Bundelkhand

UP: इस शख्स ने लोगों की प्यास बुझाने के लिए अकेले खोद डाला 8 बीघे का तालाब, प्रियंका गांधी ने भी की तारीफ

बूंद-बूंद पानी के लिए तरसते बुंदेलखंड के एक गांव में करीब 4 साल से दिन-रात मेहनत करके कृष्णानंद ने 6 फुट गहरा तालाब महज इसलिए खोदा ताकि आने वाली बारिश में यह पानी से लबालब हो जाए और उसके गांव के लोगों और जानवरों को पानी के लिए दर-दर भटकना न पड़े।

Election 2019: बुंदेलखंड की इन तीन सीटों पर 1984 के बाद नहीं खुला कांग्रेस का खाता, झांसी में भी सिर्फ 2 बार मिली जीत, जानें इस बार कैसा है हाल?

Lok Sabha Election 2019 (लोकसभा चुनाव 2019): उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड से तीन सीटें ऐसी हैं जहां 1984 के बाद से कांग्रेस को एक भी बार जीत नहीं मिली है। वहीं बुंदेलखंड की चौथी सीट से महज दो बार जीत मिली है।

2019 Lok Sabha Elections: राहुल ने प्रियंका-ज्योतिरादित्य के बीच कुछ ऐसे बांटी कानपुर बुंदलेखंड की सीटें, समझें गणित

राहुल गांधी ने पूर्वी यूपी की कमान प्रियंका गांधी को सौंप दी है तो वहीं पश्चिमी यूपी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं ज्योतिरादित्य सिंधिया। ऐसे में बेहद अहम हैं कानपुर बुंदेलखंड की 10 लोकसभा सीटें। समझें इन सीटों का पूरा गणित।

मर रही थी बच्ची, डॉक्टर ने कहा- 1 करोड़ रुपए का वेंटिलेटर लेकर आओ! वीडियो हुआ वायरल

मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में रविवार को एक बच्ची की हालत काफी गंभीर थी। परिजनों ने उसे बचाने की गुहार लगाई तो महिला डॉक्टर ने एक करोड़ रुपए के वेंटिलेटर का इंतजाम करने के लिए कह दिया।

यूपी: किराये पर ट्रैक्टर लेने के पैसे नहीं, बैलों की जगह हल से खेत जोत रहीं बहनें

ऋण छूट और विशेष पैकेज के बावजूद बुंदेलखंड की एक हकीकत यह भी है कि गरीबी की मार झेल रहा एक परिवार खेत में बैलों की जगह खुद को रखकर काम ले रहा है। 60 वर्षीय अच्छेलाल अहरवार की दो बेटियां 13 वर्षीय रवीना और 10 वर्षीय शिवानी बैलों की जगह खुद को रखकर हल से खेत जोत रही हैं।

केंद्र की ओर से भेजी गई ‘पानी एक्सप्रेस ट्रेन’ के टैंकर में नहीं निकला पानी

सूखाग्रस्त बुंदेलखंड की मदद के लिए केंद्र की ओर से ट्रेन के जरिये भेजे गए पानी के टैंकर को स्वीकारने को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार दिन भर असमंजस में रही।

सरकारी राशन लेने जा रहे दलित की भूख से मौत, विपक्ष का उप्र सरकार पर हमला

दलित नाथू की पत्नी मुन्नी देवी के मुताबिक परिवार पिछले चार दिन से भूखा था और उसका पति सरकारी मदद का इंतजार कर रहा था।

खुशखबरीः लातूर की तर्ज पर अब ‘पानी एक्सप्रेस’ बुझाएगी बुंदेलखंड के लोगों की प्यास

सूखे की मार झेल रहे जिस तरह से मराठवाड़ा के लिए जिस तरह से पानी एक्सप्रेस चलाई गई है, ठीक वैसे ही अब बुंदेलखंड वासियों के लिए भी प्यास बुझाने के लिए रेलवे ने पानी के टैंकरों की एक ट्रेन भेजने का निर्णय ला जा चुका है।

सूखे की मार और मनरेगा में काम न होने की वजह से बुंदेलखंड के 25 लाख से अधिक किसानों का पलायन!

सूखे की मार, फसल चौपट और मनरेगा में काम नहीं है। इन हालातों ने बुंदेलखंड के किसान को मजबूरी में मजदूर बना दिया है। बुंदेलखंड के कई किसान दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, गुजरात आदि राज्यों में पलायन कर चुके हैं।

पंकज रामेंदु की कलम से: पानी, सियासत और फिल्म

1980 से 1986 तक जब सौराष्ट्र में भीषण अकाल पड़ा था तो उस दौरान वहां का सबसे बड़े शहरों में से एक राजकोट पूरी तरह से प्यासा हो गया था।

पानी ने बिगाड़ी कहानी

ज्यादातर शहरों में बगल की नदियों से जलापूर्ति होती है। इन नदियों का पानी बेहद प्रदूषित हो चुका है, यहां तक कि इनमें पानी भी नहीं होता।

सूखे का संकट

लातूर सूखे की सबसे ज्यादा चपेट में है जहां जलाशयों के आसपास धारा 144 लगा दी गई

कुदरत नहीं, मनुष्य की देन है सूखा

पानी की कमी वाले इलाकों में अनाज उगाने पर पानी की प्रचुरता वाले इलाकों की तुलना में दो गुने पानी की खपत होती है।

सियासी समर में फिर झुलसने को तैयार भूखा-प्यासा उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के 51 जिले भयावह सूखे की चपेट में हैं। ग्रामीण इलाकों में न दाना नसीब हो रहा है और न ही पानी।

पांच अरब की शराब गटक जाते हैं बुंदेलखंड के लोग

बुंदेलखंड भयानक सूखे के दौर से गुजर रहा है। अकाल जैसे हालात हैं। बूंद-बूंद पानी के लिए मारामारी मची है। लेकिन यहां मदिरा की कोई कमी नहीं है।

कागजों पर ही बनती हैं सूखे से निपटने की योजनाएं, बुंदेलखंड-विदर्भ-मराठवाड़ा-तेलंगाना में भीषण सूखा

महाराष्ट्र की बात करें तो सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र में 2004 से 2013 के बीच के 10 साल में 36,848 किसानों ने आत्महत्या की।

बुंदेलखंड में भुखमरी पर UP, MP सरकार को NHRC का नोटिस, बंधुआ बाल श्रमिकों के पुनर्वास पर जवाब-तलब

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने शुक्रवार को दो अलग-अलग मामलों में राजस्थान व बुंदेलखंड से जुड़े यूपी और मध्यप्रदेश की सरकारों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए।

तकलीफों से जूझ रहे बुन्देलखण्ड में उम्मीद जताने पहुंचेंगे सीएम अखिलेश यादव

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 31 मार्च को बुन्देलखण्ड की यात्रा पर निकलेंगे। सोलहवीं लोकसभा के चुनाव के दौरान उन्होंने इस इलाके की जो हकीकत हैलीकाप्टर से देखी थी, उसकी तस्दीक का अब समय है।

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