apj abdul kalam died

‘मिसाइल मैन’ के अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोग जुटे

पूर्व राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम के कल अंतिम संस्कार से पहले उनकी आखिरी झलक पाने के लिए लोगों का विशाल हुजूम उमड़ पड़ा, जिसमें खासकर स्कूल और कॉलेज के छात्र शामिल थे।

अब्दुल कलाम का पार्थिव शरीर रामेश्वरम के लिए रवाना: नरेंद्र मोदी कल अंतिम संस्कार में होंगे शामिल

पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. ए पी जे अब्दुल कलाम का पार्थिव देह बुधवार दोपहर उनके पैतृक गृह नगर तमिलनाडु के रामेश्वरम ले जाया जाएगा।

भारत रत्न एपीजे अब्दुल कलाम (1931-2015): मौत भी मिटाने में नाकाम

लिहाजा, मौत भी उनको मिटाने में नाकाम है। मौत भी उनके लिए कोई अंत नहीं वरन एक सतत घटनाक्रम का एक पड़ाव मात्र है। डॉ एवुल पाकिर जैनुलआबदीन अब्दुल कलाम एक व्यक्ति विशेष नहीं, बल्कि एक संस्था थे।

कलाम को सलाम

यकीन नहीं होता कि डॉ एपीजे अब्दुल कलाम नहीं रहे। उनके निधन का समाचार सुनते ही देश स्तब्ध रह गया। विश्वास नहीं हुआ कि हर समय मुुस्कुराता हुआ, सक्रिय रहने वाला और राष्ट्रहित की बात सोचने वाला व्यक्ति चिरनिंद्रा में लीन हो गया है।

कलाम का कद

एपीजे अब्दुल कलाम वैज्ञानिक थे, मगर व्यवहार में शिक्षक का आचरण और भिक्षुक की सादगी थी। उन्होंने राष्ट्रपति पद की गरिमा को एक नई भंगिमा दी। जुलाई 2002 में देश के ग्यारहवें राष्ट्रपति चुने जाने से पहले उनकी ख्याति एक वैज्ञानिक की थी।

कलाम का पार्थिव शरीर दिल्ली पहुंचा, नरेंद्र मोदी ने दी श्रद्धांजिल

‘मिसाइल मैन’ और ‘जनता के राष्ट्रपति’ के रूप में लोकप्रिय पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम का सोमवार शाम यहां भारतीय प्रबंधन संस्थान (आइआइएम) में एक व्याख्यान के दौरान दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वो इस साल 15 अक्तूबर को 84 साल के हो जाते। उनके निधन की खबर से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है।

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