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बेबाक बोल-राजकाज-कांग्रेस कथा: सत्ता और संत

जयप्रकाश नारायण की अगुआई में जनता के प्रतिरोध की आंधी इंदिरा गांधी महसूस कर रही थीं। उस समय चंद्रशेखर ने उन्हें जेपी की ताकत...

राजकाज-बेबाक बोल-कांग्रेस कथा: इसलिए सुनो ये कहानी

2014 में कांग्रेस एक ऐसी कथा बन गई जिससे हर तरह की प्रेरणा तसल्लीबख्श ली जा सकती है। राजनीति में क्या करना चाहिए और...

राजकाज-बेबाक बोल-कांग्रेस कथा 11: गरचे दकन में...

राष्ट्रीयता और हिंदुत्व के आधार पर भाजपा अपनी जिस राष्ट्रीय पहचान को बनाने में जुटी थी उसमें वह लगातार कामयाब होती दिख रही है।...

बेबाक बोल-राजकाज: किसानिस्तान

आज के समय में सबसे बड़ा निजी क्षेत्र कृषि ही है। नब्बे के दशक में जो निजीकरण का दौर चला उसने इस सबसे बड़े...

बेबाक बोल-कांग्रेस कथा: वाम से राम तक

बंगाल अपनी राजनीतिक हिंसा के कारण भी जाना जाता रहा है। आम चुनावों के मसले के साथ यहां राजनीतिक पहचान की लड़ाई भी अहम...

बेबाक बोल कांग्रेस कथा: मौका-ए-मात

कांग्रेस के साथ दो बड़ी दिक्कत दिख रही है। सवर्णों का वोट बैंक पूरी तरह से भाजपा में हस्तांतरित हो चुका है। ऐसे में...

कांग्रेस कथा: बिहार से बहिष्कार

केंद्र की सत्ता का ताला आज भी उत्तर प्रदेश और बिहार की चाबी से खुलता है। इन दोनों राज्यों की सीटें उस जादुई आंकड़े...

कांग्रेस कथा 1: कुकर क्रांति

सत्ता के अहंकार में आसमानी घमंड से झूम रही पार्टी को वही संगठन जमींदोज कर सकता था जो पिछले तीन दशकों से जल, जंगल,...

बेबाक बोलः धर्म की धुंध

किसी भी जटिल समय में खास तरह की पक्षधरता की जरूरत पड़ती है। हर कालखंड उम्मीद करता है कि उसमें बदलाव की लकीर खींचने...

बेबाक बोलः राम राष्ट्र

अयोध्या में राम मंदिर की बुनियाद रखे जाने के साथ भारतीय राजनीतिक, सांस्कृतिक व सामाजिक इतिहास का एक बड़ा अध्याय निर्णायक मोड़ पर पहुंच...

बेबाक बोलः अमरत्व का अभिशाप

अमरत्व के अमृत पर पूरी दुनिया की सभ्यता अपने हिसाब से मंथन कर मृत्यु से पार पाने की कोशिश करती है। लेकिन महाभारत दुनिया...

राजकाज: बेबाक बोल- बलाख्यान

बलराम को पूजने वाला किसान वह वर्ग है जो आज भी सत्ता का पक्षधर नहीं। वह अपना कर्म करते हुए निष्पक्ष बना रहता है।...

राजकाज: बेबाक बोल-भीमासुर

मानव जीवन के संघर्ष के हर पहलू को उजागर करने के कारण आधुनिक रंगमंच की दुनिया में भी महाभारत के पात्र पहली पसंद रहे...

बेबाक बोलः द्रोणकाल

महाभारत में धर्म की पुनर्स्थापना के लिए जो अधर्म का चरम था वह खुद धर्मराज के अवतार ने किया। गुरु द्रोण का वध वह...

बेबाक बोलः पट्टीव्रता

गांधार प्रदेश की राजकुमारी गांधारी को स्वयंवर का विकल्प नहीं मिलता है। उसके लिए जिस नेत्रहीन राजकुमार से विवाह का प्रस्ताव आता है उसे...

बेबाक बोलः छलनायक

बिना अन्य की निर्मिति किए नायकत्व की परिकल्पना संभव नहीं है। यह अन्य समुदाय, संपत्ति या राजसत्ता के स्वरूप के साथ बदलता है। परिवार...

बेबाक बोलः भीष्म संदेश

भीष्म महाभारत के वो नायक हैं जो सबसे ज्यादा अनिर्णय की स्थिति में रहते हैं। वे भी अर्जुन की तरह ‘मैं’ से ग्रसित हैं।...

बेबाक बोलः धर्म-अ-धर्म

महाभारत की महाकाव्यात्मकता समय और क्षेत्र के पार की है। महाभारत का महत्व इसमें नहीं है कि इसने किसी सामाजिक बुराई को खत्म किया...

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