GST Council

जीएसटी क्षतिपूर्ति के लिए कर्ज लेने पर 20 राज्यों ने दी सहमति, केंद्र की तरफ से मिली 68 हजार करोड़ रुपये जुटाने को मंजूरी

केंद्र ने अगस्त में राज्यों को दो विकल्प दिये थे। इसके तहत या तो वे आरबीआई द्वारा उपलब्ध करायी जाने वाली विशेष सुविधा के जरिये 97,000 करोड़ रुपये कर्ज ले सकते थे या फिर बाजार से 2.35 लाख करोड़ रुपये का ऋण ले सकते थे।

आज रात राज्यों को मिलेंगे जीएसटी के 20 हजार करोड़, काउंसिल की बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की घोषणा

वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हम राज्‍यों को मुआवजे की राशि से इनकार नहीं कर रहे हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि कोरोना संकट की वजह से ऐसी स्थिति पैदा हुई है।

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सरकार की ओर से बताया गया कि अगस्त माह में इंटीग्रेटेड गुड्स एंड सर्विस टैक्स के माध्यम से 42,264 करोड़ रूपए एकत्रित हुए, जिनमें 19,179 करोड रुपए चीज़ों के आयात पर टैक्स से कलेक्ट किए गए।

जीएसटी : केंद्र-राज्य की खींचतान, मुआवजा भरपाई पर कैसे टले टकराहट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में चलने वाली पांच घंटे की जीएसटी परिषद की बैठक में हालांकि दर में वृद्धि के मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई। इसके बावजूद कुछ वस्तुओं पर अधिक मुआवजा उपकर या अधिक उत्पादों को शामिल करने की बात से इनकार नहीं किया गया।

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अगस्त-सितंबर 2019 की बकाया 35,298 करोड़ रुपये की जीएसटी क्षतिपूर्ति की रकम दिसंबर में जारी की गई थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने फरवरी 2020 और फिर अप्रैल 2020 में दो किस्तों में 34,053 करोड़ रुपये की राशि जारी की थी।

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केंद्र सरकार ने कहा कि जीएसटी क्षतिपूर्ति सेस के तौर पर सिर्फ 95,444 करोड़ रुपये ही आए हैं, इसके बाद भी केंद्र ने 1.65 लाख करोड़ रुपये की पूरी राशि जारी कर दी है। इसमें मार्च महीने के 13,806 करोड़ रुपये भी शामिल हैं।

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GST Council Meeting: इनमें अगस्त 2017 से जनवरी 2020 तक के लिए GST return दाखिल नहीं करने पर लगने वाले विलंब शुल्क को माफ करने का फैसला किया गया है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यह राहत उन व्‍यापारियों को मिलेगी जिनकी कोई Tax liability नहीं है।

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