद साहू था।

हिंदी को लेकर कमल हासन का विवादित बयान- भाषाओं के परिवार में हिंदी डायपर पहने छोटा बच्चा

एक अक्टूबर 2019 को हासन ने तमिलनाडु के चेन्नई में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, “भाषाओं के परिवार में हिंदी सबसे युवा है। यह डायपर में छोटे बच्चे जैसी है। हमें इसका ख्याल रखना होगा, क्योंकि यह हमारी भी संतान है। तमिल, संस्कृत, तेलुगू की तुलना में यह बहुत युवा है।”

अमित शाह के बयान पर बीजेपी में ही उठने लगीं आवाजें! येदि बोले सभी भाषाएं समान, बंगाल में भी नेताओं की बढ़ी मुसीबत

येदियुरप्पा ने ट्वीट कर कहा है कि, “हमलोग इसके महत्व से कभी समझौता नहीं करेंगे तथा कन्नड़ एवं अपने राज्य की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिये प्रतिबद्ध हैं।”

कोई शाह, सुल्तान या सम्राट…’, हिंदी पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर भड़के कमल हासन

उन्होंने ट्वीट करते हुए अमित शाह को आड़े हाथ लिया है। हासन ने एक वीडियो ट्वीट किया है जिसमें वो कह रहे हैं कि कोई शाह, सुल्तान या सम्राट अचानक वादा नहीं तोड़ सकता है। कोई भी नया कानून या स्कीम लाने से पहले आम लोगों से बात होनी चाहिए।

Hindi Diwas 2019: हिंदी भाषा के 5 ऐसे फैक्ट, जो आपको जरूर पता होने चाहिए

Hindi Diwas 2019: 14 सितंबर 1949 को हिंदी के स्कॉलर बेहर राजेंद्र सिम्हा का 50वां जन्मदिवस था। राजेंद्र वह शख्स थे, जिन्होंने देश की 22 प्रमुख भाषाओं में से हिंदी को आधिकारिक दर्जा देने पर जोर दिया था।

80 साल पहले हिन्दी का विरोध कर पिता बन गए थे पॉलिटिकल हीरो, अब बेटे ने कहा- ‘तमिलों के खून में हिन्दी नहीं’

तमिल राजनीति में हिंदी विरोध का झंडा पहले डीएमके संस्थापक अन्नदुराई ने उठाया, जिसे एम करुणानिधि ने आगे बढ़ाया। दशकों तक हिंदी विरोध तमिलनाडु की राजनीति में एक अहम पड़ाव रहा है।

उच्च अदालतें और हिंदी

देश की सभी निचली अदालतों में संपूर्ण कामकाज हिंदी व अन्य भारतीय भाषाओं में होता है, किंतु उच्च न्यायालयों और उच्चतम न्यायालय में यही काम केवल अंग्रेजी में होता है। यहां तक कि जो न्यायाधीश हिंदी व अन्य भारतीय भाषाएं जानते हैं, वे भी अपीलीय मामलों की सुनवाई में दस्तावेजों का अंग्रेजी अनुवाद कराते हैं।

हिंदी को लेकर लोकसभा में भिड़े सुषमा स्‍वराज और शशि थरूर, कांग्रेसी नेता ने सवाल उठाए तो मंत्री ने कहा- अज्ञानी हैं आप

शशि थरूर ने हिंदी को आगे बढ़ाने पर सवाल उठाया और कहा कि हिंदी भारत की राष्ट्रीय भाषा भी नहीं है।

साहित्य : आलोचना का संकट

आलोचक की प्रतिबद्धता पाठक के प्रति न होकर रचनाकार के प्रति हो गई है। व्यक्तिगत संबंधों पर आधारित आलोचना-कर्म ने आलोचक के चरित्र को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। उसका अवसरवाद जगह-जगह उजागर हो रहा है और आलोचना लगभग व्यवसाय बन गई है।

सफलता की भाषा

पर सच्चाई है कि हम सबको भ्रमित किया जा रहा है, क्योंकि कोई भी भाषा कभी भी सफलता में बाधक नहीं बन सकती और इस पांच प्रतिशत के जिम्मेदार हम हिंदी माध्यम वाले खुद हैं।

हर तारीख में प्रेमचंद का आज

प्रेमचंद का मानना है कि इतिहास की किताबों में तारीखों के अलावा सब कुछ कल्पना होती है। उपन्यासों में तारीखें काल्पनिक होती हैं और बाकी सब सच होता है।

अदालतों में हिंदी में कामकाज पर बोलीं रंजीत रंजन – लगता है कि हम अंग्रेजों के गुलाम बन कर रह गए

किरण रिजीजू ने कहा कि देश के चार राज्य उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार में हाईकोर्ट में हिंदी का उपयोग होता है।

भाषा : व्याकरण लेखन की समस्या

हिंदी व्याकरण की अनेक पुस्तकें लिखी गर्इं और आज भी लिखी जा रही हैं। पर सभी पुस्तकें तरह-तरह की असंगतियों और भ्रांत धारणाओं से भरी हैं।

भाषा : भारतीय राष्ट्रवाद और भाषाएं

असल में किसी भाषाभाषी में जब उच्चता का बोध आ जाता है, तो वह दूसरी भाषा नहीं सीखना चाहता।

पुस्तकायन : जाति का घुन

‘शब्द’ कहानी संभ्रांतता प्रदर्शन के लिए वर्चस्वशाली भाषा के प्रयोग पर जहां प्रश्न उठाती है, वहीं भाषा के शुद्धतावादी नजरिए को लेकर सजग भी है।

माध्यम : आभासी दुनिया के राग-रंग

हिंदी सोशल साइट पर अब ऐसे लोगों की बड़ी जमात है, जिसे इसी माध्यम के जरिए रचनात्मकता के पंख नसीब हुए हैं।

शशि थरूर बोले- कन्‍हैया कुमार आज का भगत सिंह, कांग्रेस में भी हुआ विरोध

जेएनयू छात्रों के बीच पहुंचे शशि थरूर ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि इंडिया सिर्फ हिंदी, हिंदू और हिंदुस्‍तान ही नहीं है।