GDP Growth Rate

मोदी सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ स्कीम के बाद भी भारत की जीडीपी में इंडस्ट्री का योगदान 20 साल में सबसे कम

इस तरह से देखें तो बीते 5 सालों में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की हिस्सेदारी जीडीपी में 2.5 फीसदी घट गई है। इस आंकड़े के साथ ही भारत एशिया के सबसे कम औद्योगिकीकरण वाले देशों में शामिल हो गया है।

पहली बार मंदी का शिकार होगा भारत! लगातार दूसरी तिमाही में माइनस में रहेगी जीडीपी ग्रोथ, जानें- क्या कहते हैं आंकड़े

यही नहीं आरबीआई ने अनुमान जताया है कि यह पूरा साल ही निगेटिव ग्रोथ की भेंट चढ़ सकता है। अनुमान के मुताबिक वित्त वर्ष 2020-21 में आर्थिक विकास दर माइनस 9.5 पर्सेंट ही रह सकती है।

जानें, कैसे भारत के मुकाबले बांग्लादेश ने खत्म किया आर्थिक विकास का अंतर और अब आगे बढ़ने की तैयारी

अमर्त्य सेन और ज्यां द्रेज ने अपनी पुस्तक ‘एन अनसेंडेड ग्लोरीः इंडिया एंड इट्स कंट्राडिक्शंस’ में बांग्लादेश को अपने पड़ोसी देशों के मुकाबले शिशु मृत्यु दर, बाल टीकाकरण, महिला साक्षरता व स्वच्छता में बेहतर बताया था।

वर्ल्ड बैंक ने जताई भारतीय अर्थव्यवस्था में 9.6 पर्सेंट गिरावट की आशंका, 1991 से भी बड़ा है संकट

वर्ल्ड बैंक ने कहा भारतीय अर्थव्यवस्था पर कोरोनावायरस का असर उस समय पड़ा जब उसकी अर्थव्यवस्था फाइनेंसियल सेक्टर की दिक्कतों के कारण पहले से ही मंदी का सामना कर रही थी।

वित्त वर्ष 2020-21 में माइनस 11 पर्सेंट होगी जीडीपी, तिमाही नतीजों में हाहाकार के बाद एसबीआई ने जताई आशंका

पिछले वित्त वर्ष में जनवरी-मार्च की जीडीपी ग्रोथ 3.1 प्रतिशत रही, जबकि पिछले वर्ष इसी तिमाही में यह 5.2 प्रतिशत रही। रिसर्च रिपोर्ट की माने तो वित्त वर्ष 2020-21 की चारों तिमाही में वास्तविक जीडीपी ग्रोथ निगेटिव रहेगी और -10.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

जीडीपी में 24 सालों की सबसे बड़ी गिरावट, कोरोना के चलते 23.9 फीसदी की कमी, उल्टा घूमा ग्रोथ का पहिया

वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में जीडीपी में 23.9% की कमी दर्ज की गई है। बीते साल इसी अवधि में जीडीपी ग्रोथ 5.2 फीसदी थी। इस लिहाज से देखें तो कोरोना ने भारत की जी़डीपी पर बुरी तरह कहर बरपाया है।

देश के 8 बुनियादी उद्योगों में लगातार 5वें महीने तेज गिरावट, जुलाई में 9.6 फीसदी कम हो गया उत्पादन

जुलाई में इस्पात का उत्पादन 16.5 प्रतिशत, रिफाइनरी उत्पादों का 13.9 प्रतिशत, सीमेंट का 13.5 प्रतिशत, प्राकृतिक गैस का 10.2 प्रतिशत, कोयले का 5.7 प्रतिशत, कच्चे तेल का 4.9 प्रतिशत और बिजली का 2.3 प्रतिशत नीचे आया है।

मौजूदा वित्त वर्ष में 3 से 9 पर्सेंट तक घट सकती है भारत की जीडीपी, एक दशक तक स्थिर रह सकती है लोगों की कमाई

मैकेंजी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कोरोना संकट से पहले भी भारत की अर्थव्यवस्था चुनौतियों का सामना करना रही थी। वित्त वर्ष 2020 में जीडीपी की वृद्धि दर गिरकर 4.2% दर्ज़ की गई थी, जो पिछले 11 सालों में सबसे कम है।

आर्थिक मोर्चे पर बुरी खबर, रेटिंग एजेंसी फिच ने ग्रोथ आउटलुक को किया नेगेटिव, सरकारी कर्ज को बताया बड़ी चुनौती

रेटिंग एजेंसी फिच ने भारत के आउटलुक को अब नेगेटिव कर दिया है। अब तक रेटिंग एजेंसी ने भारत की रेटिंग को स्टेबल रखा था, लेकिन अब आउटलुक को नेगेटिव कर दिया है। फिच ने भारत की सॉवरेन रेटिंग BBB- के निचले स्तर पर बरकरार रखी है।

कोरोना से निपटते ही बड़ी वापसी करेगी भारतीय अर्थव्यवस्था, अगले साल 9.5 पर्सेंट रह सकती है आर्थिक विकास दर: रेटिंग एजेंसी फिच

रेटिंग एजेंसी फिच ने अनुमान जताया है कि वित्त वर्ष 2021-22 में भारत की आर्थिक ग्रोथ रेट 9.5 पर्सेंट तक पहुंच सकती है। यदि ऐसा होता है तो यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी कामयाबी हो सकती है, जो कोरोना के दौर से पहले से ही मंदी से गुजर रही है।

रेटिंग एजेंसी फिच ने घटाया भारत की ग्रोथ का अनुमान, -5 फीसदी रहेगी इस साल भारत की आर्थिक विकास दर

Rating Agency Fitch forecast: वैश्विक आर्थिक गतिविधियों में गिरावट अब धीरे-धीरे समाप्त हो रही है। फिच ने कहा कि सबसे अधिक कटौती भारत की वृद्धि दर में की गई है। चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था में पांच फीसदी की भारी गिरावट आएगी।

संयुक्त राष्ट्र ने घटाया भारत की ग्रोथ का अनुमान, चीन रहेगा आगे, US, जापान जैसे देशों की ग्रोथ होगी माइनस में

UN cuts india gpd growth forecast: 2020 में अमेरिका की आर्थिक ग्रोथ का अनुमान -4.8 फीसदी रखा गया है, जबकि जापान की ग्रोथ -4.2 फीसदी और यूरोपियन यूनियन की -5.5 पर्सेंट रह सकती है।

वित्त वर्ष 2020-21 में शून्य रहेगी भारत की जीडीपी ग्रोथ, मूडीज ने जताया अनुमान, कहा- अगले साल जोरदार वापसी करेगी अर्थव्यवस्था

मूडीज ने ग्रोथ के जीरो रहने की आशंका जताने के साथ ही राजकोषीय घाटे के भी 5.5 फीसदी तक रहने का अनुमान जताया है। इससे पहले बजट में भारत के वित्त मंत्री ने 3.5 फीसदी के घाटे की बात कही थी।

कॉरपोरेट सेक्टर से बोली सरकार, किसी बड़े पैकेज की न करें उम्मीद, पहली बार बताया- कितनी रहेगी जीडीपी ग्रोथ

सुब्रमण्यन ने कहा कि पहली तिमाही में आर्थिक ग्रोथ निगेटिव हो सकती है। हालांकि वित्त वर्ष 2020-21 में देश की जीडीपी ग्रोथ 2 फीसदी के करीब हो सकती है। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भी भारत की ग्रोथ 1.9 फीसदी तक रहने का अनुमान जताया है।

आईएमएफ ने जताई भारत के लिए बड़ी उम्मीद, 7.4 फीसदी हो सकती है 2021-22 में विकास दर, मौजूदा वर्ष में 1.9 पर्सेंट का अनुमान

गीता गोपीनाथ ने कहा कि 2021-22 में भारत की अर्थव्यवस्था का 7.4 पर्सेंट की ग्रोथ हासिल करना आश्चर्यजनक नहीं है क्योंकि वैश्विक अर्थव्यवस्था के भी 5.8 फीसदी की दर से आगे बढ़ने की बात कही गई है।

GDP 1.5%: पी.पूर्व वित्तमंत्री पी. च‍िदंबरम ने भी द‍िया भाजपा सांसद सुब्रमण्‍यम स्‍वामी वाला ही आंकड़ा, बोले- नाकाम रही मोदी सरकार

कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अर्थव्यवस्था की स्थिति को लेकर असामान्य रूप से मौन हैं और उन्होंने अपने मंत्रियों को ‘लोगों को बेवकूफ बनाने और शेखी बघारने’ के लिए छोड़ दिया है।

विकास दर, निवेश में कमी और बेरोजगारी से निपटने के लिए पीएम मोदी ने बनाई दो कैबिनेट समिति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्थिक दर और निवेश में सुस्ती और रोजगार के मौके पर चुनौती से निपटने के लिए दो कैबिनेट समितियों का गठन किया है। प्रधानमंत्री मोदी दोनों समितियों के अध्यक्ष होंगे।

मोदी सरकार के लिए खुशखबरी: 5.7% से बढ़कर दूसरी तिमाही में 6.3% हुई GDP

एक जुलाई को जीएसटी लागू होने के बाद जीडीपी विकास दर की यह पहली तस्वीर है।

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