GDP growth in India

मोदी सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ स्कीम के बाद भी भारत की जीडीपी में इंडस्ट्री का योगदान 20 साल में सबसे कम

इस तरह से देखें तो बीते 5 सालों में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की हिस्सेदारी जीडीपी में 2.5 फीसदी घट गई है। इस आंकड़े के साथ ही भारत एशिया के सबसे कम औद्योगिकीकरण वाले देशों में शामिल हो गया है।

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यही नहीं आरबीआई ने अनुमान जताया है कि यह पूरा साल ही निगेटिव ग्रोथ की भेंट चढ़ सकता है। अनुमान के मुताबिक वित्त वर्ष 2020-21 में आर्थिक विकास दर माइनस 9.5 पर्सेंट ही रह सकती है।

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अमर्त्य सेन और ज्यां द्रेज ने अपनी पुस्तक ‘एन अनसेंडेड ग्लोरीः इंडिया एंड इट्स कंट्राडिक्शंस’ में बांग्लादेश को अपने पड़ोसी देशों के मुकाबले शिशु मृत्यु दर, बाल टीकाकरण, महिला साक्षरता व स्वच्छता में बेहतर बताया था।

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अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत मिलने की बात करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि अप्रैल से अगस्त के दौरान एफडीआई में तेजी देखने को मिली है। उन्होंने कहा कि इस दौरान एफडीआई में 2019 के मुकाबले 13 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है।

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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने अनुमान जताया था कि बांग्लादेश की प्रति व्यक्ति जीडीपी 2020 में 4 प्रतिशत की दर से बढ़ते हुए 1,888 डॉलर के लेवल पर पहुंच सकती है। वहीं भारत में प्रति व्यक्ति जीडीपी 10.5 फीसदी की गिरावट के साथ $1,877 तक रह सकती है।

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सूत्रों ने कहा कि पीपीपी के लिहाज से भारत की जीडीपी बांग्लादेश से 11 गुना अधिक है। वहीं भारत की आबादी पड़ोसी देश से आठ गुना अधिक है।

वर्ल्ड बैंक ने जताई भारतीय अर्थव्यवस्था में 9.6 पर्सेंट गिरावट की आशंका, 1991 से भी बड़ा है संकट

वर्ल्ड बैंक ने कहा भारतीय अर्थव्यवस्था पर कोरोनावायरस का असर उस समय पड़ा जब उसकी अर्थव्यवस्था फाइनेंसियल सेक्टर की दिक्कतों के कारण पहले से ही मंदी का सामना कर रही थी।

एशियाई विकास बैंक ने भी जताई जीडीपी में 9 पर्सेंट गिरावट की आशंका, अगले साल ‘अच्छे दिनों’ की बंधाई उम्मीद

बैंक के चीफ इकॉनमिस्ट यासुयुकी सवादा ने कहा, ‘भारत ने कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए कड़ा लॉकडाउन लगाया था और इसका असर अर्थव्यवस्था पर बेहद विपरीत रहा है।’

मौजूदा वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था में आएगी 11.8 पर्सेंट की गिरावट, रेटिंग एजेंसी ने बढ़ाया कमजोरी का अनुमान

इंडिया रेटिंग्स का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था को 18.44 लाख करोड़ रुपये का नुकसान होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020-21 में खुदरा मुद्रास्फीति 5.1 प्रतिशत पर रहेगी।

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भारतीय कंपनियों ने बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश हासिल किया है। इस साल की शुरुआत से अब रिलायंस समेत कई दिग्गज कंपनियों ने 2,26,700 करोड़ रुपये की पूंजी हासिल की है।

वित्त वर्ष 2020-21 में माइनस 11 पर्सेंट होगी जीडीपी, तिमाही नतीजों में हाहाकार के बाद एसबीआई ने जताई आशंका

पिछले वित्त वर्ष में जनवरी-मार्च की जीडीपी ग्रोथ 3.1 प्रतिशत रही, जबकि पिछले वर्ष इसी तिमाही में यह 5.2 प्रतिशत रही। रिसर्च रिपोर्ट की माने तो वित्त वर्ष 2020-21 की चारों तिमाही में वास्तविक जीडीपी ग्रोथ निगेटिव रहेगी और -10.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

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अब तक ब्रिटेन 21.7% की गिरावट के साथ टॉप 20 अर्थव्यवस्थाओं में मंदी का शिकार होने वाला पहला देश था, लेकिन अब भारत ने उसे पछाड़ते हुए सबसे पहले नंबर पर आने का अनचाहा रिकॉर्ड बना लिया है।

जीडीपी में 24 सालों की सबसे बड़ी गिरावट, कोरोना के चलते 23.9 फीसदी की कमी, उल्टा घूमा ग्रोथ का पहिया

वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में जीडीपी में 23.9% की कमी दर्ज की गई है। बीते साल इसी अवधि में जीडीपी ग्रोथ 5.2 फीसदी थी। इस लिहाज से देखें तो कोरोना ने भारत की जी़डीपी पर बुरी तरह कहर बरपाया है।

जीडीपी के मुकाबले 91 फीसदी की ऐतिहासिक ऊंचाई पर सरकारी कर्ज, आगे भी बना रहेगा संकट: रिपोर्ट

वित्त वर्ष 2016 से सरकार का कर्ज़ लगातार बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2000 में जीडीपी के मुकाबले सरकार का कर्ज़ 66.4% था और जबकि 2015 में यह 66.6% था।

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केरल के वायनाड से सांसद ने इन्फोसिस के संस्थापक एन आर नारायणमूर्ति से जुड़ी एक खबर का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है।

अभी नहीं थमने वाला कोरोना का संकट, भारतीय अर्थव्यवस्था में 2021 में भी आ सकती है 5 फीसदी तक की गिरावट

बैंक ऑफ अमेरिका के मुताबिक फाइनेंशियल ईयर 2021 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 3 फीसदी की गिरावट देखने को मिल सकती है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में अगले महीने से मामूली तेजी का दौर देखने को मिल सकता है।

आर्थिक मोर्चे पर बुरी खबर, रेटिंग एजेंसी फिच ने ग्रोथ आउटलुक को किया नेगेटिव, सरकारी कर्ज को बताया बड़ी चुनौती

रेटिंग एजेंसी फिच ने भारत के आउटलुक को अब नेगेटिव कर दिया है। अब तक रेटिंग एजेंसी ने भारत की रेटिंग को स्टेबल रखा था, लेकिन अब आउटलुक को नेगेटिव कर दिया है। फिच ने भारत की सॉवरेन रेटिंग BBB- के निचले स्तर पर बरकरार रखी है।

कोरोना से निपटते ही बड़ी वापसी करेगी भारतीय अर्थव्यवस्था, अगले साल 9.5 पर्सेंट रह सकती है आर्थिक विकास दर: रेटिंग एजेंसी फिच

रेटिंग एजेंसी फिच ने अनुमान जताया है कि वित्त वर्ष 2021-22 में भारत की आर्थिक ग्रोथ रेट 9.5 पर्सेंट तक पहुंच सकती है। यदि ऐसा होता है तो यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी कामयाबी हो सकती है, जो कोरोना के दौर से पहले से ही मंदी से गुजर रही है।

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