जनसत्ता अखबार के स्तम्भ ‘दुनिया मेरे आगे’ में आज पढ़ें मनीष कुमार चौधरी के विचार।
Nepal Ranked Happiest in South Asia: नेपाल की इस सफलता के पीछे केवल आर्थिक कारक नहीं हैं, बल्कि वहां की…
हम अक्सर सोचते हैं कि भावनाएं सिर्फ दिमाग में होती हैं, लेकिन सच यह है कि हर भावना का सीधा…
Least happy countries in the world 2025: हर साल की तरह इस साल भी दुनिया के सबसे कम खुशहाल देशों…
जब हम एक बार दूसरों को देकर खुशी प्राप्त करना सीख लेते हैं, परमार्थ से आनंद प्राप्त करने लगते हैं,…
जनसत्ता अखबार के स्तम्भ ‘दुनिया मेरे आगे’ में आज पढ़ें राजेंद्र बज के विचार।
जनसत्ता अखबार के स्तम्भ ‘दुनिया मेरे आगे’ में आज पढ़ें तनुजा चौबे के विचार।
उपहार देना तभी सार्थक होता है जब इसके साथ हमारी भावनाएं भी स्नेह से भरी और पवित्र हों। अगर हम…
आनंद कोई क्षणिक भाव नहीं है जो एक बार मन में उत्पन्न हुआ और कुछ ही देर में समाप्त हो…
ताउम्र चले और कहीं नहीं पहुंचे की स्थिति तब होती है, जब चलने वाला जानता ही नहीं कि जाना कहां…
बाजार चमक रहे हैं, प्रचार हमें अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। अब त्योहारों का मतलब मिलना-जुलना कम और दिखना-दिखाना…
मनुष्य को यह स्वीकार करना होगा कि अतीत को बदला नहीं जा सकता। जो कुछ भी हुआ, अच्छा या बुरा,…