Bangla Literature

शख्सियत: बांग्ला आलोचना का शिखर मोहितलाल मजुमदार

मजुमदार ने रवींद्र परंपरा के गीति-प्रधान काव्य के ध्रुपद न्यास के साथ नए भावादर्शों को समेटते हुए एक नई काव्यधारा का प्रवर्तन किया।

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