civil society

स्त्री के मौन से निकला महाभारत

मुकेश भारद्वाज की नई किताब 'सत्ता का मोक्षद्वार : महाभारत' (वाणी प्रकाशन) की समीक्षा पढ़िए।

तंगदिल निकले सारे नायक

कोरोना महामारी की नई लहर पहले से ज्यादा मातमी साबित हो रही है। इस दौरान देश में स्वास्थ्य व्यवस्था की ढांचागत कमजोरी तो हर...

दुनिया मेरे आगे: कामयाबी के औजार

हर व्यक्ति अपने जीवन में सुदृढ़ होना चाहता है। चाहे वह शारीरिक, मानसिक स्वास्थ्य की बात हो या फिर आर्थिक संपन्नता की। प्रकृति में...

दुनिया मेरे आगे: पराई उम्मीदों का बोझ

पढ़ाई-लिखाई से लेकर रोजगार के मोर्चे पर आने वाली बाधाएं और नाकामी जरूर बहस का विषय बनती रही हैं, मगर इसके हल की राह...

दुनिया मेरे आगे: सुधार की दीवारें

गलती का अहसास ही वह बिंदु है, जहां से व्यक्ति में सुधार की प्रक्रिया की शुरुआत हो सकती है। सवाल है कि फिर सजा...

राजनीति: सामाजिक गठन और वृद्धावस्था की चुनौतियां

भारतीय परंपरा में माता-पिता और सास-ससुर, बेटे, दामाद तथा बेटी, बहू जैसे रिश्ते दो परिवारों को जोड़ने के लिए, उनके सुख-दुख को साझा करने...

चौपाल: सम्यक विकास

भारतीय प्राचीन धर्म शास्त्रों और पवित्र पौराणिक पुस्तकों में भी यह सब जगह लिखा है कि जिस समाज में स्त्रियों की पूजा होती है,...

शख्सियत: सेवा को समर्पित जीवन ठक्कर बाप्पा

ठक्कर बाप्पा ने 1914 में "भारत सेवक समाज" के संस्थापक गोपालकृष्ण गोखले से समाज सेवा की दीक्षा ली और जीवनपर्यंत लोकसेवा में ही लगे...

चौपाल: प्रेम की जगह

जीवन साथी का अर्थ ही होता है ऐसे व्यक्ति का चुनाव करना जो जीवन भर हर परिस्थिति में अपनी संगिनी का साथ दे। पिछले...

चुनावी चंदे की बिसात

चुनाव सुधार पर बरसों से चली आ रही बहस के बावजूद राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे का चरित्र ज्यों का त्यों है।

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