coronavirus impact on economy

सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार के. सुब्रमण्यन बोले- कैश नहीं, नौकरियां देने से बढ़ेगी अर्थव्यवस्था

उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर नौकरियों के अवसर पैदा होने के चलते डिमांड में इजाफा होगा। ऐसा लोगों के हाथों में कैश देने से नहीं होगा। जरूरी यह है कि लोगों की आय सुनिश्चित की जाए। रोजगार के अवसर पैदा होने के चलते ही मांग बढ़ेगी।

अर्थव्यवस्था को बचाने और गरीबों की मदद के लिए आनंद महिंद्रा ने केंद्र सरकार को दी यह सलाह

आनंद महिंद्रा ने आगे यह भी कहा दुनिया का सबसे सख्त लॉकडाउन लागू होने के बावजूद भारत में आर्थिक रिकवरी हो रही है। भारत में टैक्टरों और ऑटोमोबाइल सेक्टर की बिक्री बढ़ रही है जिससे अर्थव्यवस्था के पटरी पर लौटने की उम्मीदें जगी हैं।

निर्मला सीतारमण बोलीं- कोरोना कब जाएगा, टीका कब आएगा कुछ पक्का नहीं, बनी हुई हैं अर्थव्यवस्था की चुनौतियां

कोरोना को लेकर स्पष्ट तौर पर फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा, ‘आपके पास पूरी तरह असरकारक कोई दवा नहीं है। आपके पास इसके खत्म होने की भी कोई तारीख नहीं है।’

बंटवारे के बाद पाकिस्तान गए लोगों की संपत्ति बेच कोरोना संकट में 1 लाख करोड़ रुपये जुटाएगी मोदी सरकार?

भारत और पाकिस्तान दोनों ने 1965 की लड़ाई के बाद शत्रु संपत्ति का अधिग्रहण करने के लिए कानून बनाए थे। पाकिस्तान इस तरह की समूची संपत्ति को 1971 में ही बेच चुका है, लेकिन भारत इस मामले में उससे 49 साल पीछे चल रहा है।

नौकरियों के अच्छे दिन आने में लगेगा एक साल से ज्यादा का वक्त, फिर भी इन सेक्टर्स में बनी रहेगी तेजी

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी के डाटा के मुताबिक करीब 2.1 करोड़ नौकरियां अगस्त के अंत तक कोरोना काल में गई हैं। 2019-0 में देश में 8.6 करोड़ लोग ऐसे थे, जो सैलरीड जॉब्स करते थे। अब यह आंकड़ा 6.5 करोड़ ही रह गया है।

आर्थिक स्वतंत्रता रैंकिंग में 26 पायदान नीचे गिरा भारत, कई छोटे देश हैं कहीं आगे, जानें- क्या रहे गिरावट के कारण

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ने की संभावनाएं अगली पीढ़ी के सुधारों तथा अंतराष्ट्रीय व्यापार के खुलेपन पर निर्भर करेंगी। सूची में प्रथम 10 देशों में न्यूजीलैंड, स्विट्जरलैंड, अमेरिका, आस्ट्रेलिया, मॉरीशस, जॉर्जिया, कनाडा और आयरलैंड शामिल हैं।

कोरोना काल में 2 करोड़ लोगों की नौकरियां जाने पर रवीश कुमार का सवाल, आखिर कब तक चलेगा पेंशन फंड?

वीश कुमार ने फेसबुक पर भी लिखा है। उन्होंने लिखा, ‘ हमें पता नहीं कि इन दो करोड़ लोगों का जीवन कैसे चल रहा है? क्या किसी ने किराया न दे पाने के कारण शहर बदला या मकान बदला है? क्या कोई है जिसे कुछ बेचना पड़ा है?

कोरोना काल में नौकरियों का अकाल, सिर्फ 3 पर्सेंट कंपनियां स्टाफ बढ़ाने की तैयारी में, 15 सालों में सबसे खराब हालात

सर्वे के अनुसार 7 पर्सेंट एंप्लॉयर्स ने सैलरी में इजाफे की उम्मीद जताई है, जबकि तीन फीसदी ने कमी की आशंका व्यक्त की है। वहीं 54 फीसदी एंप्लॉयर्स मानते हैं कि कोई बदलाव नहीं होगा।

कोरोना के चलते 15.5 लाख करोड़ रुपये के कॉरपोरेट लोन पर संकट, आरबीआई ने 26 सेक्टरों को दी राहत

कामथ कमिटी की रिपोर्ट के बाद आरबीआई ने ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट, कंस्ट्रक्शन, पावर, एमएफसीजी, होटल, रेस्टोरेंट जैसे 26 औद्योगिक सेक्टरों के बकाये कर्ज की रिस्ट्रक्चरिंग का रास्ता साफ किया है।

कोरोना काल में पस्त हुई अर्थव्यवस्था पर कंपनियों ने जुटाई रिकॉर्ड पूंजी, बैंकों ने भी मजबूत की अपनी बैलेंस शीट

भारतीय कंपनियों ने बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश हासिल किया है। इस साल की शुरुआत से अब रिलायंस समेत कई दिग्गज कंपनियों ने 2,26,700 करोड़ रुपये की पूंजी हासिल की है।

संकट में तेल भंडार वाले देश, क्रूड ऑयल की कीमतें घटने से कैश को मोहताज हुआ कुवैत, सऊदी अरब भी परेशान

सऊदी अरब ने नागरिकों को मिलने वाले लाभों पर अंकुश लगाया है और टैक्स में भी इजाफा किया है। बहरीन और ओमान, जहां भंडार कम हैं, वे उधार ले रहे हैं और अमीर पड़ोसियों से समर्थन मांग रहे हैं।

आईटी सेक्टर में 2 लाख कर्मचारियों की हो सकती है छंटनी, घटने की बजाय बढ़ता ही जा रहा नौकरियों पर संकट

इंडस्ट्री से जुड़े एक सूत्र ने कहा, ‘आने वाले दिनों में आईटी सेक्टर की कंपनियां 3 से 5 पर्सेंट तक वर्कफोर्स कम कर सकती हैं। खासतौर पर देश की बड़ी 20 कंपनियों में अब यह स्थिति देखने को मिल सकती है।’

कोरोना संकट के बीच जून तिमाही में 8.47 लाख लोग संगठित रोजगार से जुड़े, EPFO डाटा में खुलासा

जून महीने में कुल 6 लाख 55 हजार नए सबस्क्राइबर ईपीएफओ का हिस्सा बने हैं। इस तरह देखें तो मई की तुलना में ईपीएफओ से नए कर्मचारियों के जुड़ने की संख्या में 64 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है।

सैलरीड क्लास के 50 लाख लोगों की जुलाई में गईं नौकरियां, लॉकडाउन फिर लगने से बढ़ीं मुश्किलें: CMIE

जून में स्थितियों में सुधार देखने को मिला थी और 39 लाख लोगों को नौकरियां वापस मिली थीं। लेकिन एक बार फिर से कई राज्यों में लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने और प्रतिबंधों को लागू किए जाने के चलते 50 लाख लोगों को जुलाई महीने में रोजगार खोना पड़ा है।

कोरोना वायरस संकट के चलते डिप्रेशन में हैं आधे युवा, नौकरी और करियर को लेकर अनिश्चितता से परेशान: ILO

सर्वेक्षण के तहत अनुमान जताया गया कि दुनिया भर में दो में एक (यानी 50 प्रतिशत) युवा चिंता या अवसाद का शिकार हैं, जबकि इनमें से 17 प्रतिशत शायद काफी अधिक प्रभावित हैं। इसके मुताबिक महामारी के कारण सीखने और काम करने को लेकर गंभीर व्यवधान पैदा हुआ है।

मोदी सरकार की रिपोर्ट में दावा, अर्थव्यवस्था का बुरा दौर गुजरा, कृषि सेक्टर बन सकता है ग्रोथ का इंजन

रिपोर्ट कहती है कि गेहूं की रिकॉर्ड खरीद से किसानों के हाथों में 75,000 करोड़ रुपये गए हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में निजी उपभोग बढ़ाने में मदद मिलेगी।

वर्क फ्रॉम होम के चलते घटी कपड़ों की मांग, Raymond को करनी पड़ रही छंटनी, फैक्ट्री में बन रहे PPE किट

रेमंड ने अपनी बेंगलुरु स्थित फैक्ट्री में पीपीई किट तैयार करना शुरू किया है। रेमंड के चेयरमैन गौतम हरि सिंघानिया ने कहा, ‘यदि आप बड़े ब्रांड होते हैं तो मंदी हमेशा आपके पक्ष में ही जाती है।’

कोरोना काल में बदली भारतीयों की खर्च करने की आदत, बरत रहे हैं सावधानी, छोटे शहरों में ज्यादा असर नहीं

ज्यादातर उपभोक्ता अधिक खर्च करने से बच रहे हैं औऱ सिर्फ जरूरी रकम ही निकाल रहे हैं। कंसल्टिंग कंपनी केपीएमजी की ओर से किए गए एक सर्वे में यह बात सामने आई है।

यह पढ़ा क्या?
X