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Assam NRC Final List: असम के लोगों को सता रहा भारतीय नागरिकता खोने का डर, खौफजदा लोगों की जुबां पर एक ही सवाल, अब क्या होगा?

NRC Final List Release: हुसैन अली का नाम 1971 की मतदाता सूची में था और उनकी दादी ताहिरा खातून का नाम 1966 की सूची में था। लेकिन 2018 में आई सूची में उनकी मां का नाम गायब था। वे कहते हैं, ‘हमें नहीं पता कि हमारा क्या होने वाला है, हमने सुना है कि हमसे राशन कार्ड छीन लिए जाएंगे।’

Assam NRC Final List 2019 Live Updates: एनआरसी की फाइनल लिस्ट जारी, 19 लाख लोगों के नाम बाहर

Assam NRC: भाजपा, कांग्रेस और एआईयूडीएफ समेत सभी बड़े राजनीतिक दलों ने शंका जाहिर की है कि कई वास्तविक भारतीय नागरिकों के नाम छूट सकते हैं जबकि अवैध विदेशियों के नाम शामिल किए जा सकते हैं।

NRC में जगह पाने के लिए मुस्लिमों से ज्यादा हिंदुओं ने लगाए फर्जी दस्तावेज: रिपोर्ट

National Register of Citizens (NRC) को जारी करने में अब महज 5 दिन ही बचे हैं। इस बीच, राज्य की सत्ताधारी बीजेपी इन अटकलों को लेकर बेचैन है कि आखिरी सूची से बहुत सारे हिंदू जो मुख्यत: बंगाली, नेपाली या हिंदीभाषी हैं, वे बाहर हो जाएंगे।

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छात्रा का नाम 13 अगस्त को दर्ज कराई एक अन्य एफआईआर में भी है जो आरटीआई कार्यकर्ता दुलाल बोरा ने दर्ज कराई। ये एफआईआर असम पुलिस के आपराधिक जांच विभाग में दर्ज कराई गई है।

NRC in Assam: सुप्रीम कोर्ट का आदेश- छूट गए लोगों के नाम 31 अगस्त को ऑनलाइन करें प्रकाशित

शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि एनआरसी बनाने की चल रही प्रक्रिया को कानूनी रूप से दी जा रही चुनौतियों के आधार पर दोबारा शुरू करने का आदेश नहीं दिया जा सकता। सर्वोच्च अदालत ने पहले कहा था कि अंतिम असम एनआसी 31 अगस्त तक प्रकाशित किया जाएगा।

NRC: पुनर्सत्यापन के लिए जद्दोजहद कर रहे मुसलमान, मदद के लिए हिंदुओं ने बढ़ाया हाथ

एनआरसी पुनर्सत्यापन की सूचना मिलने के बाद से हजारों मुस्लिम इसकी अंतिम समयसीमा खत्म होने से पहले एनआरसी प्रक्रिया को पूरा करने की जद्दोजहद में जुटे हैं, हालांकि इस काम में उन्हें हिंदुओं का भरपूर सहयोग मिल रहा है।

NRC in Assam: कई हिंदू भी एनआरसी से बाहर, 39 साल की अमिला जेल में, परिवारवाले पूछ रहे- साह बांग्लादेशी कैसे?

अमिला साह को जेल गए दो महीने से ज्यादा वक्त हो चुका है। बिशाल कहते हैं कि वह अभी भी नहीं समझ पा रहे कि कैसे उनकी 39 वर्षीय मां जिन्हें यह भी नहीं पता कि बांग्लादेश क्या है, उन्हें ‘बांग्लादेशियों के लिए बनी जेल’ में रखा गया है। नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (NRC) में अमिला को छोड़कर परिवार के हर सदस्य को जगह मिली है।

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62 वर्षीय बोरदोलोई का कहना है कि ‘उन्होंने अपनी जिन्दगी असम आंदोलन को समर्पित कर दी थी। मैं इसके चलते जिला जेल में भी एक हफ्ते तक बंद रहा। हम फेयर एनआरसी के लिए लड़े, लेकिन यह दुखद है कि अब मुझे ही इसकी वजह से परेशानी उठानी पड़ रही है।’

असम: NRC में साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता और असम आंदोलन के शहीदों के परिजनों को जगह नहीं!

भारतीय गोरखा परिसंघ के राष्ट्रीय सचिव नंदा किराती देवान ने कहा, ‘‘स्वतंत्रता सेनानियों और असम आंदोलन के शहीदों के परिजनों को एनआरसी से बाहर रखकर उनका अपमान किया गया है।

आतंकियों से मोर्चा लेने वाला रिटायर्ड सैनिक विदेशी बताकर भेजा गया जेल, अफसर ने कहा- दूसरे शख्स की वजह से कन्फ्यूजन

असम पुलिस के पूर्व अधिकारी चंद्रामल दास ने बताया कि सैन्य अधिकारी सनाउल्लाह, वह व्यक्ति नहीं हैं, जिनसे उन्होंने पूछताछ की थी। यह गलत पहचान से जुड़ा हुआ मामला है।

NRC पर असम सरकार को SC की दो टूक- 31 जुलाई तक प्रकाशित करें फाइनल लिस्ट, एक दिन की भी नहीं हो देरी

उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को स्पष्ट किया कि असम में राष्ट्रीय नागरिक पंजी को अंतिम रूप देने की 31 जुलाई की समय सीमा आगे नहीं बढ़ाई जायेगी।

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