China row

संपादकीय: चीन को दो टूक

चीन जिस तरह से भारत व अपने अन्य पड़ोसी देशों की सीमाओं में घुसपैठ, अतिक्रमण कर उन्हें विवादित बनाने और उनकी संप्रभुता को चुनौती देने की रणनीति पर चलता रहा है, वही टकराव का बड़ा कारण है। अगर सभी देश एक दूसरे की संप्रभुता की रक्षा करें तो ऐसे विवाद होने का प्रश्न ही नहीं उठता।

संपादकीय: चीन को संदेश

रक्षा सेवाओं के प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने सोमवार को साफ कर दिया कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति बहाल करने के लिए चल रही सैन्य और कूटनीतिक बातचीत का अगर कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला तो भारतीय सशस्त्र सेनाएं सैन्य विकल्पों के लिए भी तैयार हैं। उनके इस बयान से स्पष्ट है कि भारत अब किसी भी सूरत में चीन के सामने झुकने वाला नहीं है।

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