पुराने प्रयागराज की रात में बिजली की शुरुआती रोशनी और बदलता शहरी जीवन
प्रयागराज की वह पहली रात, जब बिजली ने बदल दी शहर की जिंदगी | संगम तीरे

प्रयागराज में बिजली की कहानी सिर्फ रोशनी आने की कहानी नहीं है। रेलवे स्टेशन से शुरू हुई शुरुआती विद्युत रोशनी…

प्रयाग संगीत समिति की दो इमारतों का दृश्य, जिनमें एक ओर हरियाली से घिरी पुरानी इमारत और दूसरी ओर सजे हुए लाल-पीले अग्रभाग वाली इमारत दिखाई दे रही है।
एक शहर, जहां बड़े उस्ताद आते थे और नई पीढ़ी सुर साधती थी | संगम तीरे

प्रयागराज ने भारतीय शास्त्रीय संगीत को सिर्फ बड़े कलाकारों का मंच नहीं दिया, बल्कि संगीत शिक्षा, सम्मेलनों और नई पीढ़ियों…

पुराने प्रयागराज रेलवे स्टेशन का सेपिया शैली में चित्रण, जिसमें ए. एच. व्हीलर का किताबों का स्टॉल, भाप इंजन वाली ट्रेन, रेल की पटरियां और सामने खुली किताब दिखाई दे रही है।
प्रयागराज में जब रेल आई, किताबों को भी रास्ता मिल गया | संगम तीरे

1859 में प्रयागराज तक रेल पहुंची तो सिर्फ यात्रियों का सफर आसान नहीं हुआ। कुछ ही दशकों में रेलवे स्टेशन…

प्राचीन भारतीय नदी किनारे के बाजार में कारीगर, व्यापारी, नावें और व्यापारिक गतिविधियां, साथ में प्राचीन मुहर का दृश्य।
दो हजार साल पहले का एक ‘स्टार्टअप इकोसिस्टम’ | संगम तीरे

आज स्टार्टअप, फाउंडर, फंडिंग और बिजनेस इकोसिस्टम की भाषा है; लेकिन कारोबार को बाजार, हुनर, संगठन, संपर्क और भरोसे से…

प्रयागराज के भिटा में प्राचीन नगर के पुरातात्त्विक अवशेष
मिट्टी ने बचा लिया एक गुमनाम नगर का किस्सा | संगम तीरे

प्रयागराज के भीटा में खुदाई से सामने आया एक ऐसा प्राचीन नगर, जिसकी गलियां, घर, मुहरें और बाजार तो इतिहास…

कौशाम्बी उत्खनन की पृष्ठभूमि में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पुरातत्वविद् प्रो. जी. आर. शर्मा पर आधारित फीचर इमेज।
मिट्टी के नीचे सोया शहर और उसे जगाने वाला इलाहाबाद विश्वविद्यालय का इतिहासकार | संगम तीरे

कौशाम्बी की खुदाई ने सिर्फ एक प्राचीन नगर नहीं खोजा, बल्कि यह भी बताया कि इतिहास किताबों में जितना लिखा…

इलाहाबाद विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और छात्र आंदोलन की प्रतीकात्मक झलक दिखाती 'संगम तीरे' की फीचर इमेज, जिस पर लिखा है— 'जहां सवाल जन्म लेते हैं'।
प्रयागराज: प्रतिरोध का शहर, जहां विरोध सिर्फ इतिहास नहीं, परंपरा है | संगम तीरे

दिल्ली के जंतर-मंतर के हालिया छात्र आंदोलन को आधार बनाकर यह लेख प्रयागराज की उस विरासत की पड़ताल करता है,…

अदालत, विश्वविद्यालय, अख़बार और साहित्यकारों के प्रतीकों के साथ इलाहाबाद (प्रयागराज) की साहित्यिक विरासत को दर्शाती फीचर इमेज।
साहित्य का पता: अदालत, अखबार और विश्वविद्यालय | संगम तीरे

प्रयागराज की साहित्यिक विरासत ने अकबर इलाहाबादी, फिराक, बच्चन, महादेवी, निराला, धर्मवीर भारती और इब्ने सफी जैसे महान साहित्यकारों को…

पुरानी पांडुलिपियों और पुस्तकों की शैली में तैयार फीचर इमेज, जिसमें श्री गंगा प्रसाद वंशावली, इलाहाबाद उच्च न्यायालय, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन (CORE), चौक की साझी तहजीब, साहित्य और शब्द तथा संगम की आस्था को दर्शाने वाले सात प्रतीकात्मक पैनल हैं। बीच में शीर्षक "प्रयागराज: सात बस्तियां – एक शहर, सात पहचानें" और ऊपर दाईं ओर "संगम तीरे" का लोगो दिखाई दे रहा है।
प्रयागराज की सात बस्तियां: एक शहर, सात पहचानें, अनगिनत कहानियां | संगम तीरे

प्रयागराज केवल संगम या कुंभ का शहर नहीं, बल्कि आस्था, न्याय, शिक्षा, प्रशासन, साहित्य, साझी तहजीब और स्मृतियों का जीवंत…

एक डिजिटल पेंटिंग जिसमें ऐतिहासिक प्रयागराज के पुराने सराय का दृश्य दिखाया गया है। बाईं ओर लोग अलाव के पास बैठे हैं और पुरानी इमारतें हैं, जबकि पृष्ठभूमि में पुराना नक्शा दिख रहा है। दाईं ओर उगते सूरज के साथ ऊंटों का कारवां और 'संगम तीरे' का लोगो ऊपर दाहिने कोने में लगा है।
कल की सरायें, आज के मोहल्ले… जहां कभी व्यापारी कारवां और मुसाफिर ठहरते थे | संगम तीरे

आज जहां रिक्शों और कारों का शोर है, कभी वहां महफिलें सजती थीं और व्यापारिक कारवां सुस्ताते थे; पढ़िए प्रयागराज…

Allahabad University UG Admission 2026, AU BA Admission 2026, AU BEd Admission 2026, Samarth Portal Registration,
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में BA और BEd कोर्स में दाखिले के लिए आवेदन शुरू, जानें आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज

Allahabad University UG Admission 2026: Applications open for BA and B.Ed admission: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी ने यूजी एडमिशन 2026 के तहत…

प्रयागराज की ऐतिहासिक फीचर इमेज जिसमें मार्क ट्वेन, फिराक गोरखपुरी, जवाहरलाल नेहरू और सी.वाई. चिंतामणि के साथ इलाहाबाद विश्वविद्यालय, द लीडर प्रेस और बहुभाषी सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया गया है।
प्रयागराज: जिस शहर का पता मार्क ट्वेन, फिराक और नेहरू तक जाता है | संगम तीरे

मार्क ट्वेन, फिराक, नेहरू, सी.वाई. चिंतामणि और अमृतलाल नागर की स्मृतियों के सहारे उस प्रयागराज की कहानी, जो कभी भारत…

अपडेट