farmer loan

पीएम किसान योजना के लाभार्थियों का एक फॉर्म भरते ही बनेगा किसान क्रेडिट कार्ड, दो बीमा योजनाओं का फायदा भी

फॉर्म में आपको अपना नाम, बैंक खाता नंबर देना होगा। इसके अलावा इस फॉर्म में ही आपके पास प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से भी जुड़ने का विकल्प होगा।

मध्यप्रदेशः कमलनाथ सरकार ने माफ किया था लोन, अब बैंक मांग रहे रकम; शिवराज सरकार ने साधी चुप्पी

मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 22 लाख किसानों को कर्जमाफी के सर्टिफिकेट दिए थे, हालांकि वादा पूरा होने से पहले ही उनकी सरकार गिर गई।

यूपी: कर्जमाफी का चुनावी वादा सुन नहीं चुकाया लोन, 170 किसानों की संपत्ति नीलाम करेगा बैंक, गिरफ्तारी का भी खतरा, कई बेच रहे जमीन

उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड में किसानों ने चुनाव के दौरान कर्ज माफी का वादा सुन लोन नहीं चुकाया। अब सहकारी बैंक ऐसे किसानों की संपत्ति जब्त करने व नीलामी करने की तैयारी में है।

Madhya Pradesh: किसान बोले- जब ऋण लिया ही नहीं तो 120 करोड़ की कर्ज माफी कैसे ?

मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार की जय किसान ऋण मुक्ति योजना के ऐलान होने के बाद से कई ऐसे किसान सामने आ रहे हैं जिनका कहना है कि उन्होंने लोन लिया ही नहीं तो फिर कर्ज माफी कैसे।

राजस्‍थान: गहलोत सरकार की कर्ज माफी में धांधली, लिस्‍ट में कर्ज न लेने वालों के भी नाम

घटना के उजागर होने के बाद डुंगरपुर के जिलाधिकारी ने जांच के लिए एक टीम शिकायत वाले गांवों में भेज दी है। इसके अलावा लोन सुपरवाइजर को सस्पेंड कर दिया गया है और बैंक के मैनेजर की शक्तियों को सीमित कर दिया गया है।

रिपोर्ट: यूपी, महाराष्‍ट्र, पंजाब, कर्नाटक में अब तक सिर्फ 40 फीसदी किसानों का ही कर्ज माफ, चुकाने हैं 1.8 लाख करोड़ रुपये

आंकड़े बताते हैं कि अभी तक सिर्फ चार राज्यों के 40 फीसदी किसानों के ही कर्ज माफ हो पाए हैं। गौर करें तो जिन 7 राज्यों में ऋण माफी का ऐलान किया गया है, उनकी कुल राशि लगभग 1.8 लाख करोड़ रुपये है। जो कि इन राज्यों के सालाना आय का 15 फीसदी हिस्सा है।

तीन साल में 2.41 लाख करोड़ के कॉरपोरेट लोन ‘राइट ऑफ’, क‍िसानों को दस साल में 2.21 लाख करोड़ की माफी

क‍िसानों की कर्जमाफी इन द‍िनों बड़ा मुद्दा बना हुआ है। जहां सरकारें कर्जमाफी की होड़ में लगी द‍िख रही हैं, वहीं व‍िशेषज्ञ मानते हैं क‍ि यह क‍िसानों की समस्‍या का पुख्‍ता समाधान नहीं है। उल्‍टे, यह अर्थव्‍यवस्‍था पर बोझ बढ़ाने वाला कदम भी साब‍ित होगा। जानकारों की इस दलील में दम भी है, लेक‍िन अर्थव्‍यवस्था पर बोझ कॉरपोरेट लोन वसूलने में सरकार की न‍िष्‍क्र‍ियता से भी बढ़ रहा है। कॉरपोरट लोन लगातार राइट ऑफ क‍िए जाने की वजह से वह पैसा अर्थव्‍यवस्‍था से बाहर बना हुआ है और बोझ कम नहीं हो रहा है।  

कृषि लोन के नाम पर बड़ा ‘खेल’? 615 खातों में गए 59 हजार करोड़, यानी एक किसान को 95 करोड़!

सूत्र बताते हैं कि आरबीआई के आंकड़ों से साफ है कि ये कृषि कर्ज किसानों के खातों में नहीं बल्कि एग्रो बिजनेस कंपनियों के खाते में गई हैं।

कर्ज की मार

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस वीडियो का खुद संज्ञान लेते हुए तमिलनाडु के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर उनसे दो हफ्ते के भीतर जवाब मांगा है।

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