Chaupal Opinion

चौपाल: नशा और नाश

लोग कई रूपों में नशे को अपनाते हैं, जिनमें गुटखा भी एक नशा का ही एक रूप है। गुटखा धीरे-धीरे इंसान को मौत की तरफ भी ले जा सकता है।

चौपाल: पढ़ने की सीख

अगर बच्चों को लिखित सामग्री को पढ़ कर खुद की धारणाएं बनाने और वास्तविक जीवन से संबंध स्थापित करने के अवसर दिए जाएं तो ‘पढ़ना’ अधिक प्रभावशाली होगा।

चौपाल: खौफ में बेटियां

हाथरस हो या गुरुग्राम, आजमगढ़ हो या जौनपुर, हर तरफ महिलाओं के लिए सिर्फ डर या भय का माहौल नजर आ रहा। ऐसे में आखिर कोई पिता और परिवार अपने बेटियों को शिक्षा और अन्य कार्य के लिए अकेला कैसे छोड़ेगा?

चौपाल: प्रदूषण का धुआं

पिछले साल सरकार के तरफ से यह आश्वासन भी दिया गया था कि अगर किसान अपने खेतों की पराली नहीं जलाते हैं तो उन्हें प्रति एकड़ एक हजार से ढाई हजार रुपए तक का मुआवजा दिया जाएगा। लेकिन क्या यह आश्वासन पूरा हुआ?

चौपाल: लोकतंत्र में प्रतिपक्ष

वर्तमान परिप्रेक्ष्य में स्वाभाविक रूप से करारी हार की हताशा से आहत प्रतिपक्ष अपना आत्मविश्वास न खो बैठे, यह चिंता किया जाना लोकतंत्र की सार्थकता के लिए अत्यंत आवश्यक है। निश्चित रूप से नया जनादेश राजनीति में नए दौर की जरूरत पर बल देता है।

चौपाल: कहां है चौकीदार

हैदराबाद विश्वविद्यालय के शोध के छात्र रोहित वेमुला, पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या दलितों की आवाज दबाने की साजिश ही है। देश में हर घंटे दलितों के साथ पांच अपराध हो रहे हैं और दूसरी ओर सबके साथ, सबका विकास का नारा देकर पाखंड किया जा रहा है।

चौपाल: व्यवस्था हुई राख

हाल में हाथरस की एक दलित ‘गुड़िया’ के साथ बर्बर अपराध हुआ, फिर बाद में उसकी जीभ काट दी जाती है ताकि सच्चाई हमेशा-हमेशा के लिए दफन हो जाए। चौदह-पंद्रह दिनों तक जिदंगी से जूझते-जूझते वह हार गई। आनन-फानन में सरकार प्रशासन की सहायता से उसकी लाश को जला दिया गया। उत्तर प्रदेश में सरकार राजनीतिक मंचों से रामराज्य की बात करती है।

चौपाल: आशंका के बीच

किसानों की एक बड़ी आशंका यह है कि आलू,प्याज, अनाज, दलहन, तिलहन को आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी से हटा दिए जाने और इनके भंडारण पर लगी रोक को हटाने की नई प्रणाली एक तरफ संसाधनों से विहीन किसानों के लिए घाटे का सौदा बनेगी।

चौपाल: बाजार में किसान

किसान किसी भी देश और समाज की जान होता है। उसका नुकसान सबका नुकसान होगा।

चौपाल: प्रदूषण के सामने

कोरोना वायरस की मौजूदगी में वायु प्रदूषण से जंग और मुश्किल होगी। दिल्ली की तमाम प्रदूषण नियंत्रण संबंधित एजेंसियां पहले से तैयारी में लगी हैं।

चौपाल: धुएं की घुटन

आखिर क्या मिलता है लोगों को धुआं उड़ाने से और इसी धुएं में गुम होकर बेवजह खुद को मिटाने से। लोगों को पता है कि ये चीजें उनको अंदर से खोखला कर देती हैं, पर फिर भी पता नहीं क्यों, वे लत की हद तक जाकर सेवन करते है इन चीजों का, जो बेहद हानिकारक […]

चौपाल: गहराता जल संकट

राजस्थान जैसे प्रदेश में तो पानी की तलाश में महिलाओं को कई-कई किलोमीटर भटकना पड़ता है। ऐसी स्थिति में हमें प्रकृति के साथ संतुलन बनाने की आवश्यकता है। सतत पोषणीय विकास की अवधारणा को ध्यान में रख कर विकास किया जाना चाहिए।

चौपाल: भुखमरी से निजात

अगर कुपोषण और भुखमरी की समस्या से निपटना है तो खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना होगा। भारत में वर्तमान में खाद्य सुरक्षा की स्थिति चिंताजनक है।

चौपाल: नशे का जाल

एनसीबी की जांच के दायरे में करिश्मा, रकुल, सारा अली खां, जया शाह, सिमोन, श्रद्धा कपूर, रणवीर जैसे फिल्मी सितारों और प्रसिद्ध खिलाड़ी दीपिका पादुकोण के नाम आना भी बता रहा है कि नशीली दवाओं के कारोबार का मकड़जाल किस कदर फैला हुआ है।

चौपाल: शोषण के कानून

बड़ा सवाल तो यह है कि ये कानून किस दृष्टिकोण से श्रम सुधार कानून हैं ? इन कानूनों में तो सीधे-सीधे 300 मजदूरों की संख्या वाली कंपनियों और पूंजीपतियों को यह अधिकार दे दिया गया है कि वे जब चाहें उन मजदूरों को बगैर कोई कारण बताए निकाल बाहर कर सकते हैं। यह कानून तो बिल्कुल मजदूर विरोधी षड्यंत्र है!

चौपाल: नशे का हासिल

ड्रग्स की लत हमारी जीवन-शैली में तेजी से बढ़ रही है। चाहे अमीर देश हों या गरीब देश, दोनों में यह लत समान रूप से घर कर चुकी है।

चौपाल: आत्मनिर्भरता ही विकल्प

भारतीय नौसेना के इतिहास में पहली बार दो महिला अफसरों, सब लेफ्टिनेंट कुमुदिनी त्यागी और सब लेफ्टिनेंट रीति सिंह को नौसेना के युद्धपोतों पर तैनात किया जाएगा। महिला शक्ति के मजबूत होने पर किसे खुशी नहीं होगी..!

चौपाल: प्रकृति का चक्र

प्रकृति जानती है कि उसे कब कहां, कैसे, क्या और कितनी मात्रा में करना है और वह कर देती है। यही जीवन चक्र है। प्रकृति सबसे खूबसूरत है, सबसे दूरदर्शी और सबसे समझदार भी।

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