Consumer Forum

छुट्टे के बदले चॉकलेट या टॉफी पकड़ा देता है दुकानदार? पैसे न देने पर यहां करें शिकायत

छुट्टे पैसे के बदले दुकानदार टॉफी या चॉकलेट लेने को मजबूर करें तो आप कंज्यूमर फोरम में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके बाद उस दुकानदार पर तुरंत कार्रवाई होगी।

National Consumer Helpline के जरिए करवाएं खराब क्वालिटी प्रोडक्ट्स की शिकायत! झटपट मिलेगा समाधान

National Consumer Helpline: उपभोक्ता विवादों के प्रभावी और तीव्र निपटारे के लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एन.सी.एच.) 1800-11-4000 है।

’25 साल पहले जिसने दिए 8 लाख, उस होम बायर को दें 48 लाख’, बिल्डर को उपभोक्ता फोरम का आदेश

राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग ने फ्लैट के खरीदार के पक्ष में फैसला सुनाया और उसे जमा राशि 8.2 लाख रुपए के साथ प्रतिवर्ष 11% ब्याज पाने का भी हकदार माना।

BIG BAZAR को देना होगा 11,500 रुपए का मुआवजा, CARRY BAG के लिए वसूले थे 18 रुपये!

शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि उन्होंने इसे खरीदने की इच्छा जाहिर नहीं कि लेकिन उनसे जबरन इसके लिए राशि ले ली गई। इसके बाद उन्होंने कंज्यूमर फोरम का रुख किया और अपनी शिकायत दर्ज करवाई।

India आई थीं पूर्व CJI की बेटी, फ्लाइट की तारीख बदली तो Air India ने वसूले 574 डॉलर, अब देना होगा 60 हजार रुपए जुर्माना

पूर्व चीफ जस्टिस डॉ. आदर्श सेन आनंद की बेटी इन दिनों अमेरिका में रहती हैं। 2017 में वह अपने पिता के निधन पर भारत आई थी। इस दौरान उनका यहां रुकने का कार्यक्रम में कुछ बदलाव करना पड़ा था। तारीखें बदलने के लिए एयर इंडिया ने वादा करने के बावजूद उनसे अतिरिक्त चार्ज वसूल लिया।

Tata Sky पर लग सकता है बैन! कंज्‍यूमर फोरम ने दी यह चेतावनी

उपभोक्ता फोरम ने मंगलववार को एक याचिका की सुनवाई के बाद यह आदेश दिया है। फोरम के आदेश में कहा गया है कि भ्रामक और अश्लील विज्ञापनों पर 30 दिन के भीतर रोक लगाई जाए।

कैडबरी मिल्क चॉकलेट में मिले कीड़े, कोर्ट ने ठोका 55,090 रुपये का जुर्माना! 

कंपनी के जिस प्रतिनिधि ने पीड़ित उपभोक्ता से सैंपल लिए थे वह बार-बार समन जारी करने के बाद भी फोरम के सामने पेश नहीं हो सका।

एमआरपी से अधिक क़ीमत पर पानी बेचना पड़ा महंगा, मल्टीप्लेक्स पर 5 लाख रुपए का जुर्माना

शीर्ष उपभोक्ता अदालत ने अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से अधिक मूल्य पर बोतलबंद पानी बेचने के लिए जयपुर में एक मल्टीप्लेक्स पर 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया।

मैगी, रीयल एस्टेट कानून समेत उपभोक्ता मुद्दे छाए रहे

वर्ष 2015 में ‘उपभोक्ता सर्वोपरि’ का सिद्धांत तब लड़खड़ाता नजर आया, जब बिल्डर माफिया से घर खरीदारों की सुरक्षा पर केंद्रित विधेयक संसद में पारित नहीं हो पाया..

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