crocodile

13 फिट लंबे मगरमच्छ के गले में 4 साल से फंसा है बाइक का टायर, निकालने वाले को इनाम देने की घोषणा

13 फिट (4 मीटर) लंबे इस मगरमच्छ के गले में साल 2016 से मोटरसाइकिल का टायर फंसा है। यहां तक कि साल 2018 में आए भूकंप और सुनामी में यह मगरमच्छ जिंदा बच गया, लेकिन इसके गले में फंसा टायर नहीं निकल पाया।

Gujarat: मंदिर में घुसा मगरमच्छ, शुभ मानकर पूजने लगे लोग, रेस्क्यू ऑपरेशन में भी डाले रोड़े

गुजरात के महिसागर जिले में रविवार को खोदियार माता मंदिर में एक मगरमच्छ घुस आया। मामले की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारी रेस्क्यू ऑपरेशन करने पहुंचे तो लोगों ने कई रोड़े अटकाए। उनका मानना था कि यह मगरमच्छ शुभ है।

Odisha: नदी किनारे नहा रहा था शख्स, तभी मगरमच्छ ने दबोच लिया, दूसरे दिन इस हालत में मिला शव

ओडिशा में भीतरकणिका राष्ट्रीय पार्क क्षेत्र के बाहर नदी किनारे नहा रहे एक शख्स को मगरमच्छ ने दबोच लिया है। मृतक के परिवार वालों को मुआवजा सहायता भुगतान योजना के तहत सहायता राशि देने का ऐलान भी किया गया है।

छत्तीसगढ़ : 150 साल के मगरमच्छ की मौत हुई तो भावुक हो गया पूरा गांव, यह थी वजह

छत्तीसगढ़ के गांव बावा मोहतरा में एक मगरमच्छ की मौत हुई तो पूरा गांव भावुक हो गया। इस दौरान गांव वालों ने मगरमच्छ की शवयात्रा निकाली। साथ ही, ढोल-मंजीरे बजाकर उसे विदाई दी।

गुजरातः गरबा नाइट में 7 फुट लंबे मगरमच्छ ने मारी एंट्री तो डांस छोड़ भागे लोग, हड़कंप

फिर क्या था, उसे देखते ही लोगों के हाथ-पांव फूल गए। वे जोर-जोर से चिल्लाते हुए इधर-उधर भागने लगे।

झील क‍िनारे भक्‍तों की भीड़ के साथ थे पादरी, अचानक मगरमच्‍छ न‍िकला और बना ल‍िया न‍िवाला

पादरी को निवाला बनाने के बाद मगरमच्छ वहां से भाग निकला था। बताया गया कि जिस मगरमच्छ ने पादरी का शिकार किया, वह दुनिया की सबसे लंबी नदी- नील नदी में पाया जाने वाला मगर था। बड़े होने पर उसकी लंबाई 20 फुट तक जा सकती है।

नींद खुली तो घर में शख्स के सामने था 12 फीट लंबा मगरमच्छ, भाग कर बचाई जान

मकान में किसी आवाज से शख्स की नींद तड़के तीन बजे टूटी थी। कमरे से निकलकर जैसे वह आंगन में पहुंचा, वह हक्का-बक्का रह गया था।

यह खूनी ‘एनाकॉन्डा’ बेंगलुरू के सड़क पर कैसे, यहां जानें…

आपकी क्या हालत हो अगर आप सड़क पर एक ज़िंदा विशालकाय एनाकॉन्डा देख लें। आपकी चीखें तो ज़रूर निकल जाएगी। कुछ ऐसा ही वारदात बेंगलुरु की सड़क पर देखने को मिला बस अंतर यह था कि यह एनाकॉन्डा असली नहीं था।

यह पढ़ा क्या?
X