Childhood

रोहित में स्कूली दिनों से ही थे कप्तानी के गुण, बचपन के कोच ने उजागर किए हिटमैन के कई अनछुए पहलू

रोहित के साथी खिलाड़ी रहे और करीबी मित्र मुंबई के बल्लेबाज अभिषेक नायर ने पूल शॉट में उनकी महारत के बारे में बताया। टेस्ट विशेषज्ञ बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ईडन गार्डंस पर उनके शतक की तारीफ की।

चौपाल: जीवन बचपन

हर व्यक्ति कैसे अपने अतीत की यादों को निहारता है, इसका विश्लेषण प्रभावकारी है। बाल्यावस्था, युवावस्था और वृद्धावस्था को सापेक्ष मानते हुए बचपन की असीम खुशी वाले पल को सौंदर्य के गहने से इस प्रकार चित्रित किया गया है कि ऐसा लगता है कि बचपन ही जीवन का वास्तविक सौंदर्य है।

जब बीड़ी पीने के चक्कर में चप्पलों से हुई थी वीरेंद्र सहवाग की पिटाई, स्कूल जाने में भी बहुत पंगे करते थे वीरू

सहवाग बचपन में स्कूल जाने को लेकर भी काफी नाटक करते थे। वह स्कूल जाने में काफी आना-कानी करते थे। वह बचपन में अपनी मां को बहुत परेशान करते थे। इसका खुलासा उनकी मां ने ही किया था।

परीक्षा के पाठ

आमतौर पर विद्यार्थी उन किताबों या नोट्स की जुगत में लगे रहते हैं जो उस विषय से संबंधित हैं जिसे उन्होंने वर्ष भर नहीं पढ़ा है, लेकिन उस पर प्रश्न पूछे जाने की संभावना है।

बिखरता बचपन

बच्चों को जहां पढ़ाई, खेल, स्कूल बैग और दोस्तों के बारे में सोचना था, वहां अब वे रिश्ते, धन और संबंधों के मसलों पर सोच रहे हैं।

चिंता : कैसे सुरक्षित हो बचपन

रिपोर्ट के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे साधारण अक्षर भी नहीं पहचानते हैं, अट्ठाईस प्रतिशत अक्षर पहचानते हैं मगर इससे आगे नहीं बढ़ पाए। संख्या और गुणा-भाग भी अधिकांश बच्चों को नहीं आता।

जीवन का पंछी

क्यों हमारे बच्चे आज उन पक्षियों को नहीं पहचानते? क्यों आज सैकड़ों पक्षियों के बीच एक ‘गौरैया दिवस’ मनाने की नौबत आई?

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