BRICS दुनिया के प्रमुख उभरते देशों का एक समूह है। शुरुआत में इसमें ब्राजील, रूस, भारत और चीन शामिल थे, इसलिए इसे पहले BRIC कहा जाता था। 2010 में दक्षिण अफ्रीका के जुड़ने के बाद इसका नाम BRICS हो गया। बाद के वर्षों में इसका विस्तार हुआ और अब इसमें कई नए सदस्य देश भी शामिल हैं। यह समूह दुनिया की करीब आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है और वैश्विक अर्थव्यवस्था में इसकी हिस्सेदारी लगभग 40% जीडीपी के आसपास मानी जाती है।
साल 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग शहर में पहला BRIC शिखर सम्मेलन हुआ। 2010 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के बाद यह BRICS बन गया। BRICS का मुख्य मकसद विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग बढ़ाना है। यह समूह चाहता है कि दुनिया की आर्थिक व्यवस्था में विकासशील देशों की आवाज ज्यादा मजबूत हो।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है BRICS?
भारत के लिए BRICS कई कारणों से अहम है। यह मंच भारत को चीन, रूस और ब्राजील जैसे बड़े देशों के साथ आर्थिक सहयोग बढ़ाने का अवसर देता है। भारत यहां ग्लोबल साउथ के मुद्दों को मजबूती से उठाता है। डिजिटल भुगतान, स्वास्थ्य, ऊर्जा सुरक्षा और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में भी भारत BRICS के माध्यम से सहयोग बढ़ा रहा है।