coronavirus impact on economy

कोरोना संकट में भारतीयों की औसत कमाई में आई 5 फीसदी की गिरावट, दिल्ली, चंडीगढ़ और गुजरात में कहर

Per Capita Income: प्रति व्यक्ति आय के लिहाज से सबसे ज्यादा नुकसान दिल्ली, चंडीगढ़ और गुजरात जैसे बड़े शहरों में हुआ है। दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय में 15.4 पर्सेंट की कमी हुई है, जबकि चंडीगढ़ में 13.9 पर्सेंट और गुजरात में 11.6 फीसदी की कमी आई है।

भारत में 40 फीसदी पेशेवरों को असुरक्षित लग रहा है अपना भविष्य, नौकरी पर खतरा और कमाई घटने की आशंका

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जु़ड़े 38 पर्सेंट लोगों का कहना था कि वे अगले 6 महीने तक निजी खर्चों में कटौती करेंगे। इसके अलावा कॉरपोरेट सर्विसेट के 40 पर्सेंट, हेल्थकेयर के 45 पर्सेंट लोगों ने यही राय जताई।

5वीं बार मंदी के संकट से गुजर रहा भारत, तब खाने की भी हो गई थी किल्लत, अमेरिका से मंगाना पड़ा था अनाज

भारत 5वीं बार मंदी के दौर से गुजर रहा है। इससे पहले वित्त वर्ष 1958, 1966, 1973 और 1980 में बड़े आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ा है। यहां तक कि 1966 में तो भारत की बड़ी आबादी के सामने खाद्यान्न तक का संकट पैदा हो गया था।

दो महीने में भारत में छिना 12.4 करोड़ लोगों का रोजगार, सैलरीड क्लास को अभी और लग सकते हैं झटके, हालात सुधरने में लगेगी देर

मार्च में 10.1 मिलियन यानी करीब 1 करोड़ लोगों को अपनी आजीविका गंवानी पड़ी। वहीं अप्रैल के महीने में 113.6 मिलियन यानी 11.3 करोड़ लोगों को अपना रोजगार खोना पड़ा है।

देश की 72 फीसदी MSME ने कहा, बिना छंटनी के नहीं टलेगा संकट, कॉरपोरेट सेक्टर में भी बड़े पैमाने पर नौकरियां जाने के संकेत

देश की 72 फीसदी MSME का कहना है कि कारोबार को सुचारू तौर पर चलाने के लिए उन्हें निश्चित तौर पर छंटनी करनी होगी। सिर्फ 14 फीसदी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग ऐसे हैं, जिनका कहना है कि वे बिना छंटनी के ही कारोबार को आगे बढ़ाएंगे।

यशवंत सिन्हा का तंज, नरेंद्र मोदी को बधाई, कोविड के मामले में ऊपर होगा भारत और अर्थव्‍यस्‍था भी ढह जाएगी

यशवंत सिन्हा ने ट्वीट कर पीएम मोदी पर तंज कसते हुए लिखा, ‘भारतीय लोकतंत्र को स्वर्णिम दौर में पहुंचाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को बधाई। अगले साल के वादे कुछ और बेहतर होंगे, जब भारत कोरोना के मामलों में टॉप पर होगा और अर्थव्यवस्था पूरी तरह से तबाह हो जाएगी।’

MakeMyTrip ने की 350 कर्मचारियों की छंटनी, कहा- कोरोना से बिगड़े हालात, भविष्य को ध्यान में रखकर लिया फैसला

कंपनी ने कहा, ‘यह स्पष्ट है कि महामारी के चलते कारोबार की स्थिति बदली है और अब हालात पहले जैसे नहीं हैं।’ उन्होंने कहा कि इस संकट की वजह से कंपनी ने अपनी वर्कफोर्स में कमी करने का फैसला लिया है।

सैलरी कटने और नौकरी छिनने पर है केंद्र सरकार की नजर, श्रम मंत्रालय को दिया डेटा जुटाने का आदेश

श्रम मंत्रालय से कहा गया है कि वह देश में लॉकडाउन के दौरान कर्मचारियों की सैलरी में होने वाली कटौती और छंटनी पर नजर रखे। यही नहीं मंजूर किए गए लोन्स के कर्जधारकों के खातों में ट्रांसफर न होने को लेकर भी वित्त मंत्रालय चिंतित है।

मोदी सरकार को दो पैनलों ने दी लॉकडाउन हटाने की सलाह, कहा- अब अर्थव्यवस्था को गति देने का वक्त

Plan to implement lockdown 5.0: लॉकडाउन 4.0 से बाहर निकलने की रणनीति को लेकर सौंपी गई रिपोर्ट में पैनल्स ने कहा कि कंटेनमेंट जोन्स में सख्ती बनी रहनी चाहिए। ऐसे इलाकों में कुछ और नियम भी लागू किए जा सकते हैं, लेकिन जहां कोरोना के संक्रमण के मामले कम हैं, उन्हें खोला जाना चाहिए।

लॉकडाउन के चलते भीषण गरीबी के दलदल में फंस जाएंगे 1.2 करोड़ लोग, आजीविका छिनने से संकट

अप्रैल महीने में भारत में संगठित और असंगठित क्षेत्र में कुल 12.2 करोड़ लोगों की नौकरियां गई हैं। CMIE के डेटा के मुताबिक दिहाड़ी मजदूर और रेहड़ी-पटरी लगाने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।

क्यों न हो पलायन? 76 फीसदी मजदूरों को नहीं मिली अप्रैल की सैलरी, और बिगड़ सकते हैं रोजगार के हालात

मार्च के महीने में ऐसे 25 फीसदी वर्कर ही थे, जिन्हें पूरी सैलरी नहीं मिल पाई थी। लेकिन अब अप्रैल के महीने में 76 पर्सेंट से ज्यादा वर्कर्स को वेतन न मिल पाना यह बताता है कि लॉकडाउन के लगातार खिंचने की वजह से कंपनियों की आर्थिक सेहत बुरी तरह से प्रभावित हुई है।

कोरोना की वजह से देश में 7 करोड़ नौकरियों पर खतरा, 40 पर्सेंट लोगों को करना पड़ रहा सैलरी कट का सामना

unemployment due to lockdown in india: देश के प्रमुख सेक्टर्स में 7 करोड़ के करीब नौकरियां जा सकती हैं। अकेले टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में ही 3.8 करोड़ लोगों की नौकरियों पर संकट पैदा हो गया है।

कोरोना की मार: पेयजल मिशन, मिड डे मील समेत कई योजनाओं पर रुक सकता है काम, फंडिंग के चलते अधर में भविष्य

कई राज्यों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि उनकी ओर से रकम डाले बगैर भी आवंटित हिस्से का इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाए। हालांकि वित्त मंत्रालय की ओर से नियमों से अलग हटकर इस तरह की मंजूरी मिल पाना मुश्किल है।

कोरोना संकट के बाद बदलेगा सैलरी स्ट्रक्चर, रिइंबर्समेंट में शामिल होंगी अब नई चीजें, वाई-फाई, होम ऑफिस फर्नीचर के लिए मिलेगा पैसा

आने वाले दिनों में सैलरी स्ट्रक्चर में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल ट्रैवल कन्वेंस सैलरी के रिइंबर्समेंट का बड़ा हिस्सा है, लेकिन भविष्य में यह वेतन से गायब हो सकता है।

HCL की दरियादिली: कोरोना के संकट में भी डेढ़ लाख कर्मचारियों को मिलेगा बोनस, कहा- किसी की सैलरी पर नहीं आएगी आंच

HCL Tech will not cut salary: एचसीएल के एचआर ने कहा कि हमने 2008 के आर्थिक संकट के दौरान भी किसी की सैलरी में कोई कटौती नहीं की थी। हम आज भी उसी सिद्धांत के आधार पर काम कर रहे हैं।

कोरोना संकट में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों पर पहले पड़ रही है मार, जानिए- क्या है वजह

यह समस्या ऐसे कर्मचारियों को पहले झेलनी पड़ रही है, जो कॉन्ट्रैक्ट पर हैं। इसकी वजह यह है कि कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले लोगों को नौकरी से निकाले जाने पर कंपनी को किसी भी तरह से कानूनी झंझट में नहीं पड़ना होता है।

कोरोना के संकट से निपटने के लिए काफी नहीं है मोदी सरकार की ओर से जारी 21 लाख करोड़ रुपये का पैकेज: रेटिंग एजेंसी मूडीज

रेटिंग एजेंसी ने कहा कि इस तरह से सरकार ने एसेट रिस्क कम करने की कोशिश की है, लेकिन इससे कोरोना के संकट से पूरी तरह से नहीं निपटा जा सकेगा।

जानें, डिस्काउंट के बाद भी क्यों इन चीजों को खरीदना नहीं है फायदे का सौदा, कोरोना संकट में बचाएं कैश

लॉकडाउन के दौर में कई कंपनियों की ओर से इन दिनों प्री-बुकिंग के ऑफर दिए जा रहे हैं और लग्जरी चीजें भी काफी डिस्काउंट पर मिल रही हैं। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज पर भी काफी ऑफर पेश किए जा रहे हैं।