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आर्थिक स्वतंत्रता रैंकिंग में 26 पायदान नीचे गिरा भारत, कई छोटे देश हैं कहीं आगे, जानें- क्या रहे गिरावट के कारण

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ने की संभावनाएं अगली पीढ़ी के सुधारों तथा अंतराष्ट्रीय व्यापार के खुलेपन पर निर्भर करेंगी। सूची में प्रथम 10 देशों में न्यूजीलैंड, स्विट्जरलैंड, अमेरिका, आस्ट्रेलिया, मॉरीशस, जॉर्जिया, कनाडा और आयरलैंड शामिल हैं।

दावा: सात साल में पांच फीसदी से ज्यादा गिरी वेतन वृद्धि दर, कम डिमांड और उच्च बेरोजगारी दर बड़ी वजह

रिपोर्ट के अनुसार, यह 2011-12 से लेकर मार्च 2018 के बीच का आंकड़ा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कम खपत और उच्च बेरोजगारी दर वेतन वृद्धि में गिरावट की बड़ी वजह हो सकती है।

अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर बढ़ सकती है काफी परेशानी, 5 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंची खुदरा महंगाई, विशेषज्ञों ने चेताया

केंद्र सरकार ने रिजर्व बैंक को मुद्रास्फीति को चार प्रतिशत (दो प्रतिशत ऊपर या नीचे) के दायरे में रखने का लक्ष्य दिया है। अब यह केंद्रीय बैंक के लक्ष्य से कहीं अधिक हो गई है।

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की भविष्यवाणी हुई सही, पिछले महीने ही चेताया था, मंदी से बिगड़ेंगे हालात

मुद्रास्फीतिजनित मंदी वह स्थिति है, जिसमें मुद्रास्फीति की दर काफी ऊंची हो जाती है और इसके साथ ही उच्च बेरोजगारी दर के साथ ही मांग में कमी आ जाती है।

औद्योगिक उत्पादन 3.8% गिरा, तीन साल के उच्चतम स्तर पर खुदरा महंगाई, 6 साल में पहली बार खाद्य महंगाई 10% पार, और त्रस्त हो सकते हैं आमजन

निवेश का आईना माना जाने वाला पूंजीगत वस्तुओं का उत्पादन अक्टूबर में 21.9 प्रतिशत घटा जबकि एक साल पहले इसी महीने में इसमें 16.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।

हिन्दू राष्ट्रवाद से थम जाएगी इकनॉमिक ग्रोथ, रघुराम राजन बोले- धार्मिक महापुरुषों की मूर्तियों से बेहतर मॉडर्न स्कूल, यूनिवर्सिटी बनाएं

रघुराम राजन ने कहा कि इस समय भारतीय अर्थव्यवस्था में सभी शक्तियां प्रधानमंत्री कार्यालय के अधीन केन्द्रित हैं और सभी मंत्री अधिकार विहीन हैं।

‘नरेंद्र मोदी सरकार की शॉक थेरेपी की शिकार हुई इकनॉमी, इसलिए ऐसा हुआ हाल’, एक्सपर्ट का दावा

लेख के अनुसार, अर्थव्यवस्था की मौजूदा हालत के आधार में नोटबंदी, जीएसटी लागू करना और रियल एस्टेट रेगुलेशन एक्ट (रेरा) या फिर दिवालिया कानून जैसे सुधार शामिल हैं।

एक साल में 6.9 से -1 हो गया मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का ग्रोथ, खेती और बिजली उत्पादन में भी करीब 50 फीसदी गिरावट

देश में कोयला उत्पादन अक्टूबर में 17.6 प्रतिशत, कच्चा तेल उत्पादन 5.1, प्रतिशत और प्राकृतिक गैस का उत्पादन 5.7 प्रतिशत गिरा है। इस दौरान सीमेंट उत्पादन 7.7 प्रतिशत, स्टील 1.6 प्रतिशत और बिजली उत्पादन 12.4 प्रतिशत गिर गया।

शहरों में घट रही बेरोजगारी की दर! नई रिपोर्ट में पेश किए गए आंकड़े

इस रिपोर्ट में सिर्फ शहरी इलाकों के डाटा को शामिल किया गया और देश के ग्रामीण इलाकों का डाटा इसमें शामिल नहीं है। सरकार की एक रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। हालांकि यह रिपोर्ट अभी तक प्रकाशित नहीं की गई है।

‘अर्थव्यवस्था पस्त, सरकार दिखा रही मुंगेरीलाल के हसीं सपने’, ट्वीट पर आशुतोष ट्रोल, लोग बोले- आप हैं वह मुंगेरीलाल, क्यों बन रहे हैं ज्ञानी?

आशुतोष ने लिखा कि “क्या मोदी सरकार सुन रही है? भारतीय अर्थव्यवस्था की हालत खराब है और सरकार मुंगेरी लाल के हसीन सपने दिखा रही है, क्यों?”

40 साल में पहली बार घटी उपभोक्ताओं की खर्च सीमा, पिछले साल ग्रामीण इलाकों में 8.8% की रही गिरावट, NSO पर रिपोर्ट दबाने के आरोप

रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2011-12 में जहां एक व्यक्ति द्वारा अपने घरेलू खर्च पर 1501 रुपए खर्च किए जा रहे थे। वहीं वित्तीय वर्ष 2017-18 में यह आंकड़ा 3.7 प्रतिशत गिरकर 1446 रुपए मासिक पर आ गया है।

मंदी दिखाने लगी असर! 3 साल में सबसे ज्यादा स्तर पर पहुंची बेरोजगारी की दर, ये आंकड़े दे रहे गवाही

गौरतलब है कि बीते साल भारतीय अर्थव्यवस्था में गिरावट का दौर शुरु हुआ था। जिसके तहत उपभोग में कमी आयी है, निजी कैपिटल एक्सपेंडिचर गिरा है और देश के बैंकिंग सेक्टर में परेशानी शुरु हुई है।

आर्थिक मंदी के बीच भारत से आगे निकला बांग्लादेश और नेपाल, वर्ल्ड बैंक ने जताया तेज जीडीपी अनुमान

बांग्लादेश की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 2019 में 8.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह 2018 में 7.9 प्रतिशत की दर से अधिक है। इसके 2020 में 7.2 प्रतिशत और 2021 में 7.3 प्रतिशत पर रहने का अनुमान जताया गया है।

ECONOMY के मोर्चे पर झटके जारी, औद्योगिक उत्पादन में 7 साल की सबसे बड़ी गिरावट!

विनिर्माण, बिजली और खनन क्षेत्रों के खराब प्रदर्शन की वजह से अगस्त महीने में औद्योगिक उत्पादन 1.1 प्रतिशत घट गया। पूंजीगत सामान और टिकाऊ उपभोक्ता सामान के उत्पादन में भारी गिरावट की वजह औद्योगिक उत्पादन घटा है।

अर्थव्यवस्था का हाल: टॉप 10 कंपनियों में से सात का मार्केट कैप 1 लाख करोड़ घटा! HDFC और Reliance Industries को तगड़ी चोट

दिग्गज एफएमसीजी कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में 14,287 करोड़ रुपए की कमी आयी है। फिलहाल हिंदुस्तान यूनिलीवर की मार्केट वैल्यू 4,20,774.52 करोड़ रुपए आंकी गई है।

जॉब के मोर्चे पर एक और बुरी खबर, इन पांच सेक्टर्स में गई 16 लाख नौकरियां, वजह जानकर होगी हैरानी

रिपोर्ट में बताया गया है कि ‘अवैध कारोबार के चलते इन पांच सेक्टर्स में आजीविका संबंधी करीब 16.36 लाख नौकरियां जा चुकी हैं। इसका कारण इन उद्योगों का पिछड़ापन और गुणात्मक प्रभाव है।’

LIC ने मोदी शासन में PSU कंपनियों में फंसाए 10.7 लाख करोड़ रुपये, 2014 से पहले 6 दशक में लगाया था इतना पैसा!

LIC ने साल 1956 में अस्तित्व में आने के बाद से साल 2013 तक इंश्योरेंस कंपनी ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में कुल 11.9 लाख करोड़ रुपए का ही निवेश किया था, जो कि बीते 5 सालों के दौरान बढ़कर अब 22.6 लाख करोड़ रुपए हो गया है।

BHEL, BSNL,SECL जैसी सरकारी कंपनियों में जबर्दस्त नकदी संकट, पैसे बचाने में जुटीं

कोल इंडिया की सबसे बड़ी सब्सिडियरी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड (SECL) ने भी अपने वरिष्ठ अधिकारियों की सैलरी में 25% की कटौती करने का प्रस्ताव रखा है।

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