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आर्थिक मोर्चे पर बांग्लादेश से भी कमजोर क्यों है भारत? राहुल गांधी ने बताई वजह

राहुल गांधी ने सवाल उठाते हुए कहा कि “अगर अर्थव्यवस्था में गिरावट का कारण कोरोना है तो फिर कोरोना तो बांग्लादेश में भी है और पूरी दुनिया में है!

नोटबंदी के 4 सालः NSUI कार्यकर्ताओं का RBI दफ्तर के बाहर प्रदर्शन, निकाली अर्थव्यवस्था की अर्थी; लगाए मोदी मुर्दाबाद के नारे

राहुल गांधी ने ट्वीट में लिखा कि ‘नोटबंदी पीएम की सोची समझी चाल थी ताकि जनता के पैसे से मोदी ‘मित्र पूंजीपतियों’ का लाखों करोड़ रुपए कर्ज माफ किया जा सके।’

‘नरेंद्र मोदी सरकार की शॉक थेरेपी की शिकार हुई इकनॉमी, इसलिए ऐसा हुआ हाल’, एक्सपर्ट का दावा

लेख के अनुसार, अर्थव्यवस्था की मौजूदा हालत के आधार में नोटबंदी, जीएसटी लागू करना और रियल एस्टेट रेगुलेशन एक्ट (रेरा) या फिर दिवालिया कानून जैसे सुधार शामिल हैं।

नोटबंदी के बाद बदले सिर्फ नए करंसी नोटों के साइज, सिक्योरिटी फीचर्स नहीं, चार साल बाद भी नहीं हो सका फैसला

सूत्रों के अनुसार, नोटबंदी के चलते करेंसी में नए सिक्योरिटी फीचर्स लागू करने में भी देरी हुई है, जबकि साल 2015 में वित्त मंत्रालय ने इस पर तेजी से काम किया था।

2000 के नए नोट आखिर क्यों नहीं छाप रही RBI? जानें वजह

नोटबंदी के बाद मार्केट में नकदी की समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने बड़ी मात्रा में 2000 रुपए के नोट छापे। लेकिन अब 2000 के नोटों की छपाई रोक दी गई है।

वित्त मंत्री सीतारमण ने माना- नोटबंदी के बाद देश में बढ़ा भ्रष्टाचार

निर्मला सीतारमण ने संसद में दिए अपने जवाब में कहा कि नवंबर, 2016 के बाद से देश में नगदी का सर्कुलेशन बढ़ा है। 4 नवंबर, 2016 को देश में 17,174 बिलियन रुपए की नगदी सर्कुलेशन में थी। वहीं 29 मार्च, 2019 को देश में 21,137 बिलियन रुपए की नगदी चलन में है।

रिपोर्ट: नरेंद्र मोदी की नोटबंदी ने खत्म कर दीं नौकरियां, 50 लाख लोगों की जॉब्स प्रभावित

रिपोर्ट के अनुसार, “सामान्यतः पुरुषों से कहीं अधिक महिलाएं बुरी तरह इससे प्रभावित हुई हैं। उनकी बेरोजगारी दर कहीं अधिक है।”

नोटबंदी बेअसर! चुनाव अयोग ने जब्त किए 377 करोड़ कैश, टूटा पिछली बार का रिकॉर्ड

Lok Sabha Election 2019 (लोकसभा चुनाव 2019): शराब और नकदी तथा अन्य प्रतिबंधित चीजें की जब्ती 1,582 करोड़ रुपए के पार पहुंच गई है। यह रकम पिछले साल चुनाव में बरामद की गई रकम से पांच गुणा ज्यादा है।

नोटबंदी वाले साल में 10 गुना लोगों ने नहीं भरा इनकम टैक्स रिटर्न, अधिकारियों को आशंका-लोगों ने नौकरियां गंवाईं, घटी आय

अधिकारियों को आशंका है कि स्टॉप फाइलर्स की संख्या में यह जबर्दस्त उछाल नोटबंदी के बाद आर्थिक गतिविधियों में बदलाव की वजह से नौकरियां छिनने या आय में कमी का नतीजा हो सकता है। बता दें कि नोटबंदी के दौरान चलन में रहे कुल करेंसी के 86 पर्सेंट 500 और 1000 के नोट इस्तेमाल से बाहर हो गए थे।

नोटबंदी के बाद पेट्रोल पंपों ने 500, 1000 के कितने नोट लिए, RBI को नहीं पता

रिजर्व बैंक के निदेशक मंडल ने देश की आर्थिक वृद्धि पर नाटेबंदी के अल्पकालीन नकारात्मक प्रभाव को लेकर सरकार को आगाह किया था और कहा था कि इस अप्रत्याशित कदम से कालेधन की समस्या से निपटने में खास मदद नहीं मिलेगी।

संसद में मोदी सरकार ने माना, नोटबंदी के प्रभावों पर नही किया रिसर्च

नोटबंदी के बाद रिजर्व बैंक ने जो आंकड़े पेश किए थे, उनके मुताबिक सर्कुलेशन का 99.3% पैसा वापस बैंकों में पहुंच गया था।

नोटबंदी के दो साल: नकदी 9.5 फीसदी बढ़ी और निकासी भी, पर एटीएम लगाने की रफ्तार घटी

दिसंबर 2016 में महज 1.06 लाख करोड़ रुपये ही एटीएम से निकाले गए। एक दिलचस्प चीज यह भी है कि एटीएम से ज्यादा कैश विदड्रॉल होने के बावजूद देश में नए एटीएम की संख्या उस रफ्तार से नहीं बढ़ी।

RBI रिपोर्ट: 500 और 1000 के 99.3% पुराने नोट वापस, GST की सफलता पर भी मुहर

रिजर्व बैंक की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि 15.31 लाख करोड़ रुपए के नोट वापस आ चुके हैं। रिजर्व बैंक का कहना है कि “बैंक विशेष के नोटों (SBNs) के वेरीफिकेशन और प्रोसेसिंग का चुनौतीपूर्ण काम सफलतापूर्वक पूरा हो गया है।”

मोदी सरकार के मंत्री बोले- नोटबंदी की वजह से जनधन में तब्दील हुआ कालाधन

केन्द्रीय राज्यमंत्री शिवप्रताप शुक्ला ने कहा कि हालांकि नोटबंदी के कुछ शुरुआती दिनों में लोगों को परेशानी उठानी पड़ी थी, लेकिन अब उसके फायदे सामने आ रहे हैं।

दक्षिण अफ्रीका चुनाव में काम आएंगे भारत में बंद हुए 500 और 1000 के नोट, जानें क्या है पूरा मामला

क्या आपने कभी सोचा कि केंद्र सरकार ने जो 500 और 1000 के पुराने नोट बंद किए उनका क्या हुआ?

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