Bhutan's Happiness Mantra, Gross National Happiness (GNH), GDP vs. GNH
‘सकल घरेलू उत्पाद से नहीं, सकल राष्ट्रीय खुशी के सूचकांक से देश चलाते हैं’; भूटान के राजा ने बताया जीएनएच मंत्र | दुनिया मेरे आगे

जनसत्ता अखबार के स्तम्भ ‘दुनिया मेरे आगे’ में आज पढ़ें मनीष कुमार चौधरी के विचार।

Nepal Ranked Happiest in South Asia
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दक्षिण एशिया का सबसे खुशहाल देश बना नेपाल, वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2026 में बड़ी उपलब्धि, भारत-पाकिस्तान को छोड़ा पीछे

Nepal Ranked Happiest in South Asia: नेपाल की इस सफलता के पीछे केवल आर्थिक कारक नहीं हैं, बल्कि वहां की…

What Your Feelings Are Secretly Doing to Your Body Will Shock You
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गुस्सा, डर और प्यार, आपकी फीलिंग्स आपके शरीर पर डालती हैं असर, रिसर्च में हुआ खुलासा

हम अक्सर सोचते हैं कि भावनाएं सिर्फ दिमाग में होती हैं, लेकिन सच यह है कि हर भावना का सीधा…

Happy, How to be happy, happiness
दुनिया मेरे आगे: परमार्थ एक स्थिर आनंद, यह स्वार्थ लोभ और इच्छाओं से परे

जब हम एक बार दूसरों को देकर खुशी प्राप्त करना सीख लेते हैं, परमार्थ से आनंद प्राप्त करने लगते हैं,…

Money and peace, position and fame, human desires
दुनिया मेरे आगे: अगर सब कुछ पैसा ही है तो पैसे वालों की जिंदगी में सुकून क्यों नहीं है? सवाल वही – बाजार में चैन क्यों नहीं बिकता?

जनसत्ता अखबार के स्तम्भ ‘दुनिया मेरे आगे’ में आज पढ़ें राजेंद्र बज के विचार।

truth of life, happiness and sorrow, balance in life, joys and pains
दुनिया मेरे आगे: आनंद और पीड़ा दोनों को गले लगाएं, जिसके पास सबसे ज्यादा सुख है, उसी के पास सबसे गहरा दुख भी है

जनसत्ता अखबार के स्तम्भ ‘दुनिया मेरे आगे’ में आज पढ़ें तनुजा चौबे के विचार।

gift importance, emotional gifts, gift giving, meaning of gifts, selfless gifts
दुनिया मेरे आगे: शरीर में खुशी का हार्मोन बढ़ाना है तो उपहार दें… चीज छोटी, असर भारी; क्योंकि भावनाएं शब्दों से आगे जाकर रिश्तों को छूती हैं

उपहार देना तभी सार्थक होता है जब इसके साथ हमारी भावनाएं भी स्नेह से भरी और पवित्र हों। अगर हम…

true bliss, self-awareness, self-reflection, acceptance, gratitude
दुनिया मेरे आगे: सच्चा आनंद पाने का रास्ता है खुद को पहचानना, हर हालात को अपनाना और आभार के साथ जीना सीखना

आनंद कोई क्षणिक भाव नहीं है जो एक बार मन में उत्पन्न हुआ और कुछ ही देर में समाप्त हो…

Dunia mere aage, Pleasure,
दुनिया मेरे आगे: असली खुशी की खोज; जब लक्ष्य तय हो और सोच सकारात्मक हो, तब खुद से रोशनी लो, जीवन को दिशा दो

ताउम्र चले और कहीं नहीं पहुंचे की स्थिति तब होती है, जब चलने वाला जानता ही नहीं कि जाना कहां…

Dunia mere aage, consumerism, urbanization, artificial intelligence
दुनिया मेरे आगे: बाजार से पूछ रहा इंसान – खुशियों का कौन-सा है ब्रांड? त्योहार, रिश्ते और मशीन का हुआ बाजारीकरण

बाजार चमक रहे हैं, प्रचार हमें अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। अब त्योहारों का मतलब मिलना-जुलना कम और दिखना-दिखाना…

Jansatta Dunia Mere aage, Jansatta Epaper
दुनिया मेरे आगे: अतीत का बोझ क्यों ढो रहे हैं हम? जीवन को हल्का बनाने के 3 आसान उपाय

मनुष्य को यह स्वीकार करना होगा कि अतीत को बदला नहीं जा सकता। जो कुछ भी हुआ, अच्छा या बुरा,…

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