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‘दोनों पक्षों के बीच कुछ बेहद गोपनीय हो रहा’, LAC तनाव पर चीन से बातचीत को लेकर बोले विदेश मंत्री

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि वे फिलहाल चीन और भारत के बीच जारी गुप्त बातचीत पर सार्वजनिक तौर पर ज्यादा कुछ नहीं कह सकते।

चीनी डेटा कंपनी निगरानी मामले में केंद्र ने गठित की जांच समिति, विदेश मंत्रालय चीन के समक्ष उठाया मुद्दा

केंद्र सरकार भारतीय नागरिकों के व्यक्ति डेटा और निजता की सुरक्षा के मामले को बहुत गंभीरता से ले रही है। विदेश मंत्रालय की तरफ से इस मुद्दे को चीन के समक्ष उठाए जाने को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल को भी जानकारी दी।

अरुणाचल प्रदेश के सीएम ने पांच युवकों की रिहाई पर सेना और मोदी सरकार को कहा शुक्रिया

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि चीन के भड़काऊ रवैये की वजह से एलएसी पर तनाव बढ़ा है।

India-China Border News HIGHLIGHTS: चीन सीमा विवाद कम करने के लिए “उचित कदम” उठाने के लिए तैयार

एससीओ में शामिल देशों के विदेश मंत्रियों के फोटो सेशन में वांग यी और जयशंकर आसपास ही खड़े नजर आए। उनके बीच में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लवरोव खड़े दिखे।

चीन से तनातनी पर बोले BJP सांसद- एलएसी पर घुसपैठ की बात को चीन कभी नहीं स्वीकारेगा, PM रद्द कराएं विदेश मंत्री का मास्को दौरा

भाजपा सांसद ने आगे लिखा कि ‘5 मई 2020 के बाद से भारतीय विदेश नीति का कोई मुद्दा सेटल करना बाकी नहीं है। इसलिए प्रधानमंत्री को विदेश मंत्री को अपना दौरा रद्द करने के लिए कहना चाहिए। इससे हमारा संकल्प कमजोर होगा।’

भारत-चीन सीमा पर 1962 के बाद सबसे गंभीर हालात- विदेश मंत्री जयशंकर बोले

भारत और चीन के बीच पिछले 4 महीने से लद्दाख स्थित एलएसी पर तनाव जारी है, हाल ही में सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने भी सेना के तैयार होने की बात कही थी।

43 साल पहले 8 जुलाई को पहली बार साउथ ब्लॉक में पहुंचे थे एस जयशंकर, ट्वीट कर पुराने दिनों को किया याद

1977 बैच के भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) अधिकारी रहे जयशंकर लद्दाख के देपसांग और डोकलाम गतिरोध के बाद चीन के साथ संकट को हल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। वह सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त और चेक गणराज्य में राजदूत पदों पर भी काम कर चुके हैं।

विदेश मंत्री के बेटे से ताल्लुकात वाली संस्था को भी मिला है विदेशी पैसा, अजीत डोवाल जिसके संस्थापक निदेशक, उसे भी चीनी सहयोग

ओआरएफ को साल 2016 में चीनी कॉन्सुलेट जनरल से 1.25 करोड़ रुपये की फंडिंग हुई। इसके बाद अगले साल 50 लाख रुपये की राशि मिली। यह रकम 1 दिसंबर 2017 को कॉन्सुलेट जनरल ऑफ पीपल रिपब्लिक ऑफ चाइना से मिली थी।

USCIRF को वीजा से इनकार….सही नहीं सरकार

यूएससीआईआरएफ द्वारा अमरीकी प्रशासन को सिफारिश की गई है कि भारत को “विशेष चिंता का देश” के रूप में नामित किया जाए, 2002 के गुजरात दंगों के बाद ऐसा पहली बार हुआ है।

अमेरिकी सांसदों की जिस टीम ने भारत में धार्मिक स्वतंत्रता को बताया था खतरा, उसे वीजा देने से इनकार

दुनिया में धार्मिक स्वतंत्रता के हालात बताने वाली कमीशन USCIRF ने इसी साल अप्रैल में एक रिपोर्ट जारी कर भारत को विशेष चिंता वाले देशों में शामिल करने का प्रस्ताव रखा था।

ईरान ने 11 महीने बाद 6 भारतीयों को रिहा किया, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा शुक्रिया

एस जयशंकर ने ईरान को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा तेहरान में हमारे दूतावास और बेंदर अब्बास में हमारे वाणिज्य दूतावास के प्रयासों की प्रशंसा करते हैं।

वीडियोः JNU हिंसा पर बोले विदेश मंत्री एस जयशंकर- जब मैं पढ़ता था तब नहीं था कोई भी ‘टुकड़े-टुकड़े’ गैंग

जयशंकर ने एक किताब के विमोचन के कार्यक्रम में यह भी कहा कि चीन के विपरीत भारत ने अनुच्छेद 370, अयोध्या और जीएसटी जैसे मुद्दे को काफी लंबे समय तक खिंचने दिया।

विदेश मंत्री जयशंकर को अमेरिका की सांसद ने दिया जवाब- आलोचना सुनना ही नहीं चाहती भारत सरकार

जयपाल का कहना था कि मैं मानवाधिकारों की परवाह करती हूं, हजारों लोगों को बिना किसी आरोप के हिरासत में लिया गया है, संचार के साधनों पर प्रतिबंध ने आम जीवन को और भी मुश्किल बना दिया।

जयशंकर ने रद्द की नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ बोलने वाली अमेरिकी समिति से मुलाकात, भारत विरोधी बयान देने वाली सांसद की मौजूदगी वजह

भारत के इस कदम पर डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता और अमेरिका में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार एलिजाबेथ वारेन ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रमिला जयपाल का मुंह बंद करने का प्रयास बहुत मुश्किलें पैदा करने वाला है।

चौथा रामनाथ गोयनका स्मारक व्याख्यान: विदेश नीति में लीक का हठ ठीक नहींः एस. जयशंकर

विदेश मंत्री ने कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का ढांचा बदलाव के दौर से गुजर रहा है।’ इस संदर्भ में उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रवाद, चीन के उदय, ब्रग्जिट के घटनाक्रम और विश्व अर्थव्यवस्था के संतुलन की कवायद को बदलावों के नाटकीय उदाहरण के रूप में गिनाए।

चीन व पश्चिमी देशों के बीच टकराव के बीच भी ‘दुनिया बहुत तेजी से बहुध्रुवीय होती जा रही है: जयशंकर

विदेश मंत्री ने कहा, कि एक व्यापक दृष्टिकोण के रूप में, यह अल्पकालिक गणनाओं की जगह दीर्घकालिक सोच की प्रधानता पर जोर देगा। उन्होंने कहा कि यह गहरे संरचनात्मक परिवर्तनों और ऐसी महत्वाकांक्षी सामाजिक-आर्थिक पहलों को बढ़ावा देगा जो आदतों और दृष्टिकोण दोनों को बदल सकती हैं।

कश्मीर बंटवारे पर चीनी विदेश मंत्री को जयशंकर ने समझाया- किसी नए इलाके पर दावा नहीं ठोंका है, टेंशन मत लीजिए, सीमाएं वही रहेंगी

विदेश मंत्रालय से जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक द्विपक्षीय बैठक के दौरान एस. जयशंकर ने चीन को इस बात से अवगत कराया कि यह भारत का ‘आंतरिक’ मामला है और यह भारत के संविधान के एक अस्थायी प्रावधान में बदलावों से जुड़ा मुद्दा है।

भारत-अमेरिका रिश्ते को मजबूत करने पर दोनों विदेश मंत्रियों का जोर- आतंकवाद, H1B वीजा पर रणनीतिक चर्चा

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने मोदी और पोम्पिओ के बीच बैठक की तस्वीरें साझा करते हुए ट्वीट किया,‘‘हम अपनी रणनीतिक साझेदारी को और प्रगाढ़ करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। मंत्री पोम्पिओ ने भारत-अमेरिका संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से चर्चा के लिए उनसे मुलाकात की।

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