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मुकेश अंबानी के रिलायंस और किशोर बियानी के फ्यूचर ग्रुप की डील पर अमेजॉन का विरोध दरकिनार, CCI ने दी मंजूरी

इस डील के साथ ही रिटेल सेक्टर में रिलायंस इंडस्ट्रीज का दखल और बढ़ गया है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने इस डील को मंजूरी देते हुए कहा है कि Competition Act, 2002 के सेक्शन 31(1) के तहत इस डील को मंजूरी दी गई है।

अपनी इन गलतियों की वजह से डूबते चले गए ‘रिटेल किंग’ किशोर बियानी, खुद बताया था कहां हुई चूक

यही नहीं ऑनलाइन के दौर में भी लंबे समय तक ऑफलाइन रिटेल कारोबार को ही विस्तार देने को भी किशोर बियानी ने अपनी गलती माना था। बता दें कि तमाम एक्सपर्ट्स भी यही मानते हैं कि भविष्य अब ऑनलाइन रिटेल में है।

कोर्ट में फ्यूचर ग्रुप का आरोप, ईस्ट इंडिया कंपनी जैसा बर्ताव कर रही अमेजॉन, हरीश साल्वे लड़ रहे किशोर बियानी का केस

हरीश साल्वे ने गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट से कहा कि अमेजॉन एक कानूनी रूप से चल रहे बिजनेस में दखल दे रहा है। बता दें कि अगस्त में फ्यूचर ग्रुप ने अपने रिटेल बिजनेस को 24,713 करोड़ रुपये की डील में रिलायंस के हाथों बेच दिया था।

मुकेश अंबानी के रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ डील में फ्यूचर ग्रुप को सिंगापुर कोर्ट से एक और झटका, जेफ बेजोस को मिली बढ़त

सिंगापुर आर्बिट्रेशन सेंटर की ओर से रिलायंस के साथ डील को होल्ड करने के आदेश के बाद यह फैसला फ्यूचर ग्रुप के लिए चिंताजनक है। बता दें कि फ्यूचर ग्रुप ने 24,713 करोड़ रुपये में रिलायंस ग्रुप के साथ अपने रिटेल बिजनेस को बेचने की डील की थी।

अमेजॉन और फ्यूचर ग्रुप के बीच और तीखी हुई कानूनी लड़ाई, जेफ बेजोस की कंपनी भी पहुंची हाई कोर्ट

अमेजॉन से पहले फ्यूचर ग्रुप ने भी दिल्ली हाई कोर्ट में प्रतिवाद दायर किया है और सिंगापुर आर्बिट्रेशन की ओर से रिलायंस के साथ डील रोकने के फैसले पर सुनवाई से पहले पक्ष लेने की मांग की है।

अमेजॉन के खिलाफ फ्यूचर ग्रुप की हाई कोर्ट में याचिका, जानें- किशोर बियानी ने अब चला है क्या दांव

लीगल एक्पर्ट्स के मुताबिक फ्यूचर ग्रुप ने यह प्रतिवाद इसलिए दायर किया है ताकि अमेज़ॉन की ओर से उच्च न्यायालय या फिर सुप्रीम कोर्ट में अर्जी डाली जाती है तो फिर उसका पक्ष लिए बिना कोई फैसला न दिया जाए।

मुकेश अंबानी के रिलायंस इंडस्ट्रीज और फ्यूचर डील के पीछे पड़ा अमेजॉन, अब हाई कोर्ट जाकर रुकवाने की तैयारी

सिंगापुर की आर्बिट्रेशन कोर्ट से रिलायंस और फ्यूचर ग्रुप की डील को रोकने का आदेश हासिल करने के बाद अमेजॉन ने अब इस पर अमल के लिए कमर कस ली है। जेफ बेजोस की लीडरशिप वाली कंपनी अब इस फैसले को लागू कराने के लिए भारतीय हाई कोर्ट का रुख कर सकती है।

किशोर बियानी की बेटियों अशनि और अवनि का भी है कारोबार में दखल, जानें- करती हैं क्या काम

किशोर बियानी ने बेटियों अशनि और अवनि को भी बिजनेस में शामिल किया है और उन्हें इसकी बारीकियां सिखाई हैं। यही नहीं किशोर बियानी कहते हैं कि उन्हें रिटेल सेक्टर की बारीकियां और ट्रेंड में चल रही चीजों की जानकारी अपनी बेटियों से ही मिलती रही है।

अमेजॉन के अड़ंगे से रिलायंस के साथ फेल हुई डील तो कारोबार समेटेंगे किशोर बियानी? 29 हजार नौकरियों पर होगा संकट

डील फेल होने पर किशोर बियानी अपने रिटेल बिजनेस को बंद करने और संपत्तियों को बेचने का फैसला लेते हैं तो इससे 29,000 कर्मचारियों के भविष्य पर संकट आ जाएगा।

Amazon को अंतरिम राहत, RIL-Future सौदे पर लगी रोक

इस बीच, आरआईएल रिटेल के हिस्से रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (आरआरवीएल) ने कहा कि उन्हें आपातकालीन मध्यस्थ के अंतरिम आदेश की सूचना दी गई है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज और फ्यूचर ग्रुप की डील पर लगी रोक, अमेजॉन की अपील पर आर्बिट्रेशन पैनल का फैसला

मामले की सीधे तौर पर जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने आर्बिट्रेशन पैनल के फैसले को लेकर कहा कि रिलायंस और फ्यूचर की डील पर आया यह निर्णय अमेजॉन के लिए व्यापक जीत की तरह है। अब उसे इस डील को रोके जाने के लिए एक तरह से एक आदेश मिल गया है।

मुकेश अंबानी से डील के फ्यूचर पर संकट? किशोर बियानी के खिलाफ जेफ बेजोस के मुकदमे पर शुरू हुई सुनवाई

अमेजॉन ने रिटेलर कंपनी फ्यूचर ग्रुप पर आरोप लगाते हुए कहा था कि कंपनी ने 24,713 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियां रिलायंस इंडस्ट्रीज को बेचकर ई-कॉमर्स कंपनी के साथ किए करार का उल्लंघन किया है।

खत्म नहीं हुई रिटेल किंग किशोर बियानी की पारी! भतीजे के जरिए फिर रिटेल सेक्टर में कर सकते हैं वापसी

रिलायंस से हुई डील में दोनों नॉन-कंपीटेंस एग्रीमेंट भी हुआ था, जिसमें किशोर बियानी और उनके परिवार के सदस्यों के नाम हैं। ऐसे में परिवार ने राकेश बियानी के जरिए एक बार फिर से रिटेल सेगमेंट में आने का प्लान बनाया है।

फ्यूचर ग्रुप के साथ रिलायंस की डील पर आएगा संकट? अमेजॉन ने इस आधार पर की मुकदमे की तैयारी

यदि सिंगापुर के इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर की ओर से अमेजॉन को यह मंजूरी दी जाती है कि वह करार के उल्लंघन पर फ्यूचर ग्रुप से हर्जाना ले, तब भी रिलायंस के साथ किशोर बियानी की डील में देरी होगी।

इस एक झटके से टूट गए थे किशोर बियानी, बताई रिटेल बिजनेस मुकेश अंबानी को बेचने की वजह

फिजिटल रिटेल कन्वेंशन में बोलते हुए किशोर बियानी ने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो कोरोना के शुरुआती 3-4 महीनों में हम एक ट्रैप में फंस गए थे। हमें रेवेन्यू के तौर पर 7,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा और इसक बाद बचने का कोई रास्ता नहीं था।

मुकेश अंबानी को रिटेल बिजनेस बेचने पर अमेजॉन ने भेजा किशोर बियानी को नोटिस, करार के उल्लंघन का आरोप

बढ़ते कर्ज और दिवालिया प्रक्रिया से बचने के लिए किशोर बियानी ने अगस्त में अपने रिटेल बिजनेस को मुकेश अंबानी के रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड को बेच दिया था।

रिलायंस को रिटेल बिजनेस बेचने के बाद अब एसबीआई को अपना बीमा कारोबार बेच रहे हैं किशोर बियानी, जानें- क्या है वजह

रिलायंस इंडस्ट्रीज को अपना रिटेल बिजनेस बेचने के बाद अब किशोर बियानी बीमा कारोबार से भी बाहर निकलने की तैयारी कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक एसबीआई को वह जनरल और लाइफ इंश्योरेंस बिजनेस बेच सकते हैं।

बियानी फैमिली को 15 साल तक रिटेल बिजनेस से रहना होगा बाहर, मुकेश अंबानी से फ्यूचर ग्रुप की डील में हुआ करार

विशेषज्ञों की माने तो ज्यादातर नॉन कंपीट एग्रीमेंट 3 से 5 वर्ष के लिए मान्य होते हैं। संभव है कि फ्यूचर ग्रुप के आर्थिक संकट में घिरने के चलते यह अवधि बढ़ गई हो।

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