food habits

दाना पानी: परंपरा भी प्रयोग भी

भोजन पकाने में हमेशा कुछ न कुछ प्रयोग करते रहना चाहिए। भरतीय व्यंजनों में प्रयोग करने की गुंजाइश खूब है। हर स्तर पर। छौंक से लेकर मसालों तक में। ऐसा करने से परंपरागत तरीके से बनने वाले व्यंजनों के स्वाद में भी बदलाव आ जाता है। फिर भोजन हम सिर्फ पेट भरने के लिए नहीं करते, स्वाद के लिए भी तो करते हैं। सो, प्रयोग से परहेज क्यों।

दाना-पानी: जायका और नाश्ता में खास – सैंडविच ढोकला और खांडवी

खानपान में विविधता को लेकर लोगों में आकर्षण बढ़ा है। यही वजह है कि हर घर में अब भोजन पकाने को लेकर प्रयोग होने लगे हैं, तो तरह-तरह के व्यंजन आजमाए जाने लगे हैं। रोज एक ही तरह का नाश्ता और भोजन करते-करते ऊब हो जाती है, इसलिए इस तरह के प्रयोग जरूरी भी हैं। इस बार कुछ इसी तरह के नाश्ते।

शिफ्ट में काम करने वाले और बेवक्‍त खाना खाने वाले जल्‍दी होते हैं भुलक्‍कड़

वैज्ञानिकों ने साथ ही बताया कि गलत समय पर खाना खाने से नींद पर भी असर पड़ता है।

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